पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) अटल पेंशन योजना के तहत अधिकतम पेंशन सीमा बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। तमाम बैंकों की ओर से मिले सुझाव के बाद पीएफआरडीए ने काम शुरू कर दिया है।

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संभावना जताई जा रही है कि भविष्य में वित्त मंत्रालय पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति दे सकता है। दिल्ली में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम में पीएफआरडीए के चेयरमैन एस. रामन ने कहा कि बैंकों की ओर से योजना के तहत ग्राहकों को पॉलिसी बेची जाती है। हमें उन्हीं बैंकों की ओर से सुझाव मिला कि अधिकतम पांच हजार रुपये की पेंशन सीमा बढ़ाने की जरूरत है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

क्योंकि काफी सारे ग्राहक बैंकों से आकर कहते हैं कि जब 20-30 वर्ष के बाद पेंशन शुरू होगी तो उस वक्त पांच हजार रुपये की पेंशन राशि पर्याप्त नहीं होगी। ऐसे में उसकी सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। अब बैंकों के सुझाव पर हम काम कर रहे हैं। हालांकि आंकड़े बताते हैं कि करीब 80 फीसदी पेंशन योजना से जुड़े सदस्य एक हजार की पेंशन योजना के दायरे में है, लेकिन पांच हजार रुपये की पेंशन पाने वाले सदस्यों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिसे देखते हुए हम पेंशन की अधिकतम सीमा बढ़ाने का विचार कर रहे हैं जिससे कि असंगठित क्षेत्र के कर्मचारी चाहें तो पांच हजार से अधिक की पेंशन वाले स्लैब में शामिल होकर अपना अंशदान बढ़वा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना काफी सफल है। सालाना 18-20 फीसदी की बढ़त हो रही है।

योजना को मजबूत बनने की जरूरत: वित्त सचिव

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि अटल पेंशन योजना वित्त वर्ष 2025-26 में 54 हजार करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गईं। इस दौरान रिकॉर्ड 1.35 करोड़ नए सदस्य जुड़े। 18 मई 2026 तक योजना में कुल नामांकन 9.10 करोड़ के पार पहुंच गया। उन्होंने कहा कि योजना को और मजबूत बनाने के लिए लोगों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाना, ग्राहकों को लंबे समय तक योजना से जोड़े रखना और शहरी असंगठित क्षेत्र तक पहुंच बढ़ाना जरूरी है। समारोह में 53 सेवा प्रदाताओं (एसपी), 10 राज्य स्तरीय बैंकर्स समितियों (एसएलबीसी) और पांच बैंक शाखाओं व लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) को बेहतर सेवा के लिए सम्मानित किया गया।

क्या है योजना

अटल पेंशन योजना (एपीवाई) असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए सरकार समर्थित स्वैच्छिक पेंशन योजना है, जिसका उद्देश्य लोगों को बुढ़ापे में नियमित पेंशन सुरक्षा देना है। योजना से जुड़ने के लिए 18-40 वर्ष के बीच उम्र होनी चाहिए। योजना के जरिए 60 वर्ष की उम्र के बाद न्यूनतम एक हजार और अधिकतम पांच हजार रुपये तक मासिक पेंशन दिए जाने का प्रावधान है।

एनपीएस से जुड़ने वालों की संख्या बढ़ी

पीएफआरडीओ के चेयरमैन ने कहा कि एनपीएस से जुड़ने वालों लोगों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में नई सेवानिवृत्ति आय योजना (आरआईएस) लांच की है। इसका उद्देश्य रिटायर होने वाले कर्मचारी 60 वर्ष की आयु से लेकर 85 वर्ष की आयु तक अपने कॉर्पस फंड से म्यूचुअल फंड की तरह मासिक, त्रैमासिक या वार्षिक आधार पर नियमित किस्तें निकाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार लोगों को सेवानिवृत्ति के समय नहीं, बल्कि उम्र बढ़ने पर अधिक धनराशि की जरूरत होती है। इसलिए पीएफआरडीए चाहता है कि लोग सेवानिवृत्त होने पर तीन-चार प्रतिशत की धनराशि सालाना तौर पर निकालें। इससे उनकी कॉर्पस फंड बढ़ता जाएगा.

पेंशन फंड रेगुलेटर ‘पीएफआरडीए’ (PFRDA) के चेयरमैन एस रमन के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष (2026-27) में इस योजना से जुड़ने वाले लोगों (अंशधारकों) की कुल संख्या 10 करोड़ के जादुई आंकड़े को पार कर जाएगी.

सालाना 18% की रफ्तार से बढ़ रहे हैं ग्राहक

अटल पेंशन योजना की सालाना ग्रोथ रेट (बढ़त) करीब 18 फीसदी बनी हुई है. आंकड़ों की नजर से देखें तो यह योजना देश में कितनी तेजी से पैर पसार रही है.

  • वित्त वर्ष 2024-25 का अंत: ग्राहकों की संख्या 7.61 करोड़ थी.
  • वित्त वर्ष 2025-26 का अंत: संख्या बढ़कर 8.96 करोड़ हो गई. (यानी सिर्फ एक साल में रिकॉर्ड 1.35 करोड़ नए लोग जुड़े!)
  • ताजा स्थिति (30 अप्रैल 2026 तक): यह आंकड़ा 9.04 करोड़ को भी पार कर चुका है.

पीएफआरडीए प्रमुख ने बताया कि इस योजना में सबसे अच्छी बात यह देखी जा रही है कि 18 से 25 साल के युवाओं का नामांकन (रजिस्ट्रेशन) बहुत तेजी से बढ़ा है. इसका मतलब है कि देश के युवा अब अपने भविष्य और बुढ़ापे को सुरक्षित करने के लिए काफी गंभीर हो रहे हैं.

क्या है अटल पेंशन योजना ?

यह योजना साल 2015 में विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुरू की गई थी जो असंगठित क्षेत्र (Unorganised Sector) में काम करते हैं, जैसे मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले, ड्राइवर, या घरों में काम करने वाले लोग, जिनका कोई निश्चित पीएफ (PF) या पेंशन नहीं होती.

  • कौन जुड़ सकता है: 18 से 40 वर्ष की उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक जिसका बैंक खाता हो और वह इनकम टैक्स (आयकर) न देता हो.
  • फायदा क्या है: आपके द्वारा जमा किए जाने वाले मासिक प्रीमियम (अंशदान) के आधार पर, 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद आपको हर महीने ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक की न्यूनतम गारंटीड पेंशन मिलती है.

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) का भी जलवा

अटल पेंशन योजना के साथ-साथ नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) का बाजार भी तेजी से बड़ा हो रहा है. पीएफआरडीए का अनुमान है कि इस साल (2026-27) एनपीएस के ग्राहकों में 22% से ज्यादा की बढ़त देखने को मिल सकती है.


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