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उत्तराखण्ड

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हाल ही में पेट्रोल, डीज़ल और LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम आदमी के बजट पर बुरा असर डाला है, जिससे महंगाई को लेकर काफी शिकायतें हो रही हैं। इस बीच, पिछले 15 दिनों में कई दूसरी चीज़ों की कीमतें भी बढ़ी हैं – ऐसी बढ़ोतरी जिनके बारे में हममें से ज़्यादातर लोगों को पता नहीं है।

मसूरी,दिल्ली की एक टेक प्रोफेशनल महिला मसूरी में पति के साथ छुट्टियां मनाने के दौरान होमस्टे में मृत पाई गईं। पति का रात में बाहर रहने का दावा किया गया है। महिला का नग्न शव और शराब मिलने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़ी दो अहम घटनाएँ दुनिया भर में हो रही हैं, जिन पर सबका ध्यान है। पहली बात, आपने शायद यह खबर देखी होगी कि अमेरिकी सरकार ने Anthropic – जो AI मॉडल बनाने वाली कंपनी है – को आदेश दिया है कि वह विदेशी संस्थाओं को अपने नए AI मॉडल इस्तेमाल करने की इजाज़त न दे।

निर्जला एकादशी का व्रत हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. निर्जला एकादशी व्रत करने से सभी 24 एकादशियों का व्रत करने का फल मिलता है.

देश

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उत्तराखंड में गौला नदी पर जमरानी बांध परियोजना का निर्माण कार्य अटका हुआ है। 3808 करोड़ से बन रहे बांध के लिए उत्तराखंड को 1432.40 करोड़ खर्च करने हैं। अनुबंध के अनुसार अभी तक उत्तराखंड को यूपी की तरफ से एक रुपये का भी भुगतान नहीं हुआ।

धामी सरकार की उपलब्धियों के दावों के बीच अटका जमरानी बांध, यूपी से 688 करोड़…

भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET UG) इस समय सिर्फ एक कॉम्पिटिशन नहीं रह गई है, बल्कि छात्रों के लिए एक खौफनाक मानसिक चक्रव्यूह बन चुकी है। कभी पेपर लीक का विवाद, तो कभी बार-बार होने वाली अनिश्चितताएं, और अब दोबारा परीक्षा (री-टेस्ट) के जानलेवा दबाव ने देश के भविष्य को गहरे अंधकार में धकेल दिया है।

इस बड़े संकट के बीच, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री…

उत्तराखंड की शांत और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तराखंड अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौतियों का क्षेत्र बनता दिखाई दे रहा है।

पिछले एक वर्ष के दौरान राज्य में पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन,…

गदरपुर से पकड़े गए कट्टरपंथी मोहम्मद सलाउद्दीन की गिरफ्तारी के एक दिन बाद एसटीएफ की पूछताछ और डिजिटल जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

अब उसके संभावित विदेशी, सीमापार और अंतरराज्यीय संपर्कों की जांच शुरू कर दी गई है।…

दुनिया

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निर्जला एकादशी का व्रत हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. निर्जला एकादशी व्रत करने से सभी 24 एकादशियों का व्रत करने का फल मिलता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस (फर्स्ट क्लास) प्रदान किया गया है। वह यह सम्मान हासिल करने वाले पहले भारतीय भी हैं।

उत्तराखंड में आखिर क्या चल रहा है? सरकार की नाक के नीचे 13.83 करोड़ का छात्रवृत्ति घोटाला, हजारों फर्जी छात्रों के नाम पर डकार गए करोड़ों रुपये

पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए ड्रग्स और अवैध हथियार मंगाने के आरोप में वांछित शातिर अपराधी को एसटीएफ, जिला पुलिस और पंजाब की एएनटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 23 मई से उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर में छिपा हुआ था।

Express News

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फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान दुनिया भर के नेताओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया.

