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तराई के जंगलों से खैर की लकड़ी की तस्करी का भंडाफोड़, 20 लाख की लकड़ी बरामद

हल्द्वानी। उत्तराखंड के तराई क्षेत्र के जंगलों से बहुमूल्य खैर की लकड़ी की तस्करी के…

उत्तराखंड के हल्द्वानी के तीनपानी-गौलापार बाईपास फ्लाईओवर पर शनिवार रात एक बेकाबू स्कॉर्पियो गाड़ी ने चार दोस्तों को रौंद दिया। इस हादसे में बुरी तरह घायल 3 लड़कों की अस्पताल लाते वक्त मौत हो गई, जबकि एक ने देर रात आईसीयू में दम तोड़ दिया।

हादसे के बाद पुलिस ने स्कॉर्पियो सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू…

वरिष्ठ पत्रकार एवं अधिवक्ता सुरेंद्र गिरधर को जन्मदिन की शुभकामनाएं, पत्रकारिता के संघर्षपूर्ण योगदान को किया नमन

रुद्रपुर। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद ने वरिष्ठ पत्रकार एवं अधिवक्ता सुरेंद्र गिरधर को जन्मदिन…

रुद्रपुर में 13 जुलाई को होगा उत्तराखंड सब-जूनियर सेपक टाकरा टीम का चयन ट्रायल

रुद्रपुर। द सेपक टाकरा एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के तत्वावधान में उत्तराखंड सब-जूनियर (बालक एवं बालिका)…

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सीबीआई ने उत्तराखंड के एलयूसीसी चिटफंड घोटाले में 18 आरोपियों/संस्था के विरुद्ध आरोप-पत्र दायर किया दिनांक: 10.07.2026 केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आज यानि दिनांक 10.07.2026 को उत्तराखंड के लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) चिटफंड घोटाले से संबंधित मामले में देहरादून स्थित बीयूडीएस अधिनियम के माननीय विशेष न्यायालय में 18 आरोपियों/संस्था के विरुद्ध आरोप-पत्र दायर किया है।

यह आरोप-पत्र समीर अग्रवाल, शादाब हुसैन, उत्तम कुमार सिंह राजपूत, सानिया अग्रवाल (समीर अग्रवाल की पत्नी), माया सिंह राजपूत (उत्तम…

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तेजो महालय विवाद: क्या ताजमहल पहले शिव मंदिर था? जानिए पूरा मामला

तेजो महालय विवाद: क्या ताजमहल पहले शिव मंदिर था? जानिए पूरा मामलानई दिल्ली। ताजमहल को लेकर एक बार फिर पुराना…

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बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितता का मामला सामने आने के बाद श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) लगातार नए विवादों में घिरती जा रही है।

देहरादून। एलयूसीसी घोटाले में मुंबई निवासी समीर अग्रवाल इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड था और वही एलयूसीसी के संचालन एवं निर्णयों को नियंत्रित करता था।

संपादकीय | आस्था के नाम पर लापरवाही या सत्ता का संरक्षण? बदरी-केदार मंदिर समिति पर उठते सवाल और जवाबदेही का संकट

संपादकीय: कैंसर पर शोध पर्याप्त नहीं, खाद्य सुरक्षा पर निर्णायक कार्रवाई भी जरूरी

तराई के जंगलों से खैर की लकड़ी की तस्करी का भंडाफोड़, 20 लाख की लकड़ी बरामद

हल्द्वानी। उत्तराखंड के तराई क्षेत्र के जंगलों से बहुमूल्य खैर की लकड़ी की तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के बहेड़ी स्थित एक गोदाम…

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उत्तराखंड के हल्द्वानी के तीनपानी-गौलापार बाईपास फ्लाईओवर पर शनिवार रात एक बेकाबू स्कॉर्पियो गाड़ी ने चार दोस्तों को रौंद दिया। इस हादसे में बुरी तरह घायल 3 लड़कों की अस्पताल लाते वक्त मौत हो गई, जबकि एक ने देर रात आईसीयू में दम तोड़ दिया।

हादसे के बाद पुलिस ने स्कॉर्पियो सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी…

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वरिष्ठ पत्रकार एवं अधिवक्ता सुरेंद्र गिरधर को जन्मदिन की शुभकामनाएं, पत्रकारिता के संघर्षपूर्ण योगदान को किया नमन

रुद्रपुर। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद ने वरिष्ठ पत्रकार एवं अधिवक्ता सुरेंद्र गिरधर को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की…

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रुद्रपुर में 13 जुलाई को होगा उत्तराखंड सब-जूनियर सेपक टाकरा टीम का चयन ट्रायल

रुद्रपुर। द सेपक टाकरा एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के तत्वावधान में उत्तराखंड सब-जूनियर (बालक एवं बालिका) सेपक टाकरा टीम के चयन के लिए ट्रायल का आयोजन 13 जुलाई 2026 (सोमवार) को…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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नाम-कंचन नाथ। उम्र-17 साल। कर्म-मानव कल्याण के लिए तप। संपत्ति-करोड़ों की मालकिन और स्थान ढाकल गांव, हरियाणा। यह परिचय उस किशोरी का है, जिसने सांसारिक मोह-माया त्यागकर साध्वी का जीवन अपना लिया।

