संघर्ष, समर्पण और सत्य की आवाज़: डॉ. शक्तिशैल कपरवाण को जन्मदिवस पर नमन

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उत्तराखंड क्रांति दल के वरिष्ठ नेता, संरक्षक एवं उत्तराखंड राज्य आंदोलन के अग्रणी योद्धा डॉ. शक्तिशैल कपरवाण को