Breaking News

उत्तराखण्ड

View All

अजब-गजब उत्तराखंड: आपदाओं की पीड़ा पर सम्मान के तमगे?

युवाओं के विचारों से बनेगा नए रुद्रपुर का रोडमैप”नई सोच नया रुद्रपुर युवा संवाद-2026″ ने विकास की नई दिशा दिखाई

उत्तराखंड के खटीमा में शादी के बीच दूल्हा पक्ष की डिमांड सुनकर दुल्हन के पिता इतने सदमे में आ गए कि उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस घटना से शादी में अफरा-तफरी मच गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने दूल्हे, उसके पिता, भाई और बारातियों को बंधक बना लिया।

कहानियां वक्त और दूरियों की सीमा से परे होती हैं, और जब वो हकीकत बनती हैं, तो पथराई आंखों से भी आंसुओं का समंदर बह निकलता है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग के दौलीगाड़ क्षेत्र से ऐसा ही नजारा देखने को मिला।

देश

View All

सरकार आंदोलनकारियों से झूठ बोल रही है, सम्मान परिषद में दायित्वधारियों की भीड़ बढ़ाना केवल दिखावा धीरेंद्र प्रताप?10 प्रतिशत आरक्षण, आश्रितों के अधिकार, पेंशन वृद्धि और चिन्हीकरण पर सरकार को घेरा; कहा- आंदोलनकारियों को भिखारी बना दिया गया

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य…

फाजलपुर मेहरौला की समस्याओं को लेकर वार्डवासियों ने डीएम को सौंपा ज्ञापनपूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे दर्जनों नागरिक

रुद्रपुर। वार्ड नंबर 25 फाजलपुर मेहरौला की विभिन्न समस्याओं को लेकर क्षेत्र के दर्जनों नागरिकों…

प्रेम आश्रम धाम में 72वां वार्षिक विशाल जागरण, हवन-पूजन एवं भंडारा श्रद्धा-भक्ति के साथ संपन्न

रुद्रपुर। संपतपुर स्थित श्री प्रेम आश्रम धाम में गुरु गायत्री नाथ महाराज के सानिध्य में…

यमकेश्वर में हिमालय क्रांति पार्टी की ‘पहाड़ स्वाभिमान यात्रा’, सत्ता परिवर्तन का आह्वान

यमकेश्वर। हिमालय क्रांति पार्टी (एचकेपी) की ‘पहाड़ स्वाभिमान यात्रा’ रविवार को यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में…

दुनिया

View All

युवाओं के विचारों से बनेगा नए रुद्रपुर का रोडमैप”नई सोच नया रुद्रपुर युवा संवाद-2026″ ने विकास की नई दिशा दिखाई

उत्तराखंड के खटीमा में शादी के बीच दूल्हा पक्ष की डिमांड सुनकर दुल्हन के पिता इतने सदमे में आ गए कि उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस घटना से शादी में अफरा-तफरी मच गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने दूल्हे, उसके पिता, भाई और बारातियों को बंधक बना लिया।

कहानियां वक्त और दूरियों की सीमा से परे होती हैं, और जब वो हकीकत बनती हैं, तो पथराई आंखों से भी आंसुओं का समंदर बह निकलता है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग के दौलीगाड़ क्षेत्र से ऐसा ही नजारा देखने को मिला।

हारी हुई 23 सीटों पर दरारें भरेगा भाजपा का चक्रव्यूह, 2027 चुनाव के लिए BJP का विशेष अभियान

Express News

View All

युवाओं के विचारों से बनेगा नए रुद्रपुर का रोडमैप”नई सोच नया रुद्रपुर युवा संवाद-2026″ ने विकास की नई दिशा दिखाई

रुद्रपुर। किसी भी शहर का भविष्य केवल सरकारी योजनाओं से तय नहीं होता, बल्कि उस शहर के लोगों, विशेषकर युवाओं…

