Breaking News

उत्तराखण्ड

View All

8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है. केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के नियम और शर्तों यानी ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (TOR) को अपनी हरी झंडी दे दी है.

अयोध्या. श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में गबन के आरोपों के बीच योगी सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर SIT का गठन कर दिया है. यह टीम 7 दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिन में फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.

केंद्र सरकार ने अगले आर्मी चीफ के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. वर्तमान में वाइस आर्मी चीफ के रूप में कार्यरत वह 30 जून 2026 को भारत के 31वें आर्मी चीफ के रूप में कार्यभार संभालेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान के साथ एक समझौते पर रविवार को साइन होने वाले हैं। साइन होने के बाद तुरंत बाद होर्मुज जलमार्ग सभी के लिए खुल जाएगा।

देश

View All

चंडीगढ़ में दिनदहाड़े हत्या, ऑटोमैटिक गन से 1 सेकेंड में दागीं 13 गोलियां, CCTV फुटेज वायरल

चंडीगढ़। शहर के पॉश इलाके सेक्टर-11 में शनिवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब…

अमेरिका की हेल्थकेयर व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. एक अमेरिकी महिला ने खुद सोशल मीडिया पर सामने आकर दावा किया कि जिस दवा के लिए उसे अमेरिका में 1000 डॉलर (₹95000) अपनी जेब से देने पड़ते, वही दवा भारत से सीधे मंगवाने पर सिर्फ 25 डॉलर (₹2377) में मिल गई. इसके बाद उसने अमेरिकी स्वास्थ्य व्यवस्था को ‘स्कैम’ तक बता दिया.

विक्टोरिया नाम की महिला का इंस्टाग्राम वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में…

भारतीय राजनीति का भविष्य क्षेत्रीय दलों की घटती ताकत?  भारतीय लोकतंत्र की नई दिशा? क्या क्षेत्रीय दल समाप्त हो जाएंगे?

क्षेत्रीय दलों की घटती ताकत और भारतीय लोकतंत्र की नई दिशाभारतीय राजनीति का इतिहास विविधताओं,…

उत्तराखंड से शुरू होकर देश की राजनीति तक: क्या क्षेत्रीय दलों का अस्तित्व संकट में है?मोदी युग और सत्ता का केंद्रीकरण? लालबत्ती राजनीति का नया अध्याय ? आशीष नेगी और यूकेडी की चुनौती?मिशन 2027 और यूकेडी का भविष्य

भारतीय राजनीति के वर्तमान दौर को यदि किसी एक वाक्य में परिभाषित करना हो तो…

दुनिया

View All

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे के पैसों में बड़ी हेराफेरी का गंभीर मामला सामने आया है. मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावे की रकम निकालने और उसकी गिनती करने वाले दो कर्मचारियों पर करोड़ों रुपये का गबन करने का आरोप लगा है.

8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है. केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के नियम और शर्तों यानी ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (TOR) को अपनी हरी झंडी दे दी है.

अयोध्या. श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में गबन के आरोपों के बीच योगी सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर SIT का गठन कर दिया है. यह टीम 7 दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिन में फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.

केंद्र सरकार ने अगले आर्मी चीफ के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. वर्तमान में वाइस आर्मी चीफ के रूप में कार्यरत वह 30 जून 2026 को भारत के 31वें आर्मी चीफ के रूप में कार्यभार संभालेंगे.

Express News

View All

केंद्र सरकार ने अगले आर्मी चीफ के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. वर्तमान में वाइस आर्मी चीफ के रूप में कार्यरत वह 30 जून 2026 को भारत के 31वें आर्मी चीफ के रूप में कार्यभार संभालेंगे.

लगभग चार दशकों की सैन्य सेवा के साथ लेफ्टिनेंट जनरल सेठ भारतीय सेना के लिए एक जरूरी समय पर कमान…

Read More

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान के साथ एक समझौते पर रविवार को साइन होने वाले हैं। साइन होने के बाद तुरंत बाद होर्मुज जलमार्ग सभी के लिए खुल जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर पोस्ट कर लिखा, ‘असल में अब वे परमाणु हथियार नहीं चाहते…

Read More

भारतीय क्रू वाले जहाज पर हुए हमले को लेकर अमेरिका ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने US अटैक में 3 भारतीयों की मौत पर अपनी गलती मानने के बजाय हेकड़ी दिखाना जरूरी समझा।

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर नगर निगम में विकास यात्रा प्रदर्शनी आयोजित केंद्र सरकार की उपलब्धियों को चित्रों के माध्यम से किया गया प्रदर्शित

गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का मुख्यमंत्री ने लिया जायजा, वाटर स्पोर्ट्स का भी उठाया आनंद

उत्तराखंड के साथ-साथ पूरे टिहरी जनपद के लिए एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. मां भारती की रक्षा करते हुए भिलंगना ब्लॉक के अंतर्गत मेंडू सिंदवालगांव के युवा अग्निवीर जवान रोहित सिंह (21 वर्ष) 9 जून 2026 को जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में शहीद हो गए.

चंडीगढ़ में दिनदहाड़े हत्या, ऑटोमैटिक गन से 1 सेकेंड में दागीं 13 गोलियां, CCTV फुटेज वायरल

चंडीगढ़। शहर के पॉश इलाके सेक्टर-11 में शनिवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब मेडिकल स्टोर के अंदर बैठे कैशियर की दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर…

Read More

अमेरिका की हेल्थकेयर व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. एक अमेरिकी महिला ने खुद सोशल मीडिया पर सामने आकर दावा किया कि जिस दवा के लिए उसे अमेरिका में 1000 डॉलर (₹95000) अपनी जेब से देने पड़ते, वही दवा भारत से सीधे मंगवाने पर सिर्फ 25 डॉलर (₹2377) में मिल गई. इसके बाद उसने अमेरिकी स्वास्थ्य व्यवस्था को ‘स्कैम’ तक बता दिया.

विक्टोरिया नाम की महिला का इंस्टाग्राम वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वह कहती है, 'अमेरिका में इस दवा के छह छोटे टैबलेट्स के लिए मुझे 1000…

Read More

भारतीय राजनीति का भविष्य क्षेत्रीय दलों की घटती ताकत?  भारतीय लोकतंत्र की नई दिशा? क्या क्षेत्रीय दल समाप्त हो जाएंगे?

क्षेत्रीय दलों की घटती ताकत और भारतीय लोकतंत्र की नई दिशाभारतीय राजनीति का इतिहास विविधताओं, क्षेत्रीय आकांक्षाओं और लोकतांत्रिक बहुलता का इतिहास रहा है। आज़ादी के बाद लंबे समय तक…

Read More

उत्तराखंड से शुरू होकर देश की राजनीति तक: क्या क्षेत्रीय दलों का अस्तित्व संकट में है?मोदी युग और सत्ता का केंद्रीकरण? लालबत्ती राजनीति का नया अध्याय ? आशीष नेगी और यूकेडी की चुनौती?मिशन 2027 और यूकेडी का भविष्य

भारतीय राजनीति के वर्तमान दौर को यदि किसी एक वाक्य में परिभाषित करना हो तो कहा जा सकता है कि यह "क्षेत्रीय प्रभाव से राष्ट्रीय प्रभुत्व" की यात्रा का समय…

Read More

उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

Read More

हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

Read More

ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

Read More

कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

Read More

चंडीगढ़ में दिनदहाड़े हत्या, ऑटोमैटिक गन से 1 सेकेंड में दागीं 13 गोलियां, CCTV फुटेज वायरल

चंडीगढ़। शहर के पॉश इलाके सेक्टर-11 में शनिवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई जब मेडिकल स्टोर के अंदर बैठे कैशियर की दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर […]

अमेरिका की हेल्थकेयर व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. एक अमेरिकी महिला ने खुद सोशल मीडिया पर सामने आकर दावा किया कि जिस दवा के लिए उसे अमेरिका में 1000 डॉलर (₹95000) अपनी जेब से देने पड़ते, वही दवा भारत से सीधे मंगवाने पर सिर्फ 25 डॉलर (₹2377) में मिल गई. इसके बाद उसने अमेरिकी स्वास्थ्य व्यवस्था को ‘स्कैम’ तक बता दिया.

