

देहरादून, 22 अप्रैल 2026। वीर माधो सिंह भण्डारी उत्तराखण्ड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, देहरादून का नवम दीक्षांत समारोह बुधवार को भव्य एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)
समारोह में उत्तराखण्ड के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य के शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत उपस्थित रहे। कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा (आईएएस) भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
दीक्षांत समारोह से पूर्व विश्वविद्यालय परिसर में 124 सीट क्षमता वाले महिला छात्रावास एवं टाइप-3 आवासीय भवन का लोकार्पण राज्यपाल गुरमीत सिंह, मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा और विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
विश्वविद्यालय सभागार में राष्ट्रगान, कुलगीत, दीप प्रज्ज्वलन और मंगलाचरण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों का शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया।
अपने स्वागत भाषण में कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि नवंबर 2024 से मार्च 2026 के बीच पीएचडी पूर्ण करने वाले 14 शोधार्थियों को डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की गई। इसके अलावा सत्र 2024-25 के अंतर्गत स्नातक पाठ्यक्रमों में 3582 विद्यार्थियों तथा परास्नातक पाठ्यक्रमों में 1545 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।
उन्होंने बताया कि इस दीक्षांत समारोह में कुल 37 स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक प्रदान किए गए। बीटेक की ओवरऑल टॉपर सुश्री गुंजन भटनागर (तुलाज इंस्टीट्यूट, देहरादून) को श्रीमती विनोद देवी अग्रवाल मेमोरियल स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
कुलपति ने बताया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय में 26,115 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 22,229 स्नातक, 3,816 परास्नातक और 121 शोधार्थी शामिल हैं। विश्वविद्यालय के शोधार्थियों द्वारा अब तक 37 पेटेंट पंजीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 25 प्रकाशित हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा अब तक 34,257 विद्यार्थियों को डिजिलॉकर के माध्यम से डिग्रियां प्रदान की जा चुकी हैं। साथ ही विश्वविद्यालय के छह परिसरों में भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। आईआईटी रुड़की और आईआईटी रोपड़ जैसे संस्थानों के साथ एमओयू किए गए हैं, जबकि जर्मनी के एक संस्थान के साथ भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग स्थापित किया गया है।
समारोह के दौरान एआई लिटरेसी मिशन, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग लैब, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और EVORA उत्तराखण्ड एनवायरनमेंट गार्जियन ऐप की घोषणा भी की गई।
तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपने ज्ञान का उपयोग समाज हित में करना चाहिए। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डेटा साइंस, आपदा प्रबंधन और अक्षय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नवाचार पर बल दिया।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि यह समारोह केवल डिग्री वितरण कार्यक्रम नहीं बल्कि विद्यार्थियों के सपनों और संघर्ष की सफलता का उत्सव है। उन्होंने घोषणा की कि विश्वविद्यालय में जल्द ही 350 नियमित पदों पर भर्ती की जाएगी। साथ ही विश्वविद्यालय के विकास के लिए 16 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी भी दी। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों से एक-एक आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालय गोद लेने की अपील की।
मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने अपने संबोधन में महान योद्धा वीर माधो सिंह भण्डारी के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के युवा केवल नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनने का संकल्प लें। उन्होंने विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. तृप्ता ठाकुर के नेतृत्व की सराहना करते हुए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को महत्वपूर्ण बताया।
राज्यपाल ने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को “एब्सोल्यूट इंटेलिजेंस” और वर्ष 2047 तक “कॉस्मिक इंटेलिजेंस” के रूप में जाना जाएगा और भारत इस क्रांति का नेतृत्व करेगा।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. राजेश उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर प्रो. एन.के. जोशी (कुलपति, श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय, टिहरी गढ़वाल), प्रो. सुरेखा डंगवाल (कुलपति, दून विश्वविद्यालय), प्रो. प्रवेंद्र कौशल (कुलपति, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली उत्तराखण्ड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार), प्रो. मनमोहन सिंह चौहान (कुलपति, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर), प्रो. भानु दुग्गल (कुलपति, हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखण्ड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय) सहित विश्वविद्यालय की कार्य परिषद, विद्या परिषद, वित्त समिति, परीक्षा समिति के सदस्य, विभिन्न संस्थानों के निदेशक, शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे।