Read More

उत्तराखंड के खटीमा में शादी के बीच दूल्हा पक्ष की डिमांड सुनकर दुल्हन के पिता इतने सदमे में आ गए कि उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस घटना से शादी में अफरा-तफरी मच गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने दूल्हे, उसके पिता, भाई और बारातियों को बंधक बना लिया।

इस दौरान स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कई बाराती जान बचाने को मैरिज हॉल के पास मकान की छत…

Read More

कहानियां वक्त और दूरियों की सीमा से परे होती हैं, और जब वो हकीकत बनती हैं, तो पथराई आंखों से भी आंसुओं का समंदर बह निकलता है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग के दौलीगाड़ क्षेत्र से ऐसा ही नजारा देखने को मिला।

हारी हुई 23 सीटों पर दरारें भरेगा भाजपा का चक्रव्यूह, 2027 चुनाव के लिए BJP का विशेष अभियान

अल्मोड़ा। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में सेना के विशेष सर्च अभियान ‘आपरेशन शेरूगली’ का नेतृत्व करने के दौरान अल्मोड़ा के लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी शनिवार को गहरी खाई में गिरने से बलिदान हो गए।

देहरादून। राजकीय पालिटेक्निक संस्थान पित्थूवाला में शिक्षकों के साथ मारपीट करने वाले दारोगा को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने निलंबित कर दिया है।

सरकार आंदोलनकारियों से झूठ बोल रही है, सम्मान परिषद में दायित्वधारियों की भीड़ बढ़ाना केवल दिखावा धीरेंद्र प्रताप?10 प्रतिशत आरक्षण, आश्रितों के अधिकार, पेंशन वृद्धि और चिन्हीकरण पर सरकार को घेरा; कहा- आंदोलनकारियों को भिखारी बना दिया गया

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद में लगातार बढ़ाए जा रहे दायित्वधारियों…

Read More

फाजलपुर मेहरौला की समस्याओं को लेकर वार्डवासियों ने डीएम को सौंपा ज्ञापनपूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे दर्जनों नागरिक

रुद्रपुर। वार्ड नंबर 25 फाजलपुर मेहरौला की विभिन्न समस्याओं को लेकर क्षेत्र के दर्जनों नागरिकों ने पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के नेतृत्व में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदोरिया एवं अपर जिलाधिकारी…

Read More

प्रेम आश्रम धाम में 72वां वार्षिक विशाल जागरण, हवन-पूजन एवं भंडारा श्रद्धा-भक्ति के साथ संपन्न

रुद्रपुर। संपतपुर स्थित श्री प्रेम आश्रम धाम में गुरु गायत्री नाथ महाराज के सानिध्य में आयोजित 72वें वार्षिक विशाल जागरण, हवन-पूजन एवं भंडारे का आयोजन श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव…

Read More

यमकेश्वर में हिमालय क्रांति पार्टी की ‘पहाड़ स्वाभिमान यात्रा’, सत्ता परिवर्तन का आह्वान

यमकेश्वर। हिमालय क्रांति पार्टी (एचकेपी) की ‘पहाड़ स्वाभिमान यात्रा’ रविवार को यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में पहुंची। यात्रा के दौरान कांडी से जोंक तक विभिन्न गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों…

Read More

उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

Read More

हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

Read More

ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

Read More

कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

Read More

सरकार आंदोलनकारियों से झूठ बोल रही है, सम्मान परिषद में दायित्वधारियों की भीड़ बढ़ाना केवल दिखावा धीरेंद्र प्रताप?10 प्रतिशत आरक्षण, आश्रितों के अधिकार, पेंशन वृद्धि और चिन्हीकरण पर सरकार को घेरा; कहा- आंदोलनकारियों को भिखारी बना दिया गया

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप ने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद में लगातार बढ़ाए जा रहे दायित्वधारियों […]

फाजलपुर मेहरौला की समस्याओं को लेकर वार्डवासियों ने डीएम को सौंपा ज्ञापनपूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचे दर्जनों नागरिक

