Breaking News

उत्तराखण्ड

View All

मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश त्रिशूल चौक से आवास विकास तक सड़क चौड़ीकरण कार्य शीघ्र पूरा करने पर जोर!त्रिशूल चौक से आवास विकास तक सड़क चौड़ीकरण कार्य शीघ्र पूरा करने पर जोर

चंपावत दुष्कर्म प्रकरण : अफवाहों के शोर में सामने आई सच्चाई, निष्पक्ष जांच ने खोली साजिश की परतें

मुख्यमंत्री की घोषणा को धरातल पर उतारने की कवायद तेजखेड़ा की अतिक्रमण मुक्त भूमि पर बनेगी पर्यावरण मित्रों की आवासीय कॉलोनी और इंटर कॉलेज

रुद्रपुर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ, 6 लाख से अधिक बच्चों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल दवा

देश

View All

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक मॉड्यूल द्वारा दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर, दिल्ली-सोनीपत हाईवे स्थित एक ढाबे और हरियाणा के सैन्य कैंप पर हमले की साजिश रचे जाने का खुलासा हुआ है।

जांच से जुड़े सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान…

उत्तराखंड की राजनीति में उभरता नया चेहरा: आशीष नेगी और क्षेत्रीय स्वाभिमान की नई दस्तक

उत्तराखंड की राजनीति लंबे समय से राष्ट्रीय दलों—भाजपा और कांग्रेस—के बीच सीमित होकर रह गई…

दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में यमुना बाजार में रह रहे 310 परिवार के लोगों की नींद उड़ गई है. यमुना किनारे निगम बोध घाट के पास इस बस्ती में 310 परिवार के सैकड़ों लोग रहते हैं.

इन लोगों को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से घर खाली करने का नोटिस…

रुद्रपुर में “घर के भीतर मजार” प्रकरण से मचा हड़कंप सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों के बीच प्रशासन सख्त, महापौर बोले—“धार्मिक आस्था की आड़ में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं”

Rudrapur में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच खेड़ा बस्ती…

दुनिया

View All

Express News

View All

रुद्रपुर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ, 6 लाख से अधिक बच्चों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल दवा

रुद्रपुर में गुरुवार को ‘राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस’ अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय,…

Read More

केदारनाथ: आस्था, रहस्य और महादेव की दिव्य चेतना का अद्भुत धाम

Kedarnath Temple केवल एक प्राचीन मंदिर नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, हिमालय की आध्यात्मिक ऊर्जा और भगवान शिव की अनंत चेतना…

Read More

उत्तराखंड की बर्फीली वादियों में स्थित केदारनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि रहस्यों और पौराणिक मान्यताओं का अद्भुत संगम भी है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए कठिन यात्रा तय करते हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद एक चौंकाने वाली घटना में, बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना में गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह हमला बुधवार को हुआ, जिससे राजनीतिक

बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ की हत्‍या के मामले में एक अहम सुराग सामने आया है. यह सुराग इस बात की तरह इशारा कर रहा हैं कि हत्‍या की साजिश में शामिल अपराधियों और उनके आकाओं के कनेक्‍शन पाकिस्‍तान से भी हो सकते हैं.

पश्चिम बंगाल के बसीरहाट में चुनाव बाद तनाव के बीच बुधवार रात एक हिंसक घटना में बीजेपी कार्यकर्ता रोहित रॉय उर्फ चिंटू को गोली मार दी गई। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक मॉड्यूल द्वारा दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर, दिल्ली-सोनीपत हाईवे स्थित एक ढाबे और हरियाणा के सैन्य कैंप पर हमले की साजिश रचे जाने का खुलासा हुआ है।

जांच से जुड़े सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड) सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस…

Read More

उत्तराखंड की राजनीति में उभरता नया चेहरा: आशीष नेगी और क्षेत्रीय स्वाभिमान की नई दस्तक

उत्तराखंड की राजनीति लंबे समय से राष्ट्रीय दलों—भाजपा और कांग्रेस—के बीच सीमित होकर रह गई है। राज्य आंदोलन की आग से जन्म लेने वाला आशीष नेगी आज उस राजनीतिक शून्य…

Read More

दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में यमुना बाजार में रह रहे 310 परिवार के लोगों की नींद उड़ गई है. यमुना किनारे निगम बोध घाट के पास इस बस्ती में 310 परिवार के सैकड़ों लोग रहते हैं.

