अब समय अवधि बढ़ने से विभागों को स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। स्थानांतरण के लिए नियमानुसार 10 जून की समय सीमा निर्धारित रहती है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
शासन ने विभागों को दिया 20 दिन का और समय
शासन ने हाल ही में एक आदेश जारी कर विभागों को यह स्पष्ट किया है कि अब विभागीय स्तर पर ही स्थानांतरण के सारे प्रकरण निस्तारित किए जाएं। केवल वही मामले शासन के समक्ष लाए जाएं, जिनमें विभागीय स्तर पर निर्णय नहीं हो पा रहा है। ऐसे में विभागों को बीमारी व अनुरोध के आधार पर स्थानांतरण अपने स्तर से ही निर्धारित अवधि के भीतर करना था।
शासन ने वार्षिक स्थानांतरण के लिए 10 जून की समय-सीमा रखी है। ऐसे में कई विभागों ने इस समय-सीमा को बढ़ाने का अनुरोध किया था।
इससे पहले 10 जून थी स्थानांतरण की अंतिम तिथि
अपर सचिव कार्मिक गिरधारी सिंह रावत ने स्थानांतरण के लिए तय अवधि बढ़ाने का आदेश मंगलवार को जारी किया। इसमें स्पष्ट किया गया है कि स्थानांतरण संबंधी कार्यवाहियों में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों और विभिन्न विभागों से प्राप्त अपेक्षाओं को देखते हुए स्थानांतरण आदेश जारी करने की अंतिम तिथि अब 10 जून के स्थान पर 30 जून होगी।
स्थानांतरण प्रक्रिया से जुड़ी अन्य सभी कार्यवाहियों की समय-सीमा में भी समान रूप से 20 दिन की वृद्धि की जाएगी। इससे विभागों को तबादला प्रस्तावों की जांच, अनुमोदन और आदेश निर्गत करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।
