

इसके बाद वह दरिंदा लगातार महिला को टॉर्चर कर पैसे ऐंठता था। पीड़ित महिला ने अब अपने पूर्व पति करनैल सिंह और एडवोकेट अली चंगेजी संधू से उसे वापस बुलाने की गुहार लगाई है।

पीड़िता के पति करनैल सिंह अपनी पत्नी को जिहादी के चंगुल से बचाने के लिए लाहौर पहुंच चुके हैं। उन्होंने अदालत में याचिका दायर कर सरबजीत को पाकिस्तान से निकालकर भारत भेजने की मांग की है। उनका कहना है कि सरबजीत ने उनसे कानूनी रूप से तलाक नहीं लिया है। साथ ही आरोप लगाया कि अश्लील फोटो-वीडियो के जरिए सरबजीत को ब्लैकमेल किया गया और दुबई से पैसे मंगवाए गए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जाने से 2 साल पहले उन्हें पत्नी की अश्लील फोटो आई थीं। जिसके बाद सरबजीत ने जान देने की भी कोशिश की थी।
उनका कहना है कि बिना तलाक के नासिर हुसैन के साथ संबंध अवैध हैं और उस पर रेप का मामला दर्ज होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरबजीत का इस्लाम कबूल करना वैध प्रक्रिया के तहत नहीं हुआ, इसलिए इसे जबरन धर्म परिवर्तन माना जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि वह हर महीने लगभग ढाई से तीन लाख रुपये सरबजीत के खाते में भेजते थे, ताकि कानूनी लड़ाई लड़ी जा सके और परिवार को आर्थिक दिक्कत न हो। करनैल सिंह ने कहा कि विदेश में रहने के बावजूद उनका परिवार से संपर्क कभी पूरी तरह नहीं टूटा। उनका दावा है कि वह पहले भी सरबजीत से रोजाना बात करते थे और अब भी कई बार बातचीत होती है।
उन्होंने बताया कि सरबजीत कौर इस समय बेहद दुखी है और उसने उनसे कहा है कि वह उसे इंग्लैंड बुला लें। इस पर करनैल ने जवाब दिया कि पहले वह भारत वापस आ जाए, उसके बाद उसे इंग्लैंड ले जाएंगे। उनका कहना है कि अगर सरबजीत लौटकर आती है तो वे उसे अपना लेंगे। क्योंकि वह उनके परिवार की सदस्य हैं और उन्हें विश्वास है कि सरबजीत को ब्लैकमेल कर सारा षड़यंत्र रचा गया है।
सरबजीत कौर ने बताया कि पाकिस्तान में उसकी स्थिति बेहद कठिन है और नासिर हुसैन लगातार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। अपनी आपबीती बताते हुए वह भावुक हो गई और रोते हुए अपनी परेशानी व्यक्त की। सरबजीत कौर ने बताया कि वह पाकिस्तान इसलिए गई थी ताकि नासिर हुसैन के पास मौजूद उसकी कथित आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो हटवाए जा सकें। लेकिन नासिर ने इन सामग्रियों को हटाने के बजाय उन्हें ब्लैकमेलिंग का माध्यम बना लिया।
महिला का आरोप है कि उन तस्वीरों और वीडियो के आधार पर उस पर दबाव बनाया गया और उसे जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। सरबजीत कौर ने कहा कि वह लाहौर हाईकोर्ट में चल रही याचिका की सुनवाई के दौरान अपना बयान दर्ज कराना चाहती थी। इसके लिए 6 मार्च की सुबह लगभग सात बजे एक टैक्सी उसे लेने पहुंची थी।
हालांकि नासिर हुसैन और उसके परिवार के लोगों ने उसे घर से निकलने नहीं दिया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि अगर वह अदालत गई तो इससे उनके लिए परेशानी खड़ी हो सकती है। सरबजीत कौर ने यह भी कहा कि वह नासिर हुसैन, उसकी पहली पत्नी और उसकी बेटी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना चाहती है।
गौरतलब है कि सरबजीत 4 नवंबर, 2025 को 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ गुरु नानक प्रकाश पर्व पर पाकिस्तान गई थीं। 13 नवंबर को जत्था भारत लौटा, लेकिन सरबजीत कौर वापस नहीं आईं। इसके दो दिन बाद निकाहनामा सामने आया, जिसमें सरबजीत के धर्म परिवर्तन कर नाम ‘नूर हुसैन’ रखने और नासिर हुसैन से निकाह की पुष्टि हुई। 20 नवंबर, 2025 लाहौर हाईकोर्ट में सरबजीत की गिरफ्तारी की मांग वाली याचिका दायर की गई। फिर 27 नवंबर को सरबजीत और नासिर ने हाईकोर्ट में सुरक्षा याचिका दाखिल की, अदालत ने उन्हें परेशान न करने का निर्देश दिया।
इस साल 4 जनवरी, 2026 को सरबजीत कौर और उनके मुस्लिम साथी को ननकाना साहिब से गिरफ्तार किया गया। 5 जनवरी को भारत वापसी के लिए उन्हें अटारी बॉर्डर की ओर ले जाया गया, लेकिन बाद में रोक दिया गया। 10 जनवरी को पाकिस्तानी गृह मंत्रालय ने विशेष परमिट पर रोक लगाते हुए सरबजीत को लाहौर के शेल्टर होम में भेज दिया था। 11 जनवरी को लाहौर हाईकोर्ट ने पाकिस्तान सरकार से जवाब मांगा और पूरी रिपोर्ट तलब की। फिर 12 जनवरी को सरबजीत की भारत वापसी टल गई, और वीजा अवधि बढ़ाने का फैसला किया गया। 11 फरवरी को शेल्टर होम से रिहा होने के बाद सरबजीत अपने मुस्लिम पति के घर चली गईं थी। जिसके बाद अब फरवरी 2026 सरबजीत के पति करनैल सिंह ने लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।




