खटीमा। उधम सिंह नगर जिले में अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कभी कोई व्यक्ति नहर में मृत अवस्था में मिलता है, कभी पुलिया के नीचे शव बरामद होता है और कई बार सड़क या सुनसान स्थान पर अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल जाती है। ऐसी घटनाओं ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ इन मामलों की गहन जांच को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
शनिवार देर रात खटीमा रेलवे स्टेशन के वार्ड नंबर छह के पास दो लोगों के संदिग्ध परिस्थितियों में पड़े होने की सूचना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बाजार चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जीवन चुफाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां दो व्यक्ति चित अवस्था में पड़े मिले।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
पुलिस के अनुसार एक व्यक्ति की पहचान राजेंद्र सिंह सामंत पुत्र पद्म सिंह सामंत, निवासी वेस्ट व्यू होटल के सामने, खटीमा के रूप में हुई है। बताया गया कि राजेंद्र सिंह परचून की दुकान चलाता था। दूसरे व्यक्ति की पहचान विनोद पुत्र शोभन सिंह, उम्र करीब 47 वर्ष, निवासी ग्राम नगला तहर, थाना डिलारी, जनपद मुरादाबाद के रूप में हुई है।
दोनों शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपदीय फील्ड यूनिट और एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया। टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने घटना के कारणों का पता लगाने के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। आसपास के लोगों और स्थानीय निवासियों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट हो सकेगी।
जिले में लगातार सामने आ रही घटनाएं चिंता का विषय
खटीमा की यह घटना एक बार फिर उस बड़े सवाल की ओर ध्यान खींचती है कि उधम सिंह नगर में अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने की घटनाओं की वास्तविक वजह क्या है?
जिले के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर नहर, नदी, पुलिया, सड़क किनारे, रेलवे ट्रैक के आसपास अथवा सुनसान स्थानों से शव बरामद होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई मामलों में मृतकों की पहचान तत्काल हो जाती है, जबकि कुछ मामलों में पुलिस को पहचान और मौत के कारणों तक पहुंचने में काफी समय लगता है।
ऐसी घटनाओं में हर मामले की अलग परिस्थितियां हो सकती हैं। हादसा, बीमारी, आत्महत्या अथवा आपराधिक घटना जैसी विभिन्न संभावनाओं की जांच पुलिस स्तर पर की जाती है। इसलिए किसी घटना को जांच पूरी होने से पहले किसी एक कारण से जोड़ना उचित नहीं होगा।
फिर भी लगातार सामने आने वाली ऐसी घटनाएं पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती अवश्य हैं। जरूरत इस बात की है कि प्रत्येक मामले में वैज्ञानिक साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, प्रत्यक्षदर्शियों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाए।
खटीमा में मिले दो शवों की घटना ने एक बार फिर जिले में सुरक्षा व्यवस्था और संदिग्ध मौतों की जांच को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है, जिससे घटना की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
