

ऊधमसिंह नगर जिले के गदरपुर क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक अरविंद पांडे के लिए प्रशासन ने अतिक्रमण को लेकर सख्त रुख अपनाया है। प्रशासन द्वारा विधायक के गूलरभोज क्षेत्र स्थित कैंप कार्यालय को सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए जाने के आरोप में हटाने का नोटिस जारी किया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
गदरपुर के उपजिलाधिकारी द्वारा जारी यह नोटिस मंगलवार को विधायक अरविंद पांडे के कैंप कार्यालय परिसर में चस्पा किया गया। नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि संबंधित निर्माण सरकारी भूमि पर किया गया है, जो अतिक्रमण की श्रेणी में आता है। प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि उक्त अतिक्रमण को 15 दिनों के भीतर स्वयं हटा लिया जाए, अन्यथा नियमानुसार प्रशासन द्वारा इसे ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है। उच्च न्यायालय में दायर एक याचिका पर सुनवाई के बाद मामले की जांच कराई गई थी, जिसमें प्रथम दृष्टया अतिक्रमण की पुष्टि होने पर नोटिस जारी किया गया।
नोटिस जारी किए जाने के समय विधायक अरविंद पांडे कैंप कार्यालय में मौजूद नहीं थे। यह नोटिस उनके पुत्र अतुल पांडे ने प्राप्त किया। इस संबंध में प्रतिक्रिया देते हुए अतुल पांडे ने कहा, “हम न्यायालय की प्रक्रिया में पूर्ण विश्वास रखते हैं। इस नोटिस का विधिसम्मत उत्तर मेरे पिता स्वयं न्यायालय और प्रशासन के समक्ष देंगे।”
उल्लेखनीय है कि अरविंद पांडे न केवल गदरपुर से वर्तमान विधायक हैं, बल्कि पूर्व में उत्तराखंड सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। इस मामले ने क्षेत्रीय राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।