हालांकि, सम्मेलन की गंभीर चर्चाओं के बीच एक हल्का-फुल्का और दोस्ताना पल सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा में रहा.…

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उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एसी/एसटी ऐक्ट (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम) को लेकर एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट के अनुसार राज्य में किसी भी लोक सेवक (सरकारी अधिकारी-कर्मचारी) के खिलाफ इस अधिनियम के तहत केस दर्ज करने से पहले प्रशासनिक जांच करना अनिवार्य होगा।

जस्टिस आलोक मेहरा की सिंगल जज बेंच ने बुधवार को तत्कालीन पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) भूपेंद्र धोनी और एसआई रमेश बोहरा…

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उत्तराखंड शांत और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तराखंड अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौतियों का क्षेत्र बनता जा रहा है। पिछले एक वर्ष के दौरान राज्य में पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, कट्टरपंथी गतिविधियों और सीमा पार संचालित गिरोहों से संपर्क रखने वाले कई आरोपितों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

भारत की राजनीति में इन दिनों विपक्षी खेमों में टूट की चर्चा तेज है। ममता बनर्जी की टीएमसी बुरी तरह बिखर चुकी है। इसके अलावा, उद्धव ठाकरे की पार्टी में भी बगावत हो चुकी है।

पॉलीहाउस योजना में कथित घोटाले की जांच शुरू, शिवसेना नेता की शिकायत पर शासन ने मांगी विभागीय रिपोर्ट

2029 के आम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को घेरने की रणनीति तैयार कर रहा विपक्ष अपने ही अंतर्विरोधों के जाल में उलझता नजर आ रहा है। आगामी चुनावों के लिए अभी से जमीन तैयार करने के मकसद से 8 जून को ‘इंडिया’ गठबंधन की एक बेहद अहम और गुप्त बैठक बुलाई गई थी।

उत्तराखंड में गौला नदी पर जमरानी बांध परियोजना का निर्माण कार्य अटका हुआ है। 3808 करोड़ से बन रहे बांध के लिए उत्तराखंड को 1432.40 करोड़ खर्च करने हैं। अनुबंध के अनुसार अभी तक उत्तराखंड को यूपी की तरफ से एक रुपये का भी भुगतान नहीं हुआ।

धामी सरकार की उपलब्धियों के दावों के बीच अटका जमरानी बांध, यूपी से 688 करोड़ का इंतजारदेहरादून। उत्तराखंड सरकार जहां विकास और ऐतिहासिक उपलब्धियों के दावे कर रही है, वहीं…

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भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET UG) इस समय सिर्फ एक कॉम्पिटिशन नहीं रह गई है, बल्कि छात्रों के लिए एक खौफनाक मानसिक चक्रव्यूह बन चुकी है। कभी पेपर लीक का विवाद, तो कभी बार-बार होने वाली अनिश्चितताएं, और अब दोबारा परीक्षा (री-टेस्ट) के जानलेवा दबाव ने देश के भविष्य को गहरे अंधकार में धकेल दिया है।

इस बड़े संकट के बीच, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बेहद भावुक और चेतावनी भरा खुला पत्र लिखा है। इस पत्र…

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उत्तराखंड की शांत और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तराखंड अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौतियों का क्षेत्र बनता दिखाई दे रहा है।

पिछले एक वर्ष के दौरान राज्य में पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, कट्टरपंथी गतिविधियों और सीमा पार संचालित गिरोहों से संपर्क रखने वाले कई आरोपियों की गिरफ्तारी…

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गदरपुर से पकड़े गए कट्टरपंथी मोहम्मद सलाउद्दीन की गिरफ्तारी के एक दिन बाद एसटीएफ की पूछताछ और डिजिटल जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

अब उसके संभावित विदेशी, सीमापार और अंतरराज्यीय संपर्कों की जांच शुरू कर दी गई है। एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के अनुसार, आरोपित के मोबाइल फोन और इंटरनेट…

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उच्च न्यायालय ने नया नियम हटाया – देशभर के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सुनाया है जिसने लाखों कर्मचारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं।

नए नियम के तहत अब कर्मचारियों को 60 साल नहीं बल्कि 55 साल की उम्र में ही रिटायर किया जाएगा। कोर्ट का कहना है कि प्रशासनिक ढांचे में युवाओं को…

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हिन्दू धर्मग्रंथों में चार युग की संकल्पना की गई है। ये हैं- सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर युग और कलियुग। माना जाता है कि हर युग में मनुष्आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ?

सतयुग

चारों युगों में से सबसे पहला सतयुग है। वह युग जहां पाप, अधर्म, अन्याय और झूठ के लिए कोई जगह नहीं होता है, सतयुग कहा गया है। पुराणों के अनुसार, सतयुग का प्रारंभ कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। ग्रंथों में इस युग की अवधि लगभग 17 लाख 28 हजार वर्ष बताई गई है।

इस युग में देवी-देवता पृथ्वी पर मनुष्य की भांति ही रहते थे। कहते हैं, उनकी आयु लगभग 2 लाख वर्ष होती थी। पुष्कर इस युग का सबसे महान तीर्थ था। इस युग में भगवान विष्णु के 10 मुख्य अवतारों में से मत्स्य, कच्छप, वराह और नरसिंह अवतार हुए थे।

त्रेतायुग

ग्रंथों में त्रेतायुग की अवधि लगभग 12 लाख 28 हजार मानी गई है। इस युग की शुरुआत वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि से हुई थी। इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 10,000 वर्ष हुआ करती थी। कहते हैं इस युग सबसे महान तीर्थ नैमिषारण्य था। इस युग में अधर्म का नाश करने के लिए भगवान विष्णु के श्री राम, वामन, परशुराम के अवतार हुए थे।

द्वापरयुग

पुराणों के मुताबिक, द्वापर युग की अवधि लगभग 8 लाख 64 हजार है। यह युग माघ माह के कृष्ण अमावस्या से शुरू हुआ था। हिंदू धर्म ग्रंथों में इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 1000 वर्ष बताई गई है। इस युग का सर्वश्रेष्ठ तीर्थ कुरुक्षेत्र को माना गया है। द्वापर युग में भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण ने धरती पर जन्म लेकर कंस जैसे दुष्टों का संहार किया था।

कलियुग

वर्तमान युग यानी कलियुग की अवधि तीनों युगों में सबसे कम है। इस युग की अवधि 4 लाख 32 हजार वर्ष बताई जाती है। कलियुग की शुरुआत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से मानी जाती है। यह तिथि इस साल सोमवार 30 सितंबर, 2024 को पड़ रही है।

हैरत की बात है कि इस युग में मनुष्य की आयु लगभग 100 वर्ष ही रह गई है। वहीं, गंगा नदी को कलियुग का सबसे पवित्र तीर्थ स्थान बताया गया है। इस युग में भगवान विष्णु के 9वें अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ। भगवान विष्णु का 10वां अवतार कल्कि के रूप में कलियुग के अंत में होगा।

कब खत्म होगा कलियुग?

भारतीय काल-निर्णय के अनुसार कलियुग का अंत होने में अभी 4 लाख 26 हजार 875 साल बाकी हैं। इस समय कलियुग का प्रथम चरण चल रहा है और कलियुग के मात्र 5 हजार 125 साल हुए हैं। बता दें कि कलयुग के कुल अवधि 4 लाख 32 हजार साल के बताई गई है।य की बनावट से लेकर उसके व्यवहार और उम्र में कुछ परिवर्तन आए हैं।

   आइए जानते हैं, कौन-सा युग कब प्रारंभ हुआ, किस युग की क्या विशेषताएं थी और भगवान विष्णु के 10 अवतारों में से किस युग में कौन-सा अवतार हुआ? सतयुग…

