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हेड कॉन्स्टेबल नितिन ने कभी सोचा नहीं था कि इकलौता बेटा उसके लाड़-प्यार के बदले उसे मौत की नींद सुला देगा। अपने कमरे में सो रहे पिता की कनपटी पर गोली मारते समय 19 वर्षीय अरमान के एक बार भी हाथ नहीं कांपे।

लखनऊ. मोहनलालगंज क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने राजेश उर्फ गुड्डू और हरिराम के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मुकदमा दर्ज किया था.

फर्जी प्रमाणपत्रों का खेल: मेहनती युवाओं के हक पर डाका, पूरे उत्तराखंड में हो सत्यापन अभियान

उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न: पहाड़ से मैदान तक बारिश का कहररेड अलर्ट के बीच कल्याणी नदी का जलस्तर बढ़ा, रुद्रपुर के लोगों को सतर्क रहने की सलाह; आदि कैलास और पूर्णागिरि यात्रा रोकी गईरुद्रपुर/

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प्रभु श्रीराम को समर्पित होगी रुद्रपुर की पर्वतीय शैली की संगीतमयी रामलीला:पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल को प्रथम निमंत्रण, पर्वतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा को मिलेगा मंच

रुद्रपुर। प्रभु श्रीराम की भक्ति, पर्वतीय संस्कृति और लोक परंपरा को समर्पित रुद्रपुर में पहली…

विश्व पर्यटन दिवस के रंगारंग कार्यक्रमों की धूम केंद्रीय विश्वविद्यालय में भव्य और अभिनव आयोजन!गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में विश्व पर्यटन दिवस की धूम,

श्रीनगर/देहरादून।विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित तीन…

देशभक्ति के गीतों से गूंजा सिटी क्लब, राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता में दिखा उत्साह

रुद्रपुर। भारत विकास परिषद रुद्रपुर शाखा एवं शहीद उधम सिंह शाखा के संयुक्त तत्वावधान में…

हाईवे पर ‘मौत के गड्ढे’! दो दिन में 6 घायल, फिर भी NHAI बेखबर?बागवाला के पास साइन बोर्ड के लिए खोदे गड्ढे बने हादसों का जाल, सड़क पर बिखरी मिट्टी ने बढ़ाया खतरा—ठुकराल ने अधिकारियों को फोन कर जताई नाराजगी

रुद्रपुर। पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बागवाला के पास सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का…

दुनिया

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भाद्रपद पूर्णिमा के अगले दिन से आश्विन माह का आरंभ होता है और इसी के साथ पितृ पक्ष की शुरुआत होती है। यह अवधि पितरों को प्रसन्न करने के लिए अधिक शुभ मानी जाती है।

उत्तराखंड के मोतीचूर में पुश्तैनी जमीन में हिस्सा नहीं मिलने से नाराज एक बेटी ने अपने प्रेमी के हाथों मां की हत्या कराई थी। पुलिस ने शनिवार को इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी बेटी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया।

उत्तराखंड में फिर बिगड़ा मौसम: 13 जिलों में बारिश का असर, पहाड़ों में भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा27 सितंबर 2026 | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

पितृ पक्ष 2026: पितृ पक्ष की शुरुआत 27 सितंबर से होने जा रही है। 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ पितृ पक्ष का समापन होगा। यानी करीब 14 दिनों तक लोग पितरों का स्मरण करेंगे और अपनी परंपरा के अनुसार श्राद्ध, तर्पण और दान करेंगे।

Express News

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उत्तराखंड में फिर बिगड़ा मौसम: 13 जिलों में बारिश का असर, पहाड़ों में भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा27 सितंबर 2026 | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

उत्तराखंड में सितंबर के अंतिम सप्ताह में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। 26 और 27 सितंबर को…

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पितृ पक्ष 2026: पितृ पक्ष की शुरुआत 27 सितंबर से होने जा रही है। 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ पितृ पक्ष का समापन होगा। यानी करीब 14 दिनों तक लोग पितरों का स्मरण करेंगे और अपनी परंपरा के अनुसार श्राद्ध, तर्पण और दान करेंगे।

ज्योतिष की नजर से भी यह अवधि कुछ राशियों के लिए खास रह सकती है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस…

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रुद्रपुर । रोडवेज बस में परिवहन विभाग का फर्जी पहचान पत्र दिखाकर निशुल्क यात्रा का फर्जीवाड़ा सामने आया है। खटीमा से रुद्रपुर आ रहे व्यक्ति ने खुद को पिथौरागढ़ आरटीओ कार्यालय में कर्मचारी बताया, लेकिन पूछताछ में बार-बार बयान बदलने पर परिचालक को शक हुआ।

जब इंसान की कठिन मेहनत और ग्रहों की अनुकूल स्थिति एक साथ मिलती है, तो वर्षों की आर्थिक तंगी अचानक दूर होने लगती है। सनातन धर्म में मां महालक्ष्मी को धन, ऐश्वर्य, स्थिर संपत्ति, ऋणमुक्ति और सुख-समृद्धि की साक्षात अधिष्ठात्री माना गया है।

उधम सिंह नगर में 24 घंटे में 100 मिमी से ज्यादा बारिश, सभी नदियां सामान्यरुद्रपुर में लगातार मध्यम वर्षा, जिलेभर में सड़क, बिजली और पेयजल व्यवस्था सुचारू

उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर से बदला है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने यहां बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है और इसके चलते अब चारधाम की यात्रा पर अस्थाई रोक लगा दी गई है.

