विशेषज्ञों का कहना है कि यह खतरा इतना बड़ा है कि संभव है लाशें तक न मिलें.

इंटरनेशनल सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड माउंटेन डेवलपमेंट (ICIMOD) के विशेषज्ञों ने चेताया है कि नेपाल के कोशी प्रांत में स्थित इन झीलों पर थोड़ी-सी भी भारी बारिश, भूकंप या ग्लेशियर टूटने जैसा असर बेहद खतरनाक नतीजे दे सकता है. यही वजह है कि इन्हें “उच्च जोखिम” (highly at risk) की श्रेणी में रखा गया है.
42 झीलें खतरे में- सबसे ज्यादा रिस्क कोशी प्रांत में
ICIMOD की रिपोर्ट “Risks Arising From Rapid Changes in Nepal’s Glaciers and Glacial Lakes” के मुताबिक नेपाल में मौजूद 2,069 ग्लेशियल लेक में से 42 झीलें बेहद बड़े खतरे में हैं. ये सभी कोशी प्रांत में स्थित हैं. संकहुवासभा जिले के भोटखोला, मकालू और लोअर बरुण क्षेत्र में यह खतरा सबसे ज्यादा है. सबसे खतरनाक झील मानी गई है तल्लोपोखरी ग्लेशियल लेक, जो करीब 3 किलोमीटर लंबी और लगभग 206 मीटर गहरी है.

तल्लोपोखरी झील सबसे खतरनाक. (फोटो Unsplash)
क्या होता है हिमनदी झील फटना (glacial lake burst)?
जब किसी ग्लेशियर के पास बनी झील अचानक टूट जाती है, तो नीचे की घाटी में कुछ ही मिनटों में किलोमीटरों तक पानी, बर्फ, कीचड़ और चट्टानों का सैलाब उतरता है. इसे Glacial Lake Outburst Flood (GLOF) कहा जाता है.
GLOF इतना खतरनाक क्यों होता है?
- पानी का बहाव किसी नदी से कई गुना ताकतवर.
- रास्ते में आने वाली हर चीज, घर, सड़कें, पुल सब बह जाता है.
- चेतावनी देने का वक्त नहीं मिलता.
- मिट्टी और पत्थरों की वजह से शवों का मिलना मुश्किल.
- पानी की रफ्तार गांवों को कुछ ही मिनट में खत्म कर देती है.
नेपाल के लिए बड़ा खतरा 13 झीलें चीन (तिब्बत) से भी रिस्क में
ICIMOD के विशेषज्ञों ने बताया कि नेपाल पर सिर्फ अपनी झीलों का ही खतरा नहीं है. तिब्बत में बनी 13 ग्लेशियल झीलें भी ऐसी हैं, जिनका पानी टूटकर सीधे नेपाल के उत्तरी हिस्सों को तबाह कर सकता है. अक्सर देखा गया है कि सीमापार झील फटने पर नेपाल के गांवों तक सैलाब पहुंचने में बहुत कम समय लगता है.

झील फटने पर मिनटों में सैलाब से सैकड़ों गांव बह सकते हैं.
संकहुवासभा क्यों सबसे ज्यादा खतरे में?
विशेषज्ञों के मुताबिक:
- यहां पहाड़ खड़े और ढलान बहुत तेज
- नदियां संकरी घाटियों से गुजरती हैं
- नीचे दर्जनों बस्तियां और खेती वाली जमीनें
- हाल के वर्षों में ग्लेशियर बहुत तेजी से पिघले
इस कारण अरुण घाटी और आसपास के कई गांवों के डूबने का जोखिम सबसे ज्यादा है.

ICIMOD, UNDP नेपाल और हाइड्रोलॉजी एंड मेट्रोलॉजी विभाग मिलकर चार सबसे खतरनाक झीलों पर काम कर रहे हैं. (फोटो Unsplash)
कौन-कौन-सी झीलें सबसे ज्यादा रिस्क पर?झील का नामक्षेत्रखतरे का स्तरतल्लोपोखरीलोअर बरुणसबसे ज्यादाभोटखोला की झीलेंसंखुवासभाउच्च जोखिममकालू क्षेत्र की झीलेंसंखुवासभाउच्च जोखिमतिब्बत से आने वाली झीलेंनेपाल का उत्तरी हिस्साअति संवेदनशील
नेपाल सरकार और ICIMOD क्या कर रहे हैं?
ICIMOD, UNDP नेपाल और हाइड्रोलॉजी एंड मेट्रोलॉजी विभाग मिलकर चार सबसे खतरनाक झीलों पर काम कर रहे हैं. इनमें पानी का स्तर कम करने, अलर्ट सिस्टम बनाने और गांवों को पहले से चेताने के उपाय शामिल हैं. दूसरी विशेषज्ञ नीरा श्रेस्ता प्रधान के अनुसार, किसी भी आपदा में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं. इसीलिए इन समुदायों को विशेष प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ा जा रहा है.

