छतरपुर में स्क्रैप गोदाम में भीषण आग, लाखों के नुकसान की आशंका

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रूद्रपुर। रूद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम छतरपुर में गुरुवार सुबह पार्ट्स एवं स्क्रैप के गोदाम में भीषण आग लगने से भारी नुकसान हो गया। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, सिडकुल दमकल विभाग तथा कई औद्योगिक इकाइयों के दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए।
जानकारी के अनुसार प्रेम मौर्य की भूमि को किराये पर लेकर ओमेक्स निवासी कमल अरोरा द्वारा पार्ट्स एवं स्क्रैप का गोदाम संचालित किया जा रहा था। सुबह करीब 8 बजे अज्ञात कारणों से गोदाम में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। गोदाम में मौजूद कर्मचारियों ने ट्यूबवेल, मोटरों और अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती चली गई।
घटना की सूचना पर सिडकुल चौकी पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। समाजसेवी सुशील गाबा ने भी घटनास्थल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। आग पर काबू पाने के लिए टाटा मोटर्स, बजाज, हिंदुस्तान जिंक, अशोक लेलैंड, महिंद्रा तथा टीसीएस लालपुर समेत कई कंपनियों के दमकल वाहनों को बुलाया गया। समाचार लिखे जाने तक दमकल कर्मी लगातार पानी के राउंड डालकर आग बुझाने में जुटे थे।

आगजनी की घटनाएं और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल,रुद्रपुर में गर्मी बढ़ते ही आगजनी की घटनाएं लगातार सामने आने लगी हैं। गोदामों, फैक्ट्रियों और बड़े शोरूमों में लगने वाली आग अब सामान्य घटना बनती जा रही है, लेकिन हर हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल फायर विभाग की कार्यप्रणाली पर उठता है। अग्निशमन विभाग द्वारा एनओसी जारी करते समय सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का दावा किया जाता है, परंतु वास्तविकता यह है कि अधिकांश स्थानों पर सुरक्षा उपकरण केवल कागजों तक सीमित दिखाई देते हैं।
कई गोदामों और औद्योगिक इकाइयों में अग्निशमन यंत्र या तो खराब पड़े रहते हैं या कर्मचारियों को उनका उपयोग तक नहीं आता। संकरी गलियां, अवैध निर्माण और ज्वलनशील सामग्री का असुरक्षित भंडारण आग को और भयावह बना देता है। प्रश्न यह भी है कि क्या फायर विभाग समय-समय पर निरीक्षण करता है या केवल औपचारिकता निभाई जाती है।
जरूरत इस बात की है कि प्रशासन एनओसी जारी करने के बाद नियमित जांच अभियान चलाए, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई करे और कर्मचारियों को फायर सेफ्टी प्रशिक्षण अनिवार्य बनाया जाए। जब तक सुरक्षा को कागजी प्रक्रिया के बजाय वास्तविक जिम्मेदारी नहीं माना जाएगा, तब तक ऐसे हादसे लोगों की जान और करोड़ों की संपत्ति को खतरे में डालते रहेंगे।


प्रारंभिक अनुमान के अनुसार आग से गोदाम में रखा भारी मात्रा में स्क्रैप और पार्ट्स जलकर नष्ट हो गए हैं। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।


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