

रुद्रपुर में लंबे समय से शहर की मुख्य समस्या यातायात जाम, धक्का-मुकी सड़कें और वाहनों के बोझ से दुर्घटनाएं जारी हैं। अब इस चुनौती का समाधान रिंग रोड के निर्माण से होने जा रहा है, जो शहर को बढ़ते ट्रैफिक दबाव से मुक्त करेगा और आर्थिक विकास को भी गति देगा।�

रुद्रपुर। विधायक शिव अरोरा ने एनएचआई अधिकारियों के साथ 1082 करोड़ की लागत से बन रहे रुद्रपुर रिंग रोड का स्थलीय भ्रमण कर कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि 20 किमी लंबा यह रिंग रोड मार्च 2026 तक जनता को समर्पित होगा और समय से पहले पूरा होना रिकॉर्ड होगा। रिंग रोड से शहर को जाम से राहत मिलेगी और नया रुद्रपुर विकसित होगा। विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व सांसद अजय भट्ट का आभार जताया। एनएचआई अधिकारियों ने कार्य अंतिम चरण में होने की जानकारी दी।
️ रिंग रोड परियोजना — विस्तार से जानकारी
✔ लागत: लगभग ₹1100 करोड़ (लगभग ₹1050-₹1150 करोड़ के बीच) का विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट।�
✔ लंबाई: लगभग 20-21 किलोमीटर का फोर-लेन रिंग रोड।�
✔ संरचना:
करीब 20 अंडरपास, रेल ओवर ब्रिज (ROB), और फ्लाईओवर शामिल हैं।�
Amar Ujala
कई हिस्सों में अंडरपास एवं ओवरब्रिज का निर्माण जारी है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षित बन सके।�
✔ निर्माण एजेंसी: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और संबंधित सड़क विभाग।�
✔ समयसीमा: लक्ष्य था दिसंबर 2025 तक पूरा करना; कुछ निर्माण कार्य जनवरी 2026 तक पूरा करने का प्रयास जारी है।�
रिंग रोड का उद्देश्य और फायदे
जाम से निजात: रुद्रपुर जैसे औद्योगिक शहर में ट्रैफिक का दबाव अत्यधिक है। रिंग रोड बनने पर भारी वाहनों को शहर के अंदर से गुजरने की आवश्यकता नहीं रहेगी, जिससे ट्रैफिक जाम में काफी कमी आएगी।�
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यात्रा समय में बचत: किच्छा, हल्द्वानी, देहरादून, दिल्ली जैसी ओरियों से आने-जाने वाले वाहनों को शहर के भीतरी हिस्से से आने की बजाय रिंग रोड पर डायरेक्ट मार्ग मिलेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी
दुर्घटनाओं में कमी: शहर में भीड़भाड़ सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है। रिंग रोड वाहनों को बाहर के मार्ग पर ले जा कर सड़क सुरक्षा बेहतर बनाएगा।
आर्थिक प्रगति: उद्योगों और व्यापारों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की संभावना है।
六⚖️ राजनीतिक भूमिका — विधायक शिव अरोड़ा के दृष्टिकोण में उपलब्धियां
योजना को आगे बढ़ाना: विधायक शिव अरोड़ा ने लगातार स्थानीय स्तर पर रिंग रोड की मांग को उठाया है और फरवरी-मार्च 2025 से जनता के बीच इस प्रोजेक्ट की आवश्यकता पर जोर दिया।
जनता से संवाद: रिंग रोड के कारण होने वाले मुआवजे, भूमि अधिग्रहण और निर्माण योजनाओं पर स्थानीय लोगों से संवाद करके समस्याओं के समाधान का प्रयास किया गया।
स्थानीय विकास: रुद्रपुर के विकास के लिए अरोड़ा ने सुरक्षा, सड़क और इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी है, जिसमें यह रिंग रोड प्रमुख रहा है।
सर्वोच्च उपलब्धि: रिंग रोड परियोजना को धरातल पर लाना — जो आज रुद्रपुर के लिए वरदान साबित होने जा रहा है — यह अरोड़ा की सबसे बड़ी लोकहित योजना मानी जा रही है, क्योंकि यह सीधे जनता के रोज़मर्रा के जीवन को प्रभावित करती है।
क्या यह रिंग रोड रुद्रपुर के लिए वरदान है?
हाँ! यहाँ प्रमुख कारण हैं:
✔ ट्रैफिक जाम में कमी।�
✔ समय और ईंधन की बचत।�
✔ दुर्घटनाओं में कमी।�
✔ औद्योगिक विकास और आर्थिक अवसरों में वृद्धि।
⚠ जनता की अपेक्षा: रिंग रोड के पूरा होने पर रुद्रपुर का चहराकारी और जीवनस्तर बेहतर होगा — जिससे यह परियोजना वास्तव में वरदान साबित होगी।
✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड)
रुद्रपुर। विधायक शिव अरोरा ने एनएचआई अधिकारियों के साथ 1082 करोड़ की लागत से बन रहे रुद्रपुर रिंग रोड का स्थलीय भ्रमण कर कार्य प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि 20 किमी लंबा यह रिंग रोड मार्च 2026 तक जनता को समर्पित होगा और समय से पहले पूरा होना रिकॉर्ड बनेगा। रिंग रोड से शहर को जाम से राहत मिलेगी और नया रुद्रपुर विकसित होगा।
इस दौरान एनएचआई के पीडी अंचल जिंदल, डिप्टी मैनेजर रक्षित यादव, तुषार गुप्ता (साइट इंजीनियर), विनोद सिंह (प्रोजेक्ट मैनेजर) तथा प्रधान विनीत सोलंकी, राजीव शुक्ला, आयुष चिलाना, किरन विर्क, संतोष गुप्ता, कुलदीप सिंह, राजेश पासवान, पिंकू तिवारी, मनोज मदान, मयंक कक्कड़, मोहित चड्डा, प्रीत ग्रोवर सहित अन्य लोग मौजूद




