इससे पहले बीते अप्रैल में उत्तराखंड एसटीएफ और देहरादून पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत इस नेटवर्क के एक स्लीपर सेल एजेंट को गिरफ्तार किया था।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
अप्रैल में देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत झाझरा इलाके से विक्रांत कश्यप नामक युवक को गिरफ्तार किया गया था। उत्तराखंड एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पकड़े गए आरोपित के पाकिस्तान कनेक्शन उजागर हुआ था।
जांच में सामने आया था कि आरोपित इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों के लगातार संपर्क में था। गिरफ्तारी के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपित के कब्जे से प्वाइंट 32 बोर की पिस्टल, सात जिंदा कारतूस, स्प्रे पेंट का एक केन और मोबाइल फोन बरामद किया था। पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए थे।
आरोपित देहरादून के संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों, जिनमें पुलिस मुख्यालय और आइएसबीटी जैसे स्थान शामिल हैं, की रेकी कर रहा था। एजेंसियों के अनुसार उसका मकसद राज्य में दहशत फैलाने और बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी करना था।
जांच में यह भी सामने आया था कि आरोपित ने देहरादून के विभिन्न इलाकों में दीवारों पर तहरीक-ए-तालिबान-हिंदुस्तान (टीटीएच) लिखकर भय और भ्रम का माहौल बनाने की कोशिश की थी।
इस संवेदनशील मामले में राज्य की खुफिया एजेंसियों ने विकसित इनपुट के आधार पर कार्रवाई की गई थी, जबकि जांच में राष्ट्रीय एजेंसियां भी शामिल हुई थीं। अब सहारनपुर में शहजाद भट्टी गैंग के चार संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और सतर्कता दोनों बढ़ा दी हैं।
