

जवाब में भारतीय टीम 156 रन पर ढेर हो गई।

उनकी इस पारी में दमदार शॉट्स और शानदार टाइमिंग देखने को मिली। मिन्हास के सामने भारतीय गेंदबाज पूरी तरह बेबस नजर आए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को तेज शुरुआत की जरूरत थी, लेकिन दबाव में टॉप ऑर्डर पूरी तरह बिखर गया।
भारत के लिए वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे और अभिज्ञान कुंडू जैसे बल्लेबाज बड़े मुकाबले में चमक नहीं सके। पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। अली रजा ने 4/42 के शानदार आंकड़े दर्ज किए जबकि मोहम्मद सय्याम ने 2/38 और अब्दुल सुभान ने 2/29 की किफायती गेंदबाजी की। तेज और सटीक गेंदों के सामने भारत 26.2 ओवर में ही 156 रन पर सिमट गया।
यह पाकिस्तान का दूसरा यू-19 एशिया कप खिताब है। खिताब जीतने के बाद पाकिस्तानी टीम इस्लामाबाद एयरपोर्ट पहुंची, जहां खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत हुआ। फैंस और मीडिया ने खिलाड़ियों को घेर लिया और जश्न का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर टीम के स्वागत और जश्न के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे। इसके बाद इस्लामाबाद शहर में विजय परेड निकाली गई, जहां शहनाई और ढोल की आवाजों के साथ पूरे शहर को रोशनी से सजा दिया गया।
मैच के बाद भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन फाइनल में खराब गेंदबाजी भारी पड़ गई। वहीं पाकिस्तान के कप्तान फरहान यूसुफ ने टीम के सामूहिक प्रदर्शन की तारीफ करते हुए कहा कि शुरुआती हार के बाद मैनेजमेंट ने टीम से सही बात की और फाइनल में उसका असर दिखा। समीर मिन्हास को उनकी बेहतरीन बल्लेबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।




