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देहरादून। Doon valley Active Fault Line: दून की धरती के 35 किमी हिस्से में जमीन बदल रही है। दहिमालय के निर्माण के समय अस्तित्व में आई ऐतिहासिक फॉल्ट लाइन मेन बाउंड्री थ्रस्ट (एमबीटी) के इस हिस्से में हालिया भूगर्भीय हलचल (नव-विवर्तनिकी के प्रमाण भू-आकृतियों और नदी तंत्र के अध्ययन से सामने आए हैं।

देवभूमि उत्तराखंड में कृष्णमय हुआ वातावरण, 13 जनपदों में गूंजेगा ‘नंद के आनंद भयो’रुद्रपुर के शिव शक्ति मंदिर और पंच मंदिर से लेकर किच्छा, सितारगंज, खटीमा, काशीपुर, गदरपुर व दिनेशपुर तक जन्माष्टमी की तैयारियां तेज

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हाथ में कांसे का कमंडल, मन में देवभूमि की आस्था — उत्तराखंड के आराध्य देवी-देवताओं को समर्पित एक आध्यात्मिक परंपरा

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गुरुग्राम, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस पर साहित्यिक सचेतना द्वारा ऑनलाइन काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। देशभर के कवियों ने शिक्षक के सम्मान और कृतज्ञता पर रचनाएँ प्रस्तुत कीं। गुरूदेव नरेंद्र रावत ‘नरेन’ ने शिक्षा को संस्कार, चरित्र निर्माण और आत्मोन्नति का माध्यम बताया। प्रीति डिमरी ‘प्रीत’ ने संचालन किया।

गुरुग्राम, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस के अवसर पर सामाजिक, आध्यात्मिक एवं साहित्यिक संस्था सचेतना के…

पोस्टर वाली गाय और विकास की बछिया: रुद्रपुर एवं उत्तराखंड की राजनीति का सबसे बड़ा व्यंग्य

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पुतला जलाने वालों से रुद्रपुर पूछ रहा है—मनुस्मृति से मुक्ति कब?पुतला जलाने वालों से रुद्रपुर पूछ रहा है—मनुस्मृति से मुक्ति कब?शुद्धिकरण पर राजनीति, फेसबुक पर बयानबाजी और पुतला दहन के बीच दबा असली सवाल—दलित, पिछड़े और मूल निवासियों के अधिकारों का क्या होगा?हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | संपादकीय

रुद्रपुर की राजनीति में आजकल एक अजीब दृश्य दिखाई दे रहा है। एक तरफ कांग्रेस…

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नंदलाल की भट्ठी पर चला बुलडोजर, उठे ब्राह्मणवाद और सामाजिक न्याय के सवाल45 साल पुरानी लोहार की दुकान उजड़ी, भाजपा के पदाधिकारी नंदलाल के परिवार की रोजी-रोटी संकट में; रुद्रपुर में दलित और देसी समाज के बीच बढ़ती बेचैनी पर हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की नजर

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महिला के सम्मान पर खाकी की लात! फिर किस मुंह से सशक्तिकरण के नारे?लखपति दीदी से लेकर आरक्षण तक घोषणाओं की लंबी फेहरिस्त, मगर सड़क पर महिला की गरिमा का क्या?

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देहरादून। Doon valley Active Fault Line: दून की धरती के 35 किमी हिस्से में जमीन बदल रही है। दहिमालय के निर्माण के समय अस्तित्व में आई ऐतिहासिक फॉल्ट लाइन मेन बाउंड्री थ्रस्ट (एमबीटी) के इस हिस्से में हालिया भूगर्भीय हलचल (नव-विवर्तनिकी के प्रमाण भू-आकृतियों और नदी तंत्र के अध्ययन से सामने आए हैं।

यह अध्ययन वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान ने किया। जिसे हाल में ‘प्रोग्रेस इन फिजिकल जियोग्राफी: अर्थ एंड एनवायरमेंट’ में अंतिम…

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देवभूमि उत्तराखंड में कृष्णमय हुआ वातावरण, 13 जनपदों में गूंजेगा ‘नंद के आनंद भयो’रुद्रपुर के शिव शक्ति मंदिर और पंच मंदिर से लेकर किच्छा, सितारगंज, खटीमा, काशीपुर, गदरपुर व दिनेशपुर तक जन्माष्टमी की तैयारियां तेज

रुद्रपुर। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी को लेकर देवभूमि उत्तराखंड में आस्था का रंग गहराने लगा है। प्रदेश के गांवों…

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कृष्णमय हुई देवभूमि से देश की धरती, आज आधी रात गूंजेगा ‘नंद के आनंद भयो’जन्माष्टमी पर मंदिरों से घरों तक सजेगा कान्हा का दरबार, लड्डू गोपाल के अभिषेक से लेकर भोग और आरती तक भक्तिमय होगा वातावरण

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उत्तराखंड में मौसम का रौद्र रूप: नैनीताल-अल्मोड़ा में रेड अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद, कुमाऊं में 95 सड़कें ठप; पिथौरागढ़ की दारमा घाटी में 58% आबादी हाई रिस्क जोन में

गुरुग्राम, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस पर साहित्यिक सचेतना द्वारा ऑनलाइन काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। देशभर के कवियों ने शिक्षक के सम्मान और कृतज्ञता पर रचनाएँ प्रस्तुत कीं। गुरूदेव नरेंद्र रावत ‘नरेन’ ने शिक्षा को संस्कार, चरित्र निर्माण और आत्मोन्नति का माध्यम बताया। प्रीति डिमरी ‘प्रीत’ ने संचालन किया।

