रुद्रपुर। पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बागवाला के पास सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। साइन बोर्ड लगाने के लिए खोदे गए गड्ढे खुले छोड़ दिए गए हैं और सड़क किनारे फैली मिट्टी भी दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, महज दो दिनों में यहां कई सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें छह लोग घायल हुए हैं।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
रविवार को भी गड्ढों की वजह से एक राहगीर घायल हो गया। सूचना मिलने पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल मौके पर पहुंचे। समाजसेवी ललित मिश्रा ने घायल को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।
सवाल—हादसे के बाद भी क्यों नहीं जागा सिस्टम?
लगातार हादसों से नाराज ठुकराल के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। लोगों का कहना था कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे व्यस्त मार्ग पर यदि निर्माण या साइन बोर्ड लगाने का काम चल रहा है तो वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
खुले गड्ढे, सड़क पर फैली मिट्टी और वाहनों की लगातार आवाजाही के बीच दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने मांग की कि गड्ढों को तत्काल भरा जाए, सड़क से मिट्टी हटाई जाए और वाहन चालकों को स्पष्ट चेतावनी देने के लिए सुरक्षा संकेतक लगाए जाएं।
ठुकराल ने SDM को फोन कर जताई नाराजगी
मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पूरे मामले की जानकारी एसडीएम मनीष बिष्ट को फोन पर दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर काम के दौरान सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जाना चाहिए। गड्ढों को खुला छोड़ना और सड़क पर मिट्टी फैलने देना वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा है।
ठुकराल ने अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय अभी सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जानी चाहिए।
SDM ने NHAI अधिकारियों को दिए तत्काल व्यवस्था सुधारने के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम मनीष बिष्ट ने एनएचएआई अधिकारियों से फोन पर बात की और सड़क पर फैली मिट्टी तथा खुले गड्ढों की समस्या को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
अब सवाल यह है कि निर्देश के बाद हाईवे कब सुरक्षित होगा? क्या खुले गड्ढे भरे जाएंगे? क्या सड़क पर फैली मिट्टी हटेगी? और क्या जिम्मेदार एजेंसी यह सुनिश्चित करेगी कि आगे कोई व्यक्ति इन गड्ढों का शिकार न बने?
हाईवे पर विकास कार्य जरूरी है, लेकिन विकास के नाम पर सुरक्षा से समझौता आखिर कब तक?
इस दौरान अंकेश्वर कुमार, जसविंदर सिंह, विजेंदर सिंह, दिनेश ढाली, सुदर्शन प्रसाद, ललित सिंह बिष्ट, राजेश कुमार, अरुण समेत स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