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ताकि सनत रहे नगला पंतनगर, 1960 के दशक से लेकर 1980 तक लोगों की बसायत हुई नगला में, अवगत कराते हुए की नगला में निवास करने वाले लोगों में भारतीय सेवा की तरफ से द्वितीय विश्व युद्ध 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। वही कारगिल युद्ध में भीनगला के लोगों ने भारतीय सेना की तरफ से प्रतिभागी किया। जिसमें 1965 और 70 के बीच नगला में निवासरत, स्वर्गीय सूबेदार मेजर खड़क सिंह बिष्ट जिन्होंने19 71,1965 और 1962 की युद्ध में भारतीय सेना में प्रतिभा किया, नगला बायपास निवासी स्वर्गीय लेस नायक प्रेमचंद पांडे, जो की 1965 से नगला में निवास कर रहे हैं ।द्वितीय विश्व युद्ध 1962 और 1965 की लड़ाई में छह माह तक चीन में कैद रहे.। स्वर्गीय हवलदार मेजर धर्म सिंह का परिवार नगला में 1972 से निवास कर रहे हैं,। 1962 1965 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारतीय सेना की तरफ से लड़ाई लड़ी। स्वर्गीय सूबेदार आलम सिंह बिष्ट 1982 से नगला में निवासरत 1962 1965 1971 में भारतीय सेना की तरफ से युद्ध में हिस्सा लिया। कर्नल प्रताप सिंह, कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिया। बोफोर्स तोप एवं रडार सिस्टम का पूर्ण रूप से प्रतिनिधित्व किया जिन्होंने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई। राजस्थान बॉर्डर पर अपना एक पाव गवा चुके हैं। सूबेदार आलम सिंह के नाती वर्तमान में आर्मी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एनडीए रजत बिष्ट S/0 नंदन सिंह बिष्ट के दो पुत्र एनडीए क्वालीफाई करने के उपरांत थल सेना में लेफ्टिनेंट एवं जल सेना में कैप्टन उदित बिष्ट अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वर्गीय इंदर सिंह थापा 1965 1971 की लड़ाई में वही उनके पुत्र लक्ष्मण सिंह थापा भारतीय सेना से हाल फिलहाल रिटायर हुए हैं। त्रिलोक सिंह जिन्होंने भारतीय सेवा में अपने 8 साल दिए हैं। स्वर्गीय भीम सिंह बिष्ट पैरा कमांडो, आदि कई अन्य लोगों ने जो नगला क्षेत्र में निवास कर रहे हैं देश के लिए बहुत कुछ किया है, वहीं अगर उत्तराखंड राज्य आंदोलन की बात की जाए ,नगला क्षेत्र से अवतार सिंह बिष्ट, हरीश जोशी, एवं उनके परिवार के दो अन्य सदस्य, जगदीश बोहरा, प्रकाश पुजारी, जो की चिन्हित राज्य आंदोलनकारी हैं। परिवार के साथ नगला में 1976 से निवास करते हैं,। उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ, उधम सिंह नगर को उत्तराखंड में मिलने के लिए 24,36 व 72 घंटे का जाम और उत्तराखंड राज्य आंदोलन में अनगिनत आंदोलन इनके द्वारा किए गए। दिल्ली फिरोजशाह कोटला मैदान से इंडिया गेट तक का मार्च पास्ट एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उत्तराखंड राज्य गठन मै महत्वपूर्ण भूमिका इन की रही है। ताकि सनत रहे, उत्तराखंड राज्य आंदोलन में पूरा नगला क्षेत्र एक जुटता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जिसमें सभी जाति धर्म के लोग सम्मिलित होते थे ,मिल का पत्थर साबित हुआ था। पूरे उधम सिंह नगर में नगला क्षेत्र का जबरदस्त ,,विशेष,, असर देखने को मिलता था । नगला की खबर उधम सिंह नगर की खबर बन जाती थी। जिस नगला क्षेत्र को तोड़ने की चर्चा आजकल चल रही है । नगला वासियों ने देश व प्रदेश को एवं समाज को बहुत कुछ दिया है। आज जब नगला क्षेत्र को तोड़ने की कवायत चल रही है। राजेश शुक्ला पूर्व विधायक के द्वारा सराहनीय कार्य नगला को बचाने के लिए किया जा रहा है। नगला क्षेत्र को तोड़ने के लिए सरकारी महकमा भी कहीं ना कहीं असहज महसूस कर रहा है। हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की तरफ से हम सरकार से मांग करते हैं नगला क्षेत्र के लोगों का एवं नगला मै निवास कर रहे लोगों के अधिकार सुरक्षित हो, विधानसभा पटल पर नगला क्षेत्र को लंबे समय से निवास कर रहे लोगों को मलिकाना हक दिया जाए। और देश, प्रदेश व समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले नगला ,पंतनगर वासियों के अधिकार सुरक्षित किये जाए। उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना थी, उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकार सुरक्षित होंगे। लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार में सबसे ज्यादा जिन्हें नुकसान हुआ है या फिर जिनके घर तोड़ दिए गए या फिर तोड़ दिया जाएंगे। नगला वासी 60 ,70, 80 के दशक में उन जगहों पर नगला मै विस्थापित हो चुके थे ।जिन्हें आज सरकार अपना बता रहीहैं। नगला वासी की निगाहें उत्तराखंड सरकार पर हैं ।असमंजस की स्थिति नगला क्षेत्र में बनी हुई है। एक और जहां लोगों के अंदर आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर अपने जीवन की महत्वपूर्ण जमा पूंजी व अपने मेहनत के दम पर खड़े किए गए कंक्रीट के मकान उनके दर्द को बाया कर रहे हैं। महिलाएं वह बच्चे पथराई आंखों से अपने टूटे हुए घर को देखकर स्तंभ है। लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। उम्मीद की एक किरण धामी सरकार पर है। जो नगला को बचा सकती है।

