नवरात्रि का सातवां दिन मां कालरात्रि को समर्पित है। इस दिन देवी दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को हर भय और परेशानी से मुक्ति मिल जाती है।

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नवरात्रि की सप्तमी तिथि को महासप्तमी के नाम से जाना जाता है। इस दिन कई जगहों पर विशेष पूजा की जाती है। देवी कालरात्रि को माता पार्वती का सबसे उग्र रूप माना जाता है। उग्र रूप में विद्यमान अपनी शुभ अथवा मंगलदायक शक्ति के कारण मां कालरात्रि को देवी शुभंकरी के नाम से भी जाना जाता है। तो आइए जानते हैं नवरात्रि की महासप्तमी की पूजा के दिन मां कालरात्रि को क्या-क्या भोग अर्पित करना चाहिए।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

चैत्र नवरात्रि 2026 सप्तमी के दिन मां कालरात्रि को लगाएं ये भोग

मां कालरात्रि को गुड़स अति प्रिय है। ऐसे में नवरात्रि के सातवें दिन माता कालरात्रि को गुड़ या गुड़ से बनी चीजों का भोग जरूर लगाएं। इसके अलावा मालपुआ भी माता रानी को बेहद पसंद है। महासप्तमी की पूजा में भोग के लिए मालपुआ जरूर बनाएं। गुड़ से बना हलवा, चावल गुड़ की खीर भी मां कालरात्रि को भोग में अर्पित कर सकते हैं। देवी कालरात्रि को गुड़ या गुड़ से बनी चीजों का भोग लगाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही परिवार खुशहाल और स्वस्थ रहता है।

नवरात्रि महासप्तमी के दिन देवी मां को अर्पित करें ये फूल

चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन देवी कालरात्रि को लाल या नीले रंग के फूल अर्पित करें। महासप्तमी पूजा के दिन मां कालरात्रि को लाल गुड़हल, लाल गुलाब और रातरानी का फूल चढ़ाएं। देवी मां को ये फूल चढ़ाने से समस्त भय, नकारात्मक शक्तियां और परेशानियों से छुटकारा मिलता है।

महासप्तमी पूजा महत्व

नवरात्रि महासप्तमी के दिन मां कालरात्रि की उपासना करने से हर तरह के भय से मुक्ति मिलती है। मां कालरात्रि नकारात्मक शक्तियों का नाश करती हैं और अपने भक्तों को साहस और शुभ फल प्रदान करती हैं। धार्मिक मान्यता है कि जो भी भक्त मां काली की सच्चे मन से उपासना करता है। उस पर शत्रु बाधा हावी नहीं होती है।

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