प्रभु श्रीराम को समर्पित होगी रुद्रपुर की पर्वतीय शैली की संगीतमयी रामलीला:पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल को प्रथम निमंत्रण, पर्वतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा को मिलेगा मंच

रुद्रपुर। प्रभु श्रीराम की भक्ति, पर्वतीय संस्कृति और लोक परंपरा को समर्पित रुद्रपुर में पहली बार पर्वतीय शैली में संगीतमयी श्री रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। पर्वतीय समाज…

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विश्व पर्यटन दिवस के रंगारंग कार्यक्रमों की धूम केंद्रीय विश्वविद्यालय में भव्य और अभिनव आयोजन!गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में विश्व पर्यटन दिवस की धूम,

श्रीनगर/देहरादून।विश्व पर्यटन दिवस के उपलक्ष्य में पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय पर्यटन उत्सव के अंतिम दिन विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में भारी संख्या में छात्र छात्राओं…

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देशभक्ति के गीतों से गूंजा सिटी क्लब, राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता में दिखा उत्साह

रुद्रपुर। भारत विकास परिषद रुद्रपुर शाखा एवं शहीद उधम सिंह शाखा के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सिटी क्लब में राष्ट्रीय समूह गान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में…

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हाईवे पर ‘मौत के गड्ढे’! दो दिन में 6 घायल, फिर भी NHAI बेखबर?बागवाला के पास साइन बोर्ड के लिए खोदे गड्ढे बने हादसों का जाल, सड़क पर बिखरी मिट्टी ने बढ़ाया खतरा—ठुकराल ने अधिकारियों को फोन कर जताई नाराजगी

रुद्रपुर। पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बागवाला के पास सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। साइन बोर्ड लगाने के लिए खोदे गए गड्ढे खुले छोड़ दिए…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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नाम-कंचन नाथ। उम्र-17 साल। कर्म-मानव कल्याण के लिए तप। संपत्ति-करोड़ों की मालकिन और स्थान ढाकल गांव, हरियाणा। यह परिचय उस किशोरी का है, जिसने सांसारिक मोह-माया त्यागकर साध्वी का जीवन अपना लिया।

कंचन नाथ इन दिनों चिलचिलाती धूप में ‘अग्नि तप’ कर रही हैं, और उनके तप की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/…

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प्रभु श्रीराम को समर्पित होगी रुद्रपुर की पर्वतीय शैली की संगीतमयी रामलीला:पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल को प्रथम निमंत्रण, पर्वतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा को मिलेगा मंच

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किच्छा-सिरौलीकलां चुनाव: मतगणना पर इंतजार, हाई कोर्ट के आदेश के बाद उठे सवालकिच्छा-सिरौलीकलां चुनाव: वोट पड़ गए, परिणाम का इंतजारहाई कोर्ट के आदेश के बाद भी मतगणना की तारीख पर सवाल, निर्वाचन आयोग और प्रशासन से जवाब की मांग

किच्छा। किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव में 22 सितंबर को मतदान पूरा हो चुका है, लेकिन मतगणना को लेकर स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है। मूल चुनाव कार्यक्रम के […]

किच्छा-सिरौलीकलां मतगणना में देरी पर 10 सवाल?किच्छा-सिरौलीकलां पालिका चुनाव: मतदान पूरा, मतगणना पर अभी भी इंतजार?किच्छा-सिरौलीकलां पालिका चुनाव में नया मोड़ हाई कोर्ट ने मतगणना रोकने का आदेश हटाया, फिर भी तारीख घोषित नहीं—कब खुलेगा मतपेटियों का राज?

किच्छा/सिरौलीकलां। ऊधमसिंह नगर की किच्छा और सिरौलीकलां नगर पालिका चुनाव को लेकर मतदान की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन मतगणना को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक इंतजार लगातार बढ़ रहा […]

राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 2004 से अब तक प्रवेश की जांच की मांगस्थायी निवास, जाति और आरक्षण प्रमाण-पत्रों के सत्यापन की उठी आवाज, एमबीबीएस से एमडी/एमएस तक रिकॉर्ड मिलान का आग्रह

उत्तराखंड देहरादून। उत्तराखण्ड के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और स्नातकोत्तर चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के दौरान प्रस्तुत किए गए स्थायी निवास, जाति तथा विभिन्न आरक्षण श्रेणियों से संबंधित प्रमाण-पत्रों […]

भाद्रपद पूर्णिमा के अगले दिन से आश्विन माह का आरंभ होता है और इसी के साथ पितृ पक्ष की शुरुआत होती है। यह अवधि पितरों को प्रसन्न करने के लिए अधिक शुभ मानी जाती है।

धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान पितर धरती पर आते हैं और अपने वंशजों द्वारा अर्पित जल व अन्न से तृप्त होते हैं। अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, […]

उत्तराखंड के मोतीचूर में पुश्तैनी जमीन में हिस्सा नहीं मिलने से नाराज एक बेटी ने अपने प्रेमी के हाथों मां की हत्या कराई थी। पुलिस ने शनिवार को इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी बेटी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। एसपी जया बलोनी ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मोतीचूर स्थित भगत सिंह कॉलोनी में 21 सितंबर […]

उत्तराखंड में फिर बिगड़ा मौसम: 13 जिलों में बारिश का असर, पहाड़ों में भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा27 सितंबर 2026 | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स

उत्तराखंड में सितंबर के अंतिम सप्ताह में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। 26 और 27 सितंबर को राज्य में कई स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश […]