रुद्रपुर,अभिषेक वाल्मीकि की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, महापौर विकास शर्मा, विधायक शिव अरोड़ा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल हुए
हरे दुःख में डुबो देता है। गांधी कॉलोनी निवासी 17 वर्षीय अभिषेक वाल्मीकि का असमय निधन ऐसा ही एक दर्द बनकर सामने आया है, जिसने हर किसी की आँखों को नम कर दिया।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल अभिषेक को बेहतर उपचार के लिए बरेली से ऋषिकेश ले जाया जा रहा था। परिवार की उम्मीदें अभी भी जीवित थीं। माँ को विश्वास था कि उनका बेटा स्वस्थ होकर घर लौटेगा। बहनों को अपने भाई के लौटने का इंतजार था। रिश्तेदार और परिचित लगातार उसके स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे थे। इसी बीच रास्ते में ही अभिषेक ने अंतिम साँस ली और परिवार की सारी उम्मीदें एक पल में टूट गईं।
अभिषेक अपनी माँ का इकलौता बेटा था। दो बहनों का इकलौता भाई था। पिता का साया पहले ही परिवार के सिर से उठ चुका था। ऐसे में बेटे का अचानक दुनिया से चले जाना परिवार के लिए किसी पहाड़ टूटने से कम नहीं है।
महापौर विकास शर्मा बरेली पहुँचे और पंचनामा की प्रक्रिया के दौरान शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि यह समाचार अत्यंत दुःखद और हृदय को झकझोर देने वाला है। एक युवा बेटे का इस तरह असमय दुनिया से चले जाना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा भी अभिषेक की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। नम आँखों से अंतिम विदाई देते हुए उन्होंने कहा कि एक परिवार ने अपना बेटा खोया है, अपनों ने अपना प्रिय खोया है। इस दुःख को शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है। पूरा शहर इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़ा है।
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भी बरेली पोस्टमार्टम हाउस पहुँचे। परिवार की स्थिति देखकर वे भी भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि 17 वर्ष की उम्र में एक होनहार बेटे का दुनिया से चले जाना हर किसी को भीतर तक झकझोर देता है। माँ और बहनों की पीड़ा को देखकर उनकी आँखें भी नम हो गईं।
गांधी कॉलोनी के लोगों का कहना है कि अभिषेक एक मिलनसार, शांत और संस्कारी युवक था। वह अक्सर अपने दोस्तों और परिचितों के बीच मुस्कुराते हुए दिखाई देता था। उसकी यही मुस्कान आज लोगों की यादों में बस गई है।
किसी माँ के लिए अपने बेटे को कंधा देना जीवन का सबसे बड़ा दुःख माना जाता है। दो बहनों के लिए अपने इकलौते भाई को खो देना ऐसा दर्द है, जो जीवन भर दिल में बना रहता है। आज पूरा रुद्रपुर इस परिवार के दुःख में सहभागी बना हुआ है।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स परिवार की ओर से दिवंगत अभिषेक वाल्मीकि को भावपूर्ण श्रद्धांजलि। ईश्वर उनकी पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय से उबरने की शक्ति दें।
ॐ शांति।
