पैठाणी (पौड़ी गढ़वाल), 3 जून। हिमालय क्रांति पार्टी की “पहाड़ स्वाभिमान जनसंपर्क यात्रा” बुधवार को श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में पहुंची। यात्रा की शुरुआत थैलीसैण स्थित मृत्युंजय महादेव मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद यात्रा ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों और बाजारों में जनसंपर्क अभियान चलाया।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
यात्रा के दौरान रवि बोड़ा ने कैन्यूर गांव में हाल ही में हुई दैवीय आपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि आपदा में लापता हुए व्यक्ति की तलाश के लिए प्रशासनिक प्रयास अपेक्षित स्तर पर नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।
जनसंपर्क के दौरान पार्टी नेताओं ने राज्य सरकार पर नागरिक सुरक्षा के मुद्दे पर विफल रहने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जंगली जानवरों के हमलों, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य चुनौतियों के कारण लोगों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी नागरिकों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की दिशा में काम करेगी।
यात्रा के दौरान वक्ताओं ने श्रीनगर क्षेत्र के विकास, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और पलायन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए नई सोच और प्रभावी योजनाओं की आवश्यकता है।
जनसंपर्क अभियान थैलीसैण, मझगांव, कैन्यूर, जल्लू, कपरोली, मुसैटी, चौरीखाल, ग्वालखेड़ा, सैंजी, धुंका, मणखोली, बनेख, चिपलघाट, खालखेत, सांकर, ओडागाड़, करनधार, जितोली, ओडली और पैठाणी सहित कई गांवों में आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जनसंपर्क यात्रा में रवि बोड़ा, डॉ. दिनेश सिंह बिष्ट, अजय बिष्ट, शंकर दत्त सती, बृजमोहन सिंह गुसाईं, पपेंद्र सिंह रावत, राम दत्त, निर्मला जुयाल, ध्रुव सिंह भंडारी, मोहन सिंह, बृजेश चंद्र, अशोक कुमार, प्रदीप सिंह नेगी और जयपाल सिंह नेगी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पार्टी नेताओं ने दावा किया कि यात्रा को क्षेत्र में सकारात्मक जनसमर्थन मिल रहा है और लोगों के बीच स्थानीय मुद्दों को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी यात्रा विभिन्न क्षेत्रों में जारी रहेगी।
