गदरपुर की बेटियों ने दिल्ली में बढ़ाया उत्तराखंड का मान, महिला युवा संसद में गूंजे ‘नारी शक्ति’ के स्वर

Spread the love


गदरपुर। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जनपद का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर रोशन हुआ, जब गदरपुर की मुस्कान चावला ने नई दिल्ली में आयोजित महिला युवा संसद में कॉर्पोरेट मंत्री की भूमिका निभाते हुए अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा “माय भारत बजट क्वेस्ट 2026” के अंतर्गत “नारी शक्ति – विकसित भारत की आवाज” थीम पर Shri Ram College of Commerce, नई दिल्ली में आयोजित किया गया।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)


इस दौरान मुस्कान चावला ने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री Mansukh Mandaviya के समक्ष नारी शक्ति वंदन अधिनियम का सशक्त समर्थन करते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि नीति निर्माण में उनकी निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
महिला युवा संसद में दिल्ली और उत्तराखंड से चयनित कुल 40 युवा महिलाओं ने मंत्री और सांसदों की भूमिका निभाकर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को जीवंत रूप दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मनसुख मंडाविया ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ही “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने की कुंजी है।
मुस्कान चावला, जो कि नेहरू युवा केंद्र उधम सिंह नगर के विकासखंड गदरपुर की पूर्व राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक रही हैं, इससे पहले भी संसद भवन में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल गदरपुर बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।
वहीं, “माय भारत बजट क्वेस्ट 2026” के दूसरे दिन आयोजित राष्ट्रीय स्तर की क्विज और निबंध प्रतियोगिता में चयनित होकर गदरपुर की ही तनीशा चावला ने भी दिल्ली में आयोजित बजट संवाद कार्यक्रम में उत्तराखंड और उधम सिंह नगर का प्रतिनिधित्व किया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने वर्चुअल माध्यम से युवाओं से संवाद किया, जबकि केंद्रीय राज्य मंत्री Raksha Khadse ने अपने अनुभव साझा कर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
गदरपुर की इन दोनों बेटियों की उपलब्धि क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह सफलता न केवल युवतियों की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि छोटे कस्बों की प्रतिभाएं अब राष्ट्रीय मंचों पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।


Spread the love