इन लोगों को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से घर खाली करने का नोटिस करने मिला है. लोगों को 15 दिनों का समय दिया गया है. अब लोगों की…

Read More

रुद्रपुर में “घर के भीतर मजार” प्रकरण से मचा हड़कंप सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों के बीच प्रशासन सख्त, महापौर बोले—“धार्मिक आस्था की आड़ में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं”

Rudrapur में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच खेड़ा बस्ती क्षेत्र में सामने आए एक मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। महापौर…

Read More

उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

Read More

हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

Read More

ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

Read More

कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

Read More

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक मॉड्यूल द्वारा दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर, दिल्ली-सोनीपत हाईवे स्थित एक ढाबे और हरियाणा के सैन्य कैंप पर हमले की साजिश रचे जाने का खुलासा हुआ है।

जांच से जुड़े सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड) सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस […]

उत्तराखंड की राजनीति में उभरता नया चेहरा: आशीष नेगी और क्षेत्रीय स्वाभिमान की नई दस्तक

उत्तराखंड की राजनीति लंबे समय से राष्ट्रीय दलों—भाजपा और कांग्रेस—के बीच सीमित होकर रह गई है। राज्य आंदोलन की आग से जन्म लेने वाला आशीष नेगी आज उस राजनीतिक शून्य […]

दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में यमुना बाजार में रह रहे 310 परिवार के लोगों की नींद उड़ गई है. यमुना किनारे निगम बोध घाट के पास इस बस्ती में 310 परिवार के सैकड़ों लोग रहते हैं.

इन लोगों को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से घर खाली करने का नोटिस करने मिला है. लोगों को 15 दिनों का समय दिया गया है. अब लोगों की […]

रुद्रपुर में “घर के भीतर मजार” प्रकरण से मचा हड़कंप सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोपों के बीच प्रशासन सख्त, महापौर बोले—“धार्मिक आस्था की आड़ में अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं”

Rudrapur में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच खेड़ा बस्ती क्षेत्र में सामने आए एक मामले ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। महापौर […]

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि ने गुरुवार को 5 साल का कार्यकाल पूरा होने पर विधानसभा भंग कर दी। यह घटनाक्रम तब सामने आया, जब राज्य चुनावों में पार्टी को मिली करारी हार के बावजूद, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने सार्वजनिक रूप से पद छोड़ने की मांगों को खारिज कर दिया था।

ये पूरा निर्णय संवैधानिक प्रक्रिया के तहत हुआ है. पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल बर्खास्त संविधान के हिसाब से विधानसभा का कार्यकाल 5 साल का होता है और मौजूदा विधानसभा 8 में […]

पंतनगर विश्वविद्यालय में कर्मचारियों और श्रमिकों की समस्याओं को लेकर राजेश शुक्ला ने कुलपति से की वार्ता

पंतनगर विश्वविद्यालय में कर्मचारियों और श्रमिकों की समस्याओं को लेकर राजेश शुक्ला ने कुलपति से की वार्ताRajesh Shukla ने Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology के शिक्षकों, कर्मचारियों, […]

मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश त्रिशूल चौक से आवास विकास तक सड़क चौड़ीकरण कार्य शीघ्र पूरा करने पर जोर!त्रिशूल चौक से आवास विकास तक सड़क चौड़ीकरण कार्य शीघ्र पूरा करने पर जोर

रुद्रपुर, 07 मई 2026। विधानसभा रुद्रपुर में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गई घोषणाओं की समीक्षा बैठक जिला सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी नितिन सिंह […]

चंपावत दुष्कर्म प्रकरण : अफवाहों के शोर में सामने आई सच्चाई, निष्पक्ष जांच ने खोली साजिश की परतें

रुद्रपुर। चंपावत के बहुचर्चित नाबालिग दुष्कर्म प्रकरण में जिस प्रकार प्रारंभिक आरोपों के आधार पर माहौल गर्माया गया, सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बिना तथ्यों की पुष्टि किए […]

मुख्यमंत्री की घोषणा को धरातल पर उतारने की कवायद तेजखेड़ा की अतिक्रमण मुक्त भूमि पर बनेगी पर्यावरण मित्रों की आवासीय कॉलोनी और इंटर कॉलेज

रूद्रपुर। शहर के खेड़ा क्षेत्र में प्रशासन द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराई गई आठ एकड़ बेशकीमती सरकारी भूमि अब जनहित और सामाजिक विकास का नया केंद्र बनने जा रही है। मुख्यमंत्री […]

रुद्रपुर में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का शुभारंभ, 6 लाख से अधिक बच्चों को खिलाई जाएगी एल्बेंडाजोल दवा

रुद्रपुर में गुरुवार को ‘राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस’ अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने राजकीय कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय, गांधी कॉलोनी में स्कूली बच्चों को कृमिनाशक एल्बेंडाजोल दवा खिलाकर […]