लोक निर्माण विभाग की योजना के तहत ज्यादा ट्रैफिक वाले बाजारों को प्राथमिकता के आधार पर बाईपास किया जाएगा।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
बाजार से पहले ही सड़कों पर टनल निकाली जाएंगी जो यातायात को पूरी तरह बाईपास कर देगी। विदित है कि राज्य में संकरी सड़कों की वजह से आए दिन जाम की स्थिति पैदा हो रही है। खासकर चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थिति लगातार खराब हो रही है।
सर्वे का काम पूरा हो चुका
ऐसे में इस समस्या के समाधान के लिए अब टनल बाईपास को विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ टनल प्रोजेक्ट के लिए सर्वे की प्रक्रिया पूरी हो गई है जबकि डीपीआर आदि का निर्माण शुरू किया जा रहा है। कुछ स्थानों के लिए अभी प्लानिंग शुरू की जा रही है।
यहां प्रयोग सफल
ऑल वेदर रोड पर चंबा में तैयार की गई टनल से चंबा शहर में जाम की समस्या का काफी हद तक सफल रहा है। इसी तरह डाटकाली टनल से भी देहरादून का आवागमन खासा आसान हुआ है। इसी तरह यमुनोत्री के लिए तैयार की जा रही सिलक्यारा टनल का काम भी अंतिम चरण में है।
अन्य शहरों के लिए क्या प्लान?
लोक निर्माण विभाग के एचओडी राजेश शर्मा ने बताया कि ‘राज्य के शहर और कस्बों पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए टनल प्रोजेक्ट पर विचार किया जा रहा है। प्राथमिकता के आधार पर कुछ शहरों का चुनाव किया गया है, जबकि अन्य के लिए संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।’
पौड़ी, श्रीनगर, पिथौरागढ़ और लोहाघाट में बनेंगे टनल बाईपास
जिन सात शहर और कस्बों को टनल बाईपास के लिए चुना गया है उनमें पौड़ी, श्रीनगर, चमोली, लोहाघाट और पिथौरागढ़ शामिल हैं। इसके अलावा गुप्तकाशी को बाईपास करने के लिए सोनप्रयाग से कालीमठ और चमोली के लिए नया रूट विकसित करने के लिए सोनप्रयाग से चौमासी तक भी टनल बनाने की योजना है। यह दोनों ही टनल प्रोजेक्ट केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा को भी सुगम बनाएंगे।
