उत्तराखण्ड

View All

ईजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू रविवार को दक्षिणी लेबनान पहुंचे. उन्होंने यहां इजरायली सैनिकों मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया. लेबनान में इजरायल के सैनिकों के साथ मुलाकात का एक छोटा वीडियो नेतन्याहू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी पोस्ट किया.

देवभूमि में हरियाणवी मंच का विवाद: क्या यह हरियाणा की सांस्कृतिक मानसिकता का प्रतिबिंब?

देहरादून। डीएवी कॉलेज में आयोजित छात्रसंघ समारोह के दौरान मंच से मां बहन की गालियां देने वाले हरियाणवी गायक मासूम शर्मा के खिलाफ डालनवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।

देहरादून से गिरफ्तार तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) से जुड़े संदिग्ध जासूस विक्रांत कश्यप के नेटवर्क की एसटीएफ व केंद्रीय जांच एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है।

देश

View All

हादसों के बीच मानवता की मशाल—रुद्रपुर में सुशील गाबा जैसे समाजसेवी ही असली पहचान

रुद्रपुर में एक बार फिर रेल हादसे ने एक परिवार को उजाड़ दिया और समाज…

हल्द्वानी में आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों के समर्थन में उतरा उत्तराखंड क्रांति दल, सीएम को भेजा ज्ञापन

हल्द्वानी। दिनांक 13 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड क्रांति दल ने जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान…

आस्था, सादगी और रंगों का संगम: रुद्रपुर का अटरिया मेला बना आध्यात्मिक उत्सव”

रुद्रपुर में इन दिनों आस्था, उत्सव और अपनत्व के रंगों से सराबोर है। अटरिया मंदिर…

“मेट्रोपोलिस का ‘सुपड़ा साफ’ और 2027 की दस्तक: क्या सत्ता का भोकाल जनता के धैर्य पर भारी पड़ेगा?”

रुद्रपुर की पॉश कॉलोनी मेट्रोपोलिस सिटी में हुए MRWA चुनावों ने एक छोटा-सा स्थानीय उदाहरण…

दुनिया

View All

ईजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू रविवार को दक्षिणी लेबनान पहुंचे. उन्होंने यहां इजरायली सैनिकों मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया. लेबनान में इजरायल के सैनिकों के साथ मुलाकात का एक छोटा वीडियो नेतन्याहू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी पोस्ट किया.

देवभूमि में हरियाणवी मंच का विवाद: क्या यह हरियाणा की सांस्कृतिक मानसिकता का प्रतिबिंब?

देहरादून। डीएवी कॉलेज में आयोजित छात्रसंघ समारोह के दौरान मंच से मां बहन की गालियां देने वाले हरियाणवी गायक मासूम शर्मा के खिलाफ डालनवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।

देहरादून से गिरफ्तार तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) से जुड़े संदिग्ध जासूस विक्रांत कश्यप के नेटवर्क की एसटीएफ व केंद्रीय जांच एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है।

Express News

View All

देहरादून से गिरफ्तार तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) से जुड़े संदिग्ध जासूस विक्रांत कश्यप के नेटवर्क की एसटीएफ व केंद्रीय जांच एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है।

आरोपित से कुछ डिजिटल डिवाइस व दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। एजेंसियां यह जानने…

Read More

मुंबई में ईरान के महावाणिज्यदूत सईद रजा मोसयेब मोतलाघ ने बढ़ते तनाव के बीच क्षेत्रीय स्थिरता स्थापित करने में प्रमुख वैश्विक शक्तियों, विशेषकर भारत की रचनात्मक भूमिका की सराहना की है।

नई दिल्ली की कूटनीति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए मोतलाघ ने कहा कि भारत ने चीन और…

Read More

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद किया जाएगा। ट्रंप ने अमेरिकी नेवी को होर्मुज से जहाजों की आवाजाही को तत्काल रोकने आदेश दिया है।

डिल ईस्ट में एक तरफ शांति वार्ताओं का दौर चल रहा है, तो दूसरी तरफ युद्ध के मैदान से दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं. दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना (IDF) पर आरोप लग रहे हैं कि वह रणनीतिक रूप से पूरे के पूरे गांवों का नामो-निशान मिटा रही है.

मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव, अमेरिका-ईरान वार्ता बेनतीजा; पाकिस्तान की सक्रियता से हालात और गंभीर

ईरान-इज़रायल संघर्ष अब अमेरिका-ईरान आमने-सामने की लड़ाई में तब्दील

हादसों के बीच मानवता की मशाल—रुद्रपुर में सुशील गाबा जैसे समाजसेवी ही असली पहचान

रुद्रपुर में एक बार फिर रेल हादसे ने एक परिवार को उजाड़ दिया और समाज को झकझोर कर रख दिया। वार्ड नंबर 33 सिंह कॉलोनी के समीप हुई इस दर्दनाक…

Read More

हल्द्वानी में आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों के समर्थन में उतरा उत्तराखंड क्रांति दल, सीएम को भेजा ज्ञापन

हल्द्वानी। दिनांक 13 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड क्रांति दल ने जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में बुद्ध पार्क, हल्द्वानी में आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों की मांगों के समर्थन में जोरदार…

Read More

आस्था, सादगी और रंगों का संगम: रुद्रपुर का अटरिया मेला बना आध्यात्मिक उत्सव”

रुद्रपुर में इन दिनों आस्था, उत्सव और अपनत्व के रंगों से सराबोर है। अटरिया मंदिर में लगने वाला पारंपरिक अटरिया मेला केवल एक धार्मिक आयोजन , लोकसंस्कृति, विश्वास और जनजीवन…

Read More

“मेट्रोपोलिस का ‘सुपड़ा साफ’ और 2027 की दस्तक: क्या सत्ता का भोकाल जनता के धैर्य पर भारी पड़ेगा?”

रुद्रपुर की पॉश कॉलोनी मेट्रोपोलिस सिटी में हुए MRWA चुनावों ने एक छोटा-सा स्थानीय उदाहरण देकर बड़ा राजनीतिक संकेत दे दिया है। नौ वर्षों तक एक ही कार्यकारिणी का कब्जा,…

Read More

उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

Read More

हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

Read More

ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

Read More

कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

Read More

हादसों के बीच मानवता की मशाल—रुद्रपुर में सुशील गाबा जैसे समाजसेवी ही असली पहचान

रुद्रपुर में एक बार फिर रेल हादसे ने एक परिवार को उजाड़ दिया और समाज को झकझोर कर रख दिया। वार्ड नंबर 33 सिंह कॉलोनी के समीप हुई इस दर्दनाक […]

हल्द्वानी में आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों के समर्थन में उतरा उत्तराखंड क्रांति दल, सीएम को भेजा ज्ञापन

हल्द्वानी। दिनांक 13 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड क्रांति दल ने जिला अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में बुद्ध पार्क, हल्द्वानी में आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों की मांगों के समर्थन में जोरदार […]

आस्था, सादगी और रंगों का संगम: रुद्रपुर का अटरिया मेला बना आध्यात्मिक उत्सव”

रुद्रपुर में इन दिनों आस्था, उत्सव और अपनत्व के रंगों से सराबोर है। अटरिया मंदिर में लगने वाला पारंपरिक अटरिया मेला केवल एक धार्मिक आयोजन , लोकसंस्कृति, विश्वास और जनजीवन […]

“मेट्रोपोलिस का ‘सुपड़ा साफ’ और 2027 की दस्तक: क्या सत्ता का भोकाल जनता के धैर्य पर भारी पड़ेगा?”

रुद्रपुर की पॉश कॉलोनी मेट्रोपोलिस सिटी में हुए MRWA चुनावों ने एक छोटा-सा स्थानीय उदाहरण देकर बड़ा राजनीतिक संकेत दे दिया है। नौ वर्षों तक एक ही कार्यकारिणी का कब्जा, […]

मिशन 2027: ठुकराल का ‘खौफ’ या बदलता हिंदुत्व का समीकरण?

रुद्रपुर की राजनीति इन दिनों एक दिलचस्प मोड़ पर खड़ी है। जिस चेहरे को कभी राजकुमार ठुकराल के रूप में भाजपा की आक्रामक हिंदुत्व राजनीति का प्रतीक माना जाता था, […]

अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को इस्लामाबाद में 21 घंटे तक आमने-सामने चली वार्ता बेनतीजा खत्म हो गई। इससे दो सप्ताह के नाजुक संघर्षविराम पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं, जिसकी अवधि 22 अप्रैल को समाप्त हो रही है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, वार्ता इसलिए विफल हुई क्योंकि ईरान परमाणु हथियारों की दिशा में आगे न बढ़ने की स्पष्ट प्रतिबद्धता देने को तैयार नहीं हुआ। वहीं ईरान ने वार्ता […]

ईजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू रविवार को दक्षिणी लेबनान पहुंचे. उन्होंने यहां इजरायली सैनिकों मुलाकात की, उनका हौसला बढ़ाया. लेबनान में इजरायल के सैनिकों के साथ मुलाकात का एक छोटा वीडियो नेतन्याहू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी पोस्ट किया.

जिसमें उन्होंने लिखा- आज लेबनान में अपने वीर लड़ाकों के साथ. इस वीडियो में भी उन्होंने अपने सैनिकों के लिए एक मैसेज भी दिया. न्यूज एजेंसी AFP की रिपोर्ट के […]

देवभूमि में हरियाणवी मंच का विवाद: क्या यह हरियाणा की सांस्कृतिक मानसिकता का प्रतिबिंब?

रुद्रपुर देहरादून/देवभूमि उत्तराखंड में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम अब गंभीर विवाद का रूप ले चुका है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी के बाद जैसे ही वह मंच […]

देहरादून। डीएवी कॉलेज में आयोजित छात्रसंघ समारोह के दौरान मंच से मां बहन की गालियां देने वाले हरियाणवी गायक मासूम शर्मा के खिलाफ डालनवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।

मुकदमा छात्र प्रतिनिधि प्रांचल नौनी की तहरीर पर दर्ज किया गया है। अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड) पुलिस को दी […]

देहरादून से गिरफ्तार तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) से जुड़े संदिग्ध जासूस विक्रांत कश्यप के नेटवर्क की एसटीएफ व केंद्रीय जांच एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है।

आरोपित से कुछ डिजिटल डिवाइस व दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपित किसी बड़े मॉड्यूल […]