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निर्जला एकादशी का व्रत हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. निर्जला एकादशी व्रत करने से सभी 24 एकादशियों का व्रत करने का फल मिलता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास) प्रदान किया गया है। वह यह सम्मान हासिल करने वाले पहले भारतीय भी हैं।

कांग्रेस से अलग होकर अपनी नई राजनीतिक दुकान खोलने वाले या अलग राह चुनने वाले देश के पुराने और कद्दावर नेताओं की मुख्य पार्टी में फिर से ‘घर वापसी’ होने जा रही है? पिछले कुछ समय से सियासी गलियारों में चल रही इन तमाम गरमा-गरम चर्चाओं के बीच अब खुद कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है।

उत्तराखंड में आखिर क्या चल रहा है? सरकार की नाक के नीचे 13.83 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला, हजारों फर्जी छात्रों के नाम पर डकार गए करोड़ों रुपये

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उत्तराखंड : सपनों का राज्य, संघर्षों का इतिहास और अधूरे सवाल; राज्य आंदोलन से राज्य गठन तक – आखिर उत्तराखंड क्यों बना?

धामी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां और पहल Writingउत्तराखंड राज्य की परिकल्पना केवल एक प्रशासनिक इकाई…

UKSSSC High Court Recruitment 2026: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने दिनांक 15 जून 2026 को विज्ञापन संख्या 78/2026 के तहत उत्तराखंड हाई कोर्ट में रिक्त पदों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन 2026 जारी कर दिया है।

इसके जरिए माननीय उत्तराखंड हाई कोर्ट, नैनीताल के अंतर्गत सबऑर्डिनेट कोर्ट (सिविल कोर्ट और फैमिली…

देवभूमि परिवार कानून पर उठे सवाल: क्या उत्तराखंड की मूल समस्याओं से ध्यान भटकाने की कोशिश?

देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा लागू किए गए देवभूमि परिवार अधिनियम-2026 को सरकार जहां पारदर्शिता और…

हाल ही में पेट्रोल, डीज़ल और LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम आदमी के बजट पर बुरा असर डाला है, जिससे महंगाई को लेकर काफी शिकायतें हो रही हैं। इस बीच, पिछले 15 दिनों में कई दूसरी चीज़ों की कीमतें भी बढ़ी हैं – ऐसी बढ़ोतरी जिनके बारे में हममें से ज़्यादातर लोगों को पता नहीं है।

आइए देखते हैं कि इस दौरान क्या-क्या महंगा हुआ है: **FMCG प्रोडक्ट्स की कीमतों में…

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पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए ड्रग्स और अवैध हथियार मंगाने के आरोप में वांछित शातिर अपराधी को एसटीएफ, जिला पुलिस और पंजाब की एएनटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 23 मई से उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर में छिपा हुआ था।

2027 की शुरुआत में पांच राज्यों यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। लेकिन, संभावना है कि मणिपुर को छोड़कर बाकी राज्यों में यह तय समय से कम से कम एक महीने या कुछ हफ्ते पहले ही करवा लिए जाएं।

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उत्तराखंड में आखिर क्या चल रहा है? सरकार की नाक के नीचे 13.83 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला, हजारों फर्जी छात्रों के नाम पर डकार गए करोड़ों रुपये

रुद्रपुर,देहरादून उत्तराखंड में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के गरीब छात्रों के लिए चलाई गई पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति…

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उत्तराखंड में पुलिस को ऑपरेशन प्रहार के तहत कामयाबी मिली है। उत्तराखंड में पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार पिछले महीनों तब…

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2027 की शुरुआत में पांच राज्यों यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। लेकिन, संभावना है कि मणिपुर को छोड़कर बाकी राज्यों में यह तय समय से कम से कम एक महीने या कुछ हफ्ते पहले ही करवा लिए जाएं।

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव तय समय से पहले हो सकते हैं। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है, लेकिन सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि भाजपा नेता जनगणना 2027 के कार्यक्रम को देखते हुए चुनावी कैलेंडर में बदलाव चाहते हैं।

नैनीताल। हाई कोर्ट ने उच्चतर न्यायिक सेवा संवर्ग के 35 न्यायिक अधिकारियों को बड़ी सौगात दी है। हाई कोर्ट ने उत्तराखंड उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली, 2004 के नियम-27 के तहत इन अधिकारियों को 1,63,030 – 2,19,090 रुपये (जे-6) का चयन वेतनमान प्रदान किया है।

उत्तरकाशी में राज्य आंदोलनकारियों का सरकार के खिलाफ हल्ला बोल, ‘देवभूमि परिवार कानून’ पर भड़का आक्रोश; मूल निवास लागू न होने पर महाआंदोलन की चेतावनी

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UKSSSC High Court Recruitment 2026: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने दिनांक 15 जून 2026 को विज्ञापन संख्या 78/2026 के तहत उत्तराखंड हाई कोर्ट में रिक्त पदों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन 2026 जारी कर दिया है।

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देवभूमि परिवार कानून पर उठे सवाल: क्या उत्तराखंड की मूल समस्याओं से ध्यान भटकाने की कोशिश?

देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा लागू किए गए देवभूमि परिवार अधिनियम-2026 को सरकार जहां पारदर्शिता और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही…

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हाल ही में पेट्रोल, डीज़ल और LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम आदमी के बजट पर बुरा असर डाला है, जिससे महंगाई को लेकर काफी शिकायतें हो रही हैं। इस बीच, पिछले 15 दिनों में कई दूसरी चीज़ों की कीमतें भी बढ़ी हैं – ऐसी बढ़ोतरी जिनके बारे में हममें से ज़्यादातर लोगों को पता नहीं है।

आइए देखते हैं कि इस दौरान क्या-क्या महंगा हुआ है: **FMCG प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी** अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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उत्तराखंड : सपनों का राज्य, संघर्षों का इतिहास और अधूरे सवाल; राज्य आंदोलन से राज्य गठन तक – आखिर उत्तराखंड क्यों बना?

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मसूरी,दिल्ली की एक टेक प्रोफेशनल महिला मसूरी में पति के साथ छुट्टियां मनाने के दौरान होमस्टे में मृत पाई गईं। पति का रात में बाहर रहने का दावा किया गया है। महिला का नग्न शव और शराब मिलने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

सोमवार सुबह मसूरी-धनौल्टी रोड पर एक होमस्टे में दिल्ली की 27 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर संदिग्ध हालात में मृत पाई गईं। अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( […]

AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़ी दो अहम घटनाएँ दुनिया भर में हो रही हैं, जिन पर सबका ध्यान है। पहली बात, आपने शायद यह खबर देखी होगी कि अमेरिकी सरकार ने Anthropic – जो AI मॉडल बनाने वाली कंपनी है – को आदेश दिया है कि वह विदेशी संस्थाओं को अपने नए AI मॉडल इस्तेमाल करने की इजाज़त न दे।

Anthropic वही कंपनी है जिसने मशहूर ‘Cloud’ AI मॉडल बनाया है। अब AI के क्षेत्र में ग्लोबल मुकाबला शुरू हो गया है – यह एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो धीरे-धीरे […]

निर्जला एकादशी का व्रत हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. निर्जला एकादशी व्रत करने से सभी 24 एकादशियों का व्रत करने का फल मिलता है.

निर्जला एकादशी के दिन व्रत करने, भगवान की पूजा-अर्चना करने, दान और पुण्य करने से विष्णु भगवान का आशीर्वाद मिलता है. निर्जला एकादशी का व्रत बाकि, सभी एकादशियों से कठिन […]

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास) प्रदान किया गया है। वह यह सम्मान हासिल करने वाले पहले भारतीय भी हैं।

यह सम्मान स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी ने प्रदान किया। प्रधानमंत्री ने इस खास सम्मान के लिए स्लोवाकिया के राष्ट्रपति, सरकार और वहां के लोगों का दिल से आभार व्यक्त […]

कांग्रेस से अलग होकर अपनी नई राजनीतिक दुकान खोलने वाले या अलग राह चुनने वाले देश के पुराने और कद्दावर नेताओं की मुख्य पार्टी में फिर से ‘घर वापसी’ होने जा रही है? पिछले कुछ समय से सियासी गलियारों में चल रही इन तमाम गरमा-गरम चर्चाओं के बीच अब खुद कांग्रेस ने इस मुद्दे पर अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है।

कांग्रेस से अलग होकर अपनी नई राजनीतिक दुकान खोलने वाले या अलग राह चुनने वाले देश के पुराने और कद्दावर नेताओं की मुख्य पार्टी में फिर से ‘घर वापसी’ होने […]

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रुद्रपुर,देहरादून उत्तराखंड में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के गरीब छात्रों के लिए चलाई गई पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में सामने आया घोटाला केवल वित्तीय अनियमितता नहीं है, […]