Hindustan Global Times, Avtar Singh Bisht, journalist from Uttarakhand नगला, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी एवं भारतीय सेना, मैं महत्वपूर्ण भूमिका रही है नगला कवाशियो की ताकि सनत रहे नगला के…

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कत्यूरी सम्राट प्रीतम देव की महारानी जिया का नाम उत्तराखंड की वीर और पौराणिक गाथाओं में सम्मान से लिया जाता है। कत्यूरी राजवंश में माता को जिया कहा जाता है, इसलिए उन्हें जिया रानी कहा जाता है।इतिहासकारों और स्‍थानीय लोगों के मुताबिक जिया रानी धामदेव की मां थी और प्रख्यात उत्तराखंडी लोककथा नायक मालूशाही की दादी थीं। कहा जाता है कि जिया रानी हल्‍द्वानी के रानीबाग में रहीं थीं और उन्होंने यहां अपना बाग सजाया था। जिस कारण इस जगह का नाम रानीबाग पड़ा। जिया रानी पर कई कहावते प्रचलित हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में… रानीबाग में जिया रानी का मंदिर है। माता जिया रानी की गुफा आज भी रानीबाग में स्थित है। मान्‍यता है कि वह गुफा से वह सीधे हरिद्वार निकली थीं। यहां एक विशाल शिला है, जिसे जिया रानी का घाघरा मानकर लोग पूजते हैं। स्‍थानीय परंपराओं के अनुसार माता जिया रानी कत्यूरी वंश की रानी थीं। हर साल मकर संक्रांति के अवसर पर रानीबाग में कत्यूरी वंश के लोग और सैकड़ों स्‍थानीय लोग अपने परिवार सहित सामूहित पूजा करते हैं। जिसे जागर हैं। उत्तराखंड में जिया रानी की गुफा के बारे में एक किवदंती प्रचलित है। कहा जाता है रानी जिया कत्यूरी राजा पृथ्वीपाल उर्फ प्रीतमदेव की पत्नी थी। वह रानीबाग में चित्रेश्वर महादेव के दर्शन करने आई थीं। रानी जिया बेहद सुंदर थीं। जैसे ही रानी नहाने के लिए नदी पर पहुंचीं तो वहां रुहेलों की सेना ने वहां घेरा डाल दिया। इस दौरान उन्होंने अपने ईष्ट देवताओं का स्मरण किया और गार्गी नदी के पत्थरों में ही समा गईं। नदी के किनारे एक विचित्र रंग की शिला आज भी वहां देखने को मिलती है, जिसे चित्रशिला कहा जाता है। जिया रानी को कुमाऊं में न्याय की देवी के रूप में पूजा जाता है। इतना ही नहीं जिया रानी कई कुलों की आराध्‍य देवी भी हैं।क्या है माता जिया रानी का असली नाम?जिया रानी का वास्तविक नाम मौला देवी था, जो हरिद्वार के राजा अमरदेव पुंडीर की पुत्री थीं। मौला देवी राजा प्रीतमपाल की दूसरी रानी थीं। मौला देवी को राजमाता का दर्जा मिला और उस क्षेत्र में माता को जिया कहा जाता था, इसलिए उनका नाम जिया रानी पड़ गया।क्‍यों कहलाई कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई?माता जिया रानी को कुमाऊं की रानी लक्ष्मीबाई कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्‍योंकि माता जिया रानी ने रोहिलो और तुर्कों के आक्रमण के दौरान कुमाऊं की रक्षा की थी और युद्ध में बलिदानी हुईं थी।

