उत्तराखंड ,देश में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ेंगी ठंड और चुनौतियां
मौसम विभाग ने 19 जनवरी 2026 की सुबह जारी पूर्वानुमान में बताया है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिलेगा। इस समय उत्तर पाकिस्तान, पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती प्रसार के रूप में सक्रिय है, जिसके प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार 19 और 21 जनवरी की रात से दो पश्चिमी विक्षोभ एक के बाद एक उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं।
✍️ अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में 19 से 21 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इसके बाद 22 से 24 जनवरी के दौरान वर्षा और हिमपात की तीव्रता बढ़ सकती है। 23 जनवरी को ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है, जिससे जनजीवन और यातायात प्रभावित हो सकता है। उत्तराखंड के ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में पहले से हुए हिमपात से ठंड और शीतलहर का असर बढ़ गया है, जबकि 21 से 24 जनवरी के बीच यहां भी बारिश और बर्फबारी के आसार हैं।
मैदानी इलाकों में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, बिहार और पश्चिमी राजस्थान में घना से बहुत घना कोहरा छाया हुआ है। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 434 दर्ज किया गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में है, जिसके चलते ग्रैप-4 लागू किया गया है।
तापमान की बात करें तो अगले कुछ दिनों तक उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान लगभग स्थिर रहने की संभावना है, जबकि बाद में इसमें 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सतर्क रहने, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने और आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।
दिल्ली-एनसीआर में घने कोहरे और ज़हरीले स्मॉग ने कहर बरपा रखा है। ITO और रफी मार्ग जैसे इलाकों में AQI 434 और 417 रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग का कहना है कि इस सर्दी में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पहाड़ों के कई इलाकों में लगभग बर्फबारी नहीं हुई है। पिछले कई सालों की तुलना में यह स्थिति बेहद चिंताजनक रही है। अब तक आए पश्चिमी विक्षोभ कमज़ोर थे और ज़्यादातर उत्तर की ओर चले गए, जिससे बर्फबारी प्रभावित हुई। लेकिन अब स्थिति बदल रही है।
पहाड़ों में बर्फबारी से ठंड बढ़ेगी
विभाग का कहना है कि उत्तर भारत में मौसम तेज़ी से बदल रहा है, और आज (19 जनवरी, 2026) से एक मज़बूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके बाद लगातार दो और पश्चिमी विक्षोभ आएंगे। इससे 20 जनवरी को हिमालयी राज्यों में भारी बर्फबारी होने की उम्मीद है, जबकि मैदानी इलाकों – दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों – में 23 से 25 जनवरी के बीच अच्छी बारिश हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर पर स्मॉग की चादर
इस बीच, दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर ज़हरीली हवा और कोहरे की चपेट में है। सोमवार सुबह राजधानी समेत पूरे एनसीआर में घने स्मॉग और कोहरे की मोटी परत छा गई, जिससे कई इलाकों में विज़िबिलिटी कम हो गई। नतीजतन, सड़कों पर गाड़ियां रेंगती हुई दिखीं। हवा की गुणवत्ता का स्तर भी ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम और बढ़ गया है।
AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 444 तक पहुंच गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। यह आंकड़ा शनिवार के 400 (बहुत खराब) से काफी ज़्यादा है। कुछ इलाकों, जैसे ITO में, AQI 434 रिकॉर्ड किया गया, और रफी मार्ग के पास 417। पड़ोसी शहरों में भी हालात चिंताजनक रहे – नोएडा का AQI 430 और गुरुग्राम का 378 तक पहुंच गया।
GRAP-4 की पाबंदियां लागू
इस बीच, हवा की क्वालिटी में तेज़ी से गिरावट के कारण, ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के फेज़ 4 के तहत सबसे सख्त पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। वायु प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए, GRAP-4 के तहत दिल्ली में सभी कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज़ पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम करने के लिए स्कूलों और ऑफिसों को हाइब्रिड मोड में काम करने का ऑप्शन दिया गया है। प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के आने-जाने पर भी सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। दिल्ली में PM2.5 लोड में ट्रांसपोर्ट से होने वाला प्रदूषण सबसे बड़ा योगदान देता है, जो 10.6% है, जबकि इंडस्ट्रीज़ का योगदान 7.7% है।
दिल्ली में येलो अलर्ट
रविवार सुबह दिल्ली के ज़्यादातर हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा, जिसके लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ‘येलो अलर्ट’ जारी किया था। रविवार को न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री कम था, जबकि अधिकतम तापमान 22.7 डिग्री था। एक्सपर्ट्स का कहना है कि हवा की धीमी गति और बढ़ती ठंड के कारण प्रदूषित कण ज़मीन के पास फंस गए हैं, जिससे स्मॉग की एक मोटी परत बन गई है।🌥 मौसम अपडेट
