शैल सांस्कृतिक समिति, रुद्रपुर के पदाधिकारियों ने एक संयुक्त बयान जारी करते हुए हाल ही में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान की धरती पर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई सैन्य कार्रवाई का समर्थन करते हुए उसे भारत के आत्मसम्मान और सुरक्षा नीति का प्रतीक बताया है।
समिति के महासचिव एडवोकेट दिवाकर पांडे ने कहा कि “सेना का यह पराक्रम हर भारतवासी के भीतर आत्मगौरव की भावना भरता है।”
कोषाध्यक्ष दया किशन दनाई ने इसे “राष्ट्र की सुरक्षा के लिए एक निर्णायक कदम” बताया, जबकि उपाध्यक्ष सतीश ध्यानी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “अब भारत सहनशील तो है, परंतु शत्रुता का जवाब देना जानता है।”
अन्य सदस्य पदाधिकारी डॉ अमिता उप्रेती दिनेश भट्ट, Mahesh Kandpal,पीसी शर्मा, राजेन्द्र बोहरा, भास्कर जोशी, दिनेश बम, जगदीश बिष्ट, मुकुल उप्रेती, डॉ. एल एम उप्रेती, और सतीश लोहनी आदि ने भी सेना के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि “देश को अपनी सेना पर गर्व है और जो इस पर संदेह करता है, वह राष्ट्र की भावना को चोट पहुंचाता है।”
भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान स्थित आतंकी अड्डों पर की गई कार्रवाई केवल एक सैन्य ऑपरेशन नहीं, बल्कि देश की संप्रभुता और आत्मसम्मान की रक्षा हेतु उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है। यह उन हजारों शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में प्राण न्यौछावर किए। हमारी समिति इस पराक्रम का पूर्ण समर्थन करती है और मानती है कि आज का भारत निर्णय लेने में दृढ़ है और दुश्मनों को उन्हीं की भाषा में जवाब देना जानता है। हम युवाओं को भी राष्ट्रभक्ति की भावना से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।” गोपाल सिंह पटवाल, अध्यक्ष, शैल सांस्कृतिक समिति, रुद्रपुर
संवाददाता,शैल ग्लोबल टाइम्स/ हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स /उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी, अवतार सिंह बिष्ट रुद्रपुर, (उत्तराखंड)
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