स्‍थानीय लोगों का मानना है कि युद्ध के समय जिया रानी ने हीरे-मोती जड़ित लहंगा पहना था। जो बाद में पत्थर बन गया। ये पत्थर आज भी है रानीबाग में…

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उत्तराखंड में गौला नदी पर जमरानी बांध परियोजना का निर्माण कार्य अटका हुआ है। 3808 करोड़ से बन रहे बांध के लिए उत्तराखंड को 1432.40 करोड़ खर्च करने हैं। अनुबंध के अनुसार अभी तक उत्तराखंड को यूपी की तरफ से एक रुपये का भी भुगतान नहीं हुआ।

धामी सरकार की उपलब्धियों के दावों के बीच अटका जमरानी बांध, यूपी से 688 करोड़ का इंतजारदेहरादून। उत्तराखंड सरकार जहां विकास और ऐतिहासिक उपलब्धियों के दावे कर रही है, वहीं […]

भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET UG) इस समय सिर्फ एक कॉम्पिटिशन नहीं रह गई है, बल्कि छात्रों के लिए एक खौफनाक मानसिक चक्रव्यूह बन चुकी है। कभी पेपर लीक का विवाद, तो कभी बार-बार होने वाली अनिश्चितताएं, और अब दोबारा परीक्षा (री-टेस्ट) के जानलेवा दबाव ने देश के भविष्य को गहरे अंधकार में धकेल दिया है।

इस बड़े संकट के बीच, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बेहद भावुक और चेतावनी भरा खुला पत्र लिखा है। इस पत्र […]

उत्तराखंड की शांत और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तराखंड अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौतियों का क्षेत्र बनता दिखाई दे रहा है।

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गदरपुर से पकड़े गए कट्टरपंथी मोहम्मद सलाउद्दीन की गिरफ्तारी के एक दिन बाद एसटीएफ की पूछताछ और डिजिटल जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

अब उसके संभावित विदेशी, सीमापार और अंतरराज्यीय संपर्कों की जांच शुरू कर दी गई है। एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के अनुसार, आरोपित के मोबाइल फोन और इंटरनेट […]

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के लिए सकारात्मक पहल, लंबित मांगों के समाधान की दिशा में तेज़ी

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद के अध्यक्ष हुकुम सिंह कुंवर तथा उपाध्यक्ष सुभाष बड़थ्वाल के साथ एक महिला उपाध्यक्ष की भी नियुक्ति की गई है। वर्तमान समय को राज्य आंदोलनकारियों […]

उत्तराखंड: क्या खाद्य सुरक्षा का आधार केवल सरकारी राशन बनता जा रहा है?

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एजेंसियों ने दुनिया के कई हिस्सों में बढ़ते भुखमरी संकट को लेकर चेतावनी दी है। सूडान, गाजा, यमन और सोमालिया जैसे क्षेत्रों में युद्ध, जलवायु परिवर्तन […]

राज्य आंदोलनकारियों ने नियुक्ति और लंबित परिणाम घोषित करने की मांग उठाई, धरना दूसरे दिन भी जारी

देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मंच का धरना शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। राज्य आंदोलनकारियों को प्रदत्त 10 प्रतिशत क्षेत्रीय आरक्षण की बहाली के बावजूद वर्ष 2013 की […]

आज के दौर में लोग रिश्ते तलाशने के लिए सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल वेबसाइटों का सहारा लेते हैं। लेकिन यही भरोसा कुछ शातिर लोगों के लिए कमाई का जरिया बन गया। कानपुर में पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो शादी कराने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये ऐंठ रहा था।

इस गिरोह का तरीका इतना प्लैनिंग के साथ बना था कि पढ़े-लिखे लोग भी आसानी से इसके जाल में फंस जाते थे। गिरोह के सदस्य पहले अविवाहित युवकों की जानकारी […]

उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, पशुपालन, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कारागार प्रशासन और कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने से लेकर चारधाम यात्रा में उपयोग होने वाले घोड़े-खच्चरों के बीमा, राज्य आंदोलनकारियों के आरक्षण, हिमालयन कार रैली और पूर्ण […]

फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान दुनिया भर के नेताओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया.

हालांकि, सम्मेलन की गंभीर चर्चाओं के बीच एक हल्का-फुल्का और दोस्ताना पल सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. यह पल था प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री […]