ऋषिकेश। चंद्रभागा नदी किनारे हुए अतिक्रमण पर शनिवार को नगर निगम टीम ने कार्रवाई की। करीब पचास झोपड़ियों को जेसीबी से ध्वस्त किया गया। भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न करने को चेताया गया।

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इस दौरान गंगा से सटे चंद्रभागा नदी के क्षेत्र में सफाई अभियान भी चलाया गया।

✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी

चंद्रभागा नदी में केवल मानसून के समय पानी आता है। बाकी समय यह नदी सूखी रहती है। नदी के किनारों पर अतिक्रमण कर झुग्गी-झोपड़ी बना दी गई है। बीच-बीच में नगर निगम और प्रशासन इन्हें हटाता है। लेकिन फिर से अतिक्रमण हो जाता है। शनिवार को नगर निगम ने फिर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। निगम ने गंगा में नाव घाट से चंद्रभागा नदी की ओर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया।

जेसीबी लेकर पहुंची नगर निगम की टीम को देखकर वहां अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने खुद ही झुगियां को हटाना शुरू कर दिया। नगर निगम टीम ने जेसीबी की मदद से झुग्गी झोपड़ियां को हटाना शुरू किया। यह बड़ी संख्या में झुग्गी डाली गई है। निगम टीम ने दो जेसीबी की मदद से कार्रवाई की। इस दौरान कुछ लोगों ने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध किया। हालांकि, पुलिस की मौजूदगी के कारण विरोध नहीं टिक पाया। नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल भी अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान मौजूद रहे।

नगर निगम की ओर से गंगा से सटे चंद्रभागा नदी के क्षेत्र में सफाई अभियान भी चलाया गया। गंगा की सहायक नदी होने के कारण यहां की गंदगी सीधे गंगा में जाती है। कार्रवाई के दौरान सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट, सहायक नगर आयुक्त अमन कुमार, नायब तहसीलदार जाहिद हसन, त्रिवेणी घाट चौकी प्रभारी विनेश कुमार, वरिष्ठ सफाई निरीक्षक अमित नेगी, सुभाष सेमवाल आदि मौजूद रहे।

हटाने के बाद फिर हो जाता है अतिक्रमण

चंद्रभागा नदी में नगर निगम पहले भी अतिक्रमण पर कार्रवाई कर चुका है। करीब आठ माह पहले भी यहां से झोपड़ियां हटाई गई थी। उसके कुछ दिन बाद फिर से यहां झोपड़ियां डाल दी जाती है। इसको लेकर समय-समय पर शिकायत होती रहती है। गंदगी सीधे गंगा में जाने को लेकर सवाल उठते रहते हैं। शुक्रवार को नमामि गंगे के निदेशक विशाल मिश्रा ने भी निरीक्षण किया था। उन्होंने गंगा की सहायक नदी चंद्रभागा में गंदगी और अतिक्रमण को लेकर नाराजगी जताई थी।


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