कंचन नाथ इन दिनों चिलचिलाती धूप में ‘अग्नि तप’ कर रही हैं, और उनके तप की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/…

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तराई के जंगलों से खैर की लकड़ी की तस्करी का भंडाफोड़, 20 लाख की लकड़ी बरामद

हल्द्वानी। उत्तराखंड के तराई क्षेत्र के जंगलों से बहुमूल्य खैर की लकड़ी की तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के बहेड़ी स्थित एक गोदाम […]

उत्तराखंड के हल्द्वानी के तीनपानी-गौलापार बाईपास फ्लाईओवर पर शनिवार रात एक बेकाबू स्कॉर्पियो गाड़ी ने चार दोस्तों को रौंद दिया। इस हादसे में बुरी तरह घायल 3 लड़कों की अस्पताल लाते वक्त मौत हो गई, जबकि एक ने देर रात आईसीयू में दम तोड़ दिया।

हादसे के बाद पुलिस ने स्कॉर्पियो सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी […]

वरिष्ठ पत्रकार एवं अधिवक्ता सुरेंद्र गिरधर को जन्मदिन की शुभकामनाएं, पत्रकारिता के संघर्षपूर्ण योगदान को किया नमन

रुद्रपुर। उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद ने वरिष्ठ पत्रकार एवं अधिवक्ता सुरेंद्र गिरधर को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की […]

रुद्रपुर में 13 जुलाई को होगा उत्तराखंड सब-जूनियर सेपक टाकरा टीम का चयन ट्रायल

रुद्रपुर। द सेपक टाकरा एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के तत्वावधान में उत्तराखंड सब-जूनियर (बालक एवं बालिका) सेपक टाकरा टीम के चयन के लिए ट्रायल का आयोजन 13 जुलाई 2026 (सोमवार) को […]

उत्तराखंड की मूल परिकल्पना बचाने का समय, राज्य गठन से अब तक सरकारी भूमि पर हुए हर कब्जे की हो उच्चस्तरीय जांच

देहरादून। उत्तराखंड राज्य का गठन 9 नवंबर 2000 को जल, जंगल, जमीन, संस्कृति और स्थानीय जनभावनाओं की रक्षा के संकल्प के साथ हुआ था। राज्य आंदोलन के दौरान हजारों लोगों […]

शक्तियों का तुलनात्मक विश्लेषण: तब और अबसुरक्षा और नीतिगत आयाम पहले (2004 – 2013) आज (मोदी-शाह कार्यकाल?मोदी-शाह कार्यकाल: ‘जीरो टॉलरेंस’ और फ्री हैंड नीति

2004 से 2013 के बीच जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से निपटने के लिए एक बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाया गया था। इस अवधि के दौरान आतंकवाद-रोधी अभियानों (Counter-insurgency operations), नियंत्रण रेखा (LoC) पर […]

बदलता उत्तराखंड: क्या पहाड़ की जमीन, संस्कृति और पहचान पर बढ़ रहा है दबाव?

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भूमि खरीद, बाहरी निवेश, पलायन और सांस्कृतिक पहचान को लेकर बहस लगातार तेज हो रही है। कई सामाजिक संगठन और भू-कानून समर्थक मानते हैं कि […]

मेरी कलम से…स्मार्ट मीटर: फैसला अफवाहों से नहीं, अनुभव और तथ्यों से होगा? स्मार्ट मीटर: तकनीक का सवाल या भरोसे की परीक्षा

उत्तराखंड में इन दिनों यदि किसी सरकारी योजना पर सबसे अधिक बहस हो रही है तो वह है—स्मार्ट मीटर। बिजली के इन नए मीटरों को लेकर गांव से लेकर शहर […]

भारतीय जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अमेरिका ने संगठित अपराध नेटवर्कों के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए लॉरेंस को आरोपित किया है और उसने संकेत दिया है कि वह बिश्नोई को प्रत्यर्पित करने का अनुरोध भारत के साथ कर सकता है।

है। अमेरिका में केस दर्ज होने के बाद 2023 में कनाडा में खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मामला भी सुर्खियों में आ गया है। इस नए अभियोजन […]

सीबीआई ने उत्तराखंड के एलयूसीसी चिटफंड घोटाले में 18 आरोपियों/संस्था के विरुद्ध आरोप-पत्र दायर किया दिनांक: 10.07.2026 केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने आज यानि दिनांक 10.07.2026 को उत्तराखंड के लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी (एलयूसीसी) चिटफंड घोटाले से संबंधित मामले में देहरादून स्थित बीयूडीएस अधिनियम के माननीय विशेष न्यायालय में 18 आरोपियों/संस्था के विरुद्ध आरोप-पत्र दायर किया है।

यह आरोप-पत्र समीर अग्रवाल, शादाब हुसैन, उत्तम कुमार सिंह राजपूत, सानिया अग्रवाल (समीर अग्रवाल की पत्नी), माया सिंह राजपूत (उत्तम कुमार सिंह राजपूत की पत्नी), जितेंद्र सिंह निरंजन, दिनेश सिंह, […]