रुद्रपुर। वार्ड नंबर 25 फाजलपुर मेहरौला की विभिन्न समस्याओं को लेकर क्षेत्र के दर्जनों नागरिकों ने पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के नेतृत्व में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदोरिया एवं अपर जिलाधिकारी […]

प्रेम आश्रम धाम में 72वां वार्षिक विशाल जागरण, हवन-पूजन एवं भंडारा श्रद्धा-भक्ति के साथ संपन्न

रुद्रपुर। संपतपुर स्थित श्री प्रेम आश्रम धाम में गुरु गायत्री नाथ महाराज के सानिध्य में आयोजित 72वें वार्षिक विशाल जागरण, हवन-पूजन एवं भंडारे का आयोजन श्रद्धा, आस्था और भक्ति भाव […]

यमकेश्वर में हिमालय क्रांति पार्टी की ‘पहाड़ स्वाभिमान यात्रा’, सत्ता परिवर्तन का आह्वान

यमकेश्वर। हिमालय क्रांति पार्टी (एचकेपी) की ‘पहाड़ स्वाभिमान यात्रा’ रविवार को यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र में पहुंची। यात्रा के दौरान कांडी से जोंक तक विभिन्न गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों […]

अभिनेत्री कंगना रनौत की नई फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ जल्द ही सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। हाल ही में इस फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया, जिसे दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है।

ट्रेलर लॉन्च इवेंट के दौरान, कंगना ने बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया, जिसने उनके प्रशंसकों को गर्व महसूस कराया। अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान […]

दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया’ ब्लॉक की बैठक कांग्रेस, टीएमसी समेत कई पार्टियों के प्रमुख नेता शामिल हुए। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सभी नेताओं का स्वागत किया और केंद्र सरकार पर हमला बोला।

डीएमके और आम आदमी पार्टी ने गठबंधन से दूरी बना ली है। दोनों पार्टियों ने कांग्रेस पर धोखा देने के आरोप लगाए हैं। अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, […]

राज्य बनाने वालों के आश्रित आज बेबस, सरकार के पुरस्कारों के बीच दर्द की अनसुनी दास्तान

उत्तराखंड राज्य आंदोलन की लड़ाई लड़ने वाले सेनानी आज उम्र के अंतिम पड़ाव पर हैं। किसी के कदम जवाब दे चुके हैं, कोई बीमारी से जूझ रहा है और कई […]

बिधायकों और नेताओं के नाम पर या उन्हीं को निशाना बनाकर ठगी करने वाले गिरोह आए दिन सुर्खियों में आते रहते हैं, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है. हरिद्वार जिले की खानपुर विधानसभा सीट से विधायक उमेश कुमार शर्मा खुद एक ऑनलाइन ठगी के शिकार हो गए.

झारखंड के रांची में बैठे एक शख्स ने व्हाट्सएप के जरिए पुरानी मॉरिस कार बेचने का लालच देकर उनसे साढ़े चार लाख रुपये ऐंठ लिए और फिर न कार दी, […]

अजब-गजब उत्तराखंड: आपदाओं की पीड़ा पर सम्मान के तमगे?

उत्तराखंड  देवभूमि हिमालय की गोद में बसा यह राज्य प्राकृतिक सौंदर्य, नदियों, ग्लेशियरों और धार्मिक आस्था का केंद्र है। लेकिन पिछले दो दशकों में यह राज्य एक और पहचान से […]

युवाओं के विचारों से बनेगा नए रुद्रपुर का रोडमैप”नई सोच नया रुद्रपुर युवा संवाद-2026″ ने विकास की नई दिशा दिखाई

रुद्रपुर। किसी भी शहर का भविष्य केवल सरकारी योजनाओं से तय नहीं होता, बल्कि उस शहर के लोगों, विशेषकर युवाओं की सोच, सपनों और भागीदारी से तय होता है। यही […]