पश्चिम एशिया में चल रहा तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रविवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान के खिलाफ एक और बड़ा और आक्रामक सैन्य अभियान शुरू कर दिया है।

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अमेरिकी सेना ने जमीन, समुद्र और हवा से एक साथ कार्रवाई करते हुए ईरान के भीतर करीब 140 सैन्य ठिकानों पर बेहद सटीक हमले किए हैं।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड

सेंटकॉम के अनुसार, इस बड़े हमले का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाने की ईरानी क्षमता को पूरी तरह से कमजोर और ध्वस्त करना है। इस भारी बमबारी के बाद ईरान के कई प्रांतों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में युद्ध की आशंका और गहरी हो गई है।

लड़ाकू विमानों और नौसैनिक जहाजों से बरसीं मिसाइलें, दक्षिणी ईरान के तीन प्रमुख शहरों में गूंजे धमाके
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस ताजा और तीसरे दौर के हमले में अमेरिकी सेना ने अपने आधुनिक लड़ाकू विमानों, ड्रोन्स और नौसैनिक युद्धपोतों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। अमेरिकी मिसाइलों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स, नौसैनिक ठिकानों, गुप्त हथियार भंडारों, संचार नेटवर्क और तटीय निगरानी केंद्रों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी ने भी इस हमले की पुष्टि की है।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी हमलों के बाद दक्षिणी ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण शहरों जास्क, बंदर अब्बास और सीरिक में तीन भीषण विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों के बीच भारी दहशत फैल गई।

​ईरान ने अमेरिकी हमलों को बताया यूएन चार्टर का उल्लंघन, जवाबी कार्रवाई की दी सीधी चेतावनी
​इस भीषण अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर ईरान के विदेश मंत्रालय ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईरान ने पिछले 24 घंटों में हुए इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इन्हें संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर का घोर और खुला उल्लंघन करार दिया है। तेहरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका के इन हमलों ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने और तनाव कम करने के हालिया राजनयिक प्रयासों को भारी नुकसान पहुंचाया है।

इसके साथ ही ईरान ने मस्कट में हुई द्विपक्षीय वार्ता के नतीजों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के कथित बयानों को “पूरी तरह झूठ” बताते हुए खारिज कर दिया। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इन हमलों के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए कड़ी जवाबी कार्रवाई करेगा।

​संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने जताई पूर्ण युद्ध की चिंता; डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी दावों को किया खारिज

​ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते इस भीषण सैन्य टकराव पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गहरी चिंता व्यक्त की है। यूएन प्रमुख ने चेतावनी दी है कि अगर दोनों देशों के बीच हालात इसी तरह बिगड़ते रहे और यह विवाद एक पूर्ण युद्ध में तब्दील हुआ, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्र के आम लोगों के लिए इसके “विनाशकारी परिणाम” होंगे। गुटेरेस ने दोनों पक्षों से तत्काल युद्ध रोकने और कूटनीति के जरिए लंबित मुद्दों को सुलझाने की अपील की है।

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यक्रम में गरजते हुए कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खुला है और अमेरिका इस समुद्री मार्ग पर ईरान के किसी भी प्रकार के अवैध एकाधिकार या नियंत्रण के दावों को कभी स्वीकार नहीं करेगा।


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