गाजियाबाद। खोड़ा के चर्चित सूर्या चौहान हत्याकांड में मुख्य आरोपी असद के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद भी पीड़ित परिवार का गुस्सा शांत नहीं हुआ है। बेटे को खो चुकी मां सरोज का कहना है कि एक आरोपी के मारे जाने से उनका दर्द कम नहीं होगा। उन्होंने बाकी आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की मांग की है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
सूर्या की मां ने भावुक होते हुए कहा, “सात लोगों ने मिलकर मेरे बेटे की हत्या की। मेरे घर का चिराग बुझ गया। जब तक बाकी आरोपी कानून के शिकंजे में नहीं आते, हमें न्याय नहीं मिलेगा।”
खोड़ा क्षेत्र में भी घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सूर्या की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पड़ोसियों का मानना है कि दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
दरअसल, 28 मई को बकरीद के दिन नवनीत विहार में सूर्या चौहान पर चाकुओं से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल सूर्या ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। घटना के बाद पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य आरोपी असद पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस के अनुसार, चेकिंग अभियान के दौरान असद ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि मामले के अन्य आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
सूर्या हत्याकांड अब केवल एक आपराधिक मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह पीड़ित परिवार के लिए न्याय की लंबी लड़ाई बन गया है। परिवार और स्थानीय लोग अब शेष आरोपियों की गिरफ्तारी और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
घटना बकरीद के दिन 28 मई की है। दोपहर करीब साढ़े 3 बजे थाना क्षेत्र खोड़ा में नाबालिग हिंदू युवक सूर्या चौहान की चाकू से गोदकर हत्या हो गई है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से हुए घायल किशोर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। 29 मई को दोपहर लगभग 12 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना का मुख्य कारण करीब 8 महीने पुराना मामूली विवाद और पुरानी रंजिश थी। मुख्य आरोपी असद और उसके साथियों ने पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए बकरीद के दिन सूर्या को ‘कुर्बानी देखने’ के बहाने घर बुलाया था और चाकुओं से गोदकर उसकी हत्या कर दी।
