देहरादून अपर जिला एवं सेशन जज फास्ट ट्रैक कोर्ट मंजू सिंह मुंडे की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष कठोर कारावास और 90 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। आरोपित और पीड़िता एक ही गांव के हैं और आरोपित रिश्ते का भाई है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड

शासकीय अधिवक्ता किशोर कुमार के अनुसार चकराता स्थित एक गांव के व्यक्ति ने 24 अक्टूबर 2022 को राजस्व पुलिस को सूचना दी कि उनकी नाबालिग पुत्री सुबह आठ बजे शौच के लिए घर से निकली थी।

काफी समय बाद भी जब वह घर नहीं लौटी तो उसकी तलाश की। लेकिन उसका कहीं पता नहीं लगा। काफी तलाश के बाद पता चला कि गांव का ही एक व्यक्ति भी घर से गायब है। ऐसे में ग्रामीणों का शक व्यक्ति पर गया। आरोपित शादीशुदा है।

आरोपित को जब फोन किया तो उसने बताया कि वह उनकी पुत्री को भगाकर ले गया है। ऐसे में उसकी तलाश मत करना। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित को 10 मार्च 2023 को गिरफ्तार कर पीड़िता को बरामद कर लिया।

पीड़िता ने बयानों में बताया कि वह आरोपित के घर अपने किसी दोस्त से बातचीत करने के लिए जाती थी। इसके बाद गांव वालों ने दोनों के बारे में गलत बातें करनी शुरू कर दी। बदनामी का डर दिखाकर आरोपित उसे भगाकर ले गया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

आरोपित उसे हिमाचल प्रदेश ले गया। कुछ समय बाद उसे पता चला कि वह गर्भवती है और हिमाचल में रहने के दौरान उसने बच्चे को जन्म दिया।


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