देहरादून। भारत की प्राचीन सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मान्यता मिलना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। विख्यात रंगकर्मी, विचारक और मेघदूत नाट्य संस्था के संस्थापक एस.पी. ममगाईं ने भरतमुनि कृत नाट्य शास्त्र को यूनेस्को के Memory of the World Register में स्थान मिलने पर हर्ष और संतोष व्यक्त करते हुए इसे “देर से उठाया गया सही कदम” कहा है।
शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स/संपादक उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)संवाददाता