विक्टोरिया नाम की महिला का इंस्टाग्राम वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में वह कहती है, ‘अमेरिका में इस दवा के छह छोटे टैबलेट्स के लिए मुझे 1000 […]

भारतीय राजनीति का भविष्य क्षेत्रीय दलों की घटती ताकत?  भारतीय लोकतंत्र की नई दिशा? क्या क्षेत्रीय दल समाप्त हो जाएंगे?

क्षेत्रीय दलों की घटती ताकत और भारतीय लोकतंत्र की नई दिशाभारतीय राजनीति का इतिहास विविधताओं, क्षेत्रीय आकांक्षाओं और लोकतांत्रिक बहुलता का इतिहास रहा है। आज़ादी के बाद लंबे समय तक […]

उत्तराखंड से शुरू होकर देश की राजनीति तक: क्या क्षेत्रीय दलों का अस्तित्व संकट में है?मोदी युग और सत्ता का केंद्रीकरण? लालबत्ती राजनीति का नया अध्याय ? आशीष नेगी और यूकेडी की चुनौती?मिशन 2027 और यूकेडी का भविष्य

भारतीय राजनीति के वर्तमान दौर को यदि किसी एक वाक्य में परिभाषित करना हो तो कहा जा सकता है कि यह “क्षेत्रीय प्रभाव से राष्ट्रीय प्रभुत्व” की यात्रा का समय […]

जुन 2026 का महीना अपने अंतिम चरण में पहुंच रहा है, लेकिन ज्योतिष जगत में इसकी चर्चा लगातार बढ़ती जा रही है। इसकी वजह है इस महीने होने वाले कई महत्वपूर्ण ग्रह परिवर्तन और दुर्लभ खगोलीय संयोग, जिन्हें लेकर ज्योतिष विशेषज्ञ बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं।

उनका मानना है कि जून के अंतिम दिनों में कुछ राशियों के जीवन में ऐसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिनकी उन्होंने लंबे समय से कल्पना भी नहीं की […]

उत्तराखंड के देहरादून में शनिवार को बड़ा बवाल हो गया। सहसपुर क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में पानी को लेकर सांप्रदायिक हिंसा हो गई। हमले में भाजपा के कार्यकर्ता की मौत हो गई, जबकि उसके दो सगे भाई गंभीर घायल हो गए।

मामले में तीन नामजद और 25 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। घटना के बाद गांव में हालात तनावपूर्ण हो गए और देर रात तक हंगामा चलता […]

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे के पैसों में बड़ी हेराफेरी का गंभीर मामला सामने आया है. मंदिर के दानपात्रों से चढ़ावे की रकम निकालने और उसकी गिनती करने वाले दो कर्मचारियों पर करोड़ों रुपये का गबन करने का आरोप लगा है.

यह पूरा मामला तब खुला जब महज 18 से 20 हजार रुपये महीना कमाने वाले इन कर्मचारियों की करोड़ों रुपये की संपत्तियों का पता चला. मामले की संवेदनशीलता को देखते […]

8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है. केंद्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) के नियम और शर्तों यानी ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (TOR) को अपनी हरी झंडी दे दी है.

सरकार के इस फैसले से देश के करीब 55 लाख मौजूदा सरकारी कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलने वाला है. आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार […]

अयोध्या. श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में गबन के आरोपों के बीच योगी सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर SIT का गठन कर दिया है. यह टीम 7 दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिन में फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी.

इस कमेटी में लखनऊ मंडलायुक्त IAS विजय विश्वास पंत, आईजी रेंज IPS किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन शामिल हैं. अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर […]

केंद्र सरकार ने अगले आर्मी चीफ के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. वर्तमान में वाइस आर्मी चीफ के रूप में कार्यरत वह 30 जून 2026 को भारत के 31वें आर्मी चीफ के रूप में कार्यभार संभालेंगे.

लगभग चार दशकों की सैन्य सेवा के साथ लेफ्टिनेंट जनरल सेठ भारतीय सेना के लिए एक जरूरी समय पर कमान संभालेंगे. आइए जानते हैं कि उन्हें कितना वेतन दिया जाएगा. […]