बीना शर्मा का पाला बदलना: “नारी सम्मान” या निजी आहत भावनाओं की राजनीति?

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रुद्रपुर की पूर्व बालिका अध्यक्ष और कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष रही बीना शर्मा ने आज भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। प्रेस वार्ता में उन्होंने कांग्रेस को “महिला विरोधी” बताते हुए बीजेपी को “नारी सम्मान” की पार्टी करार दिया। हालांकि, उनके इस निर्णय के पीछे हाल ही में वायरल हुए एक ऑडियो को प्रमुख कारण माना जा रहा है,

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड)

जिसमें कथित तौर पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था।
बीना शर्मा के इस कदम पर राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं। आलोचकों का कहना है कि यदि यह फैसला वास्तव में महिलाओं के सम्मान की लड़ाई होता, तो इसकी आवाज पहले भी उतनी ही मुखर होती। ऐसे में यह निर्णय व्यापक महिला हितों से अधिक व्यक्तिगत सम्मान को ठेस पहुंचने के बाद लिया गया कदम नजर आता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि “नारी शक्ति” जैसे गंभीर मुद्दों को व्यक्तिगत घटनाओं के आधार पर जोड़ना कहीं न कहीं इस बहस को कमजोर करता है। अब देखना होगा कि बीना शर्मा का यह फैसला राजनीतिक रूप से कितना असर डालता है।


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