उत्तराखंड,शोक संदेश अत्यंत दुखद समाचार आज हमने अपने वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी एवं ट्रेड यूनियन नेता, उत्तराखंड की समस्याओं के लिए सदैव अग्रिम पंक्ति में खड़े रहने वाले श्री वेद प्रकाश शर्मा जी को खो दिया। उनके निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उनके निधन से समस्त राज्य आंदोलनकारियों, सामाजिक एवं श्रमिक संगठनों में गहरा शोक व्याप्त है। श्री वेद प्रकाश शर्मा जी ने ऋषिकेश क्षेत्र में वंचित एवं पात्र राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण के लिए महत्वपूर्ण संघर्ष किया और अनेक आंदोलनकारियों को पहचान एवं सम्मान दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देहरादून में उत्तराखंड राज्य की मांग तथा राज्य की विभिन्न समस्याओं को लेकर वे समय-समय पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों में सक्रियता से भाग लेते रहे। उनका संघर्ष, समर्पण और उत्तराखंड के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव स्मरणीय रहेगी। उनके निधन से राज्य आंदोलन को जो क्षति हुई है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
उत्तराखंड ने खोया एक और जांबाज सिपाही: वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी पूर्व प्रधान एवं ट्रेड यूनियन नेता वेद प्रकाश शर्मा का निधन।
उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के अग्रणी योद्धा और सशक्त श्रमिक नेता श्री वेद प्रकाश शर्मा का आज निधन हो गया है। उनके निधन से पूरे प्रदेश में, विशेषकर राज्य आंदोलनकारियों और श्रमिक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई है। वे लंबे समय से उत्तराखंड की जनसमस्याओं, मजदूरों के अधिकारों और राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान के लिए पूरी सक्रियता से संघर्षरत रहे थे।राज्य आंदोलन में अहम योगदानश्री वेद प्रकाश शर्मा ने उत्तराखंड राज्य निर्माण के दौरान देहरादून और ऋषिकेश क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई। राज्य गठन के बाद भी वे चुप नहीं बैठे, बल्कि वे उन गिने-चुने नेताओं में शामिल थे जिन्होंने वंचित और पात्र राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण (identification) के लिए कड़ा संघर्ष किया। ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में कई ऐसे आंदोलनकारी थे, जिन्हें प्रशासनिक उपेक्षा के कारण पहचान नहीं मिल पा रही थी। श्री शर्मा ने ऐसे तमाम आंदोलनकारियों को उनका हक, पहचान और सम्मान दिलाने के लिए प्रशासनिक स्तर से लेकर सड़कों तक लंबी लड़ाई लड़ी।ट्रेड यूनियन और श्रमिक हितों के पैरोकारकेवल राज्य आंदोलन ही नहीं, बल्कि वे ट्रेड यूनियन आंदोलनों के भी एक मजबूत स्तंभ थे। मजदूरों और कामगारों के अधिकारों का हनन होने पर वे सदैव विरोध के लिए सबसे आगे खड़े रहते थे। देहरादून और ऋषिकेश में श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए उन्होंने कई सफल धरने, प्रदर्शन और रैलियों का नेतृत्व किया।जनसमस्याओं के लिए हमेशा रहे मुखरउत्तराखंड की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक समस्याओं को लेकर श्री शर्मा हमेशा चिंतित रहते थे। जनहित के मुद्दों पर शासन-प्रशासन की कमियों को उजागर करने में वे कभी पीछे नहीं हटे। उनकी कार्यशैली और निडरता उन्हें एक जननेता बनाती थी।शोक की लहरउनके निधन पर विभिन्न राज्य आंदोलनकारी संगठनों, ट्रेड यूनियन के सदस्यों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी ने एक स्वर में कहा कि श्री वेद प्रकाश शर्मा का जाना उत्तराखंड के वैचारिक और सामाजिक आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई होना कठिन है।ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों और अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस असीम दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।ॐ शांति! ॐ शांति!! ॐ शांति!!!