गुरुग्राम, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस के अवसर पर सामाजिक, आध्यात्मिक एवं साहित्यिक संस्था सचेतना के साहित्यिक मंच ‘साहित्यिक सचेतना’ द्वारा ऑनलाइन काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। देशभर के कवियों एवं…

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पोस्टर वाली गाय और विकास की बछिया: रुद्रपुर एवं उत्तराखंड की राजनीति का सबसे बड़ा व्यंग्य

रुद्रपुर। राजनीति में पोस्टर बहुत कुछ दिखाते हैं और जमीन की हकीकत बहुत कुछ सिखाती है। रुद्रपुर में सामने आया एक वीडियो आज की उत्तराखंड की राजनीति पर ऐसा व्यंग्य…

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पुतला जलाने वालों से रुद्रपुर पूछ रहा है—मनुस्मृति से मुक्ति कब?पुतला जलाने वालों से रुद्रपुर पूछ रहा है—मनुस्मृति से मुक्ति कब?शुद्धिकरण पर राजनीति, फेसबुक पर बयानबाजी और पुतला दहन के बीच दबा असली सवाल—दलित, पिछड़े और मूल निवासियों के अधिकारों का क्या होगा?हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | संपादकीय

गली-गली में शोर है, राहुल गांधी चोर है—तो सत्ता में कौन है?रुद्रपुर में भाजपा जनप्रतिनिधि नारा लगा रहे हैं—“गली-गली में शोर है, राहुल गांधी चोर है।” सवाल सीधा है: केंद्र…

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पुतला दहन से लेकर कलेक्ट्रेट घेराव तक रुद्रपुर में गरमाई सियासतपुतला दहन से लेकर कलेक्ट्रेट घेराव तक रुद्रपुर में गरमाई सियासतकैमरे के सामने नेताओं की होड़, पीछे छूट गया गरीब दुकानदार का सवाल; मनुस्मृति और सामाजिक न्याय पर भी उठे सवाल

रुद्रपुर। शनिवार को शहर की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों ने सियासी माहौल गर्म कर दिया। एक ओर कांग्रेस के युवा कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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नाम-कंचन नाथ। उम्र-17 साल। कर्म-मानव कल्याण के लिए तप। संपत्ति-करोड़ों की मालकिन और स्थान ढाकल गांव, हरियाणा। यह परिचय उस किशोरी का है, जिसने सांसारिक मोह-माया त्यागकर साध्वी का जीवन अपना लिया।

कंचन नाथ इन दिनों चिलचिलाती धूप में ‘अग्नि तप’ कर रही हैं, और उनके तप की तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/…

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गुरुग्राम, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस पर साहित्यिक सचेतना द्वारा ऑनलाइन काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। देशभर के कवियों ने शिक्षक के सम्मान और कृतज्ञता पर रचनाएँ प्रस्तुत कीं। गुरूदेव नरेंद्र रावत ‘नरेन’ ने शिक्षा को संस्कार, चरित्र निर्माण और आत्मोन्नति का माध्यम बताया। प्रीति डिमरी ‘प्रीत’ ने संचालन किया।

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रुद्रपुर की राजनीति में आजकल एक अजीब दृश्य दिखाई दे रहा है। एक तरफ कांग्रेस सामाजिक सम्मान और कथित जातिगत भेदभाव का सवाल उठा रही है, दूसरी तरफ भाजपा के […]

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कलेक्ट्रेट के बैरिकेड से 2027 की दस्तक तकरुद्रपुर में युवा कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, लाठीचार्ज के आरोप और ब्राह्मणवाद की सियासत

रुद्रपुर। उधम सिंह नगर की राजनीतिक जमीन पर शनिवार को युवा कांग्रेस के प्रदर्शन ने आगामी विधानसभा चुनाव की आहट को और तेज कर दिया। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता रैली […]

रुद्रपुर में प्रदर्शन के जवाब में भाजपा का पुतला दहन, 2027 से पहले तेज हुई सियासी जंग

रुद्रपुर। शहर की राजनीति में शनिवार को उस समय नया मोड़ दिखाई दिया, जब यूथ कांग्रेस के प्रस्तावित कलेक्ट्रेट घेराव कार्यक्रम के बीच भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मेट्रोपोलिस कॉलोनी […]

मुस्लिम समाज के समाज सुधारक के रूप में उभरे पुष्कर सिंह धामी?मुस्लिम समाज के समाज सुधारक के रूप में उभरे पुष्कर सिंह धामी?UCC से निकाहनामे तक—क्या उत्तराखंड की सियासत में मुस्लिम समाज के साथ बन रहा है नया संवाद?

उत्तराखंड की राजनीति में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करके ऐसा राजनीतिक और सामाजिक विमर्श खड़ा किया है, जिसकी चर्चा अब केवल सत्ता और […]

।मुस्लिम समाज और धामी सरकार के बीच बदलते रिश्तेUCC से निकाहनामे तक, क्या उत्तराखंड में बदल रही है सियासत की पुरानी तस्वीर?

उत्तराखंड की राजनीति लंबे समय से जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। पहाड़ और मैदान, कुमाऊं और गढ़वाल, स्थानीय और बाहरी जैसे मुद्दों के बीच मुस्लिम मतदाता […]

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रुद्रपुर। रुद्रपुर में सड़क चौड़ीकरण और विकास परियोजनाओं के नाम पर हुई बुलडोजर कार्रवाई ने एक बार फिर सामाजिक न्याय, गरीबों के पुनर्वास और जातिगत असमानता के सवाल खड़े कर […]

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यह अध्ययन वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान ने किया। जिसे हाल में ‘प्रोग्रेस इन फिजिकल जियोग्राफी: अर्थ एंड एनवायरमेंट’ में अंतिम प्रकाशन से पूर्व स्वतंत्र समीक्षा के लिए सार्वजनिक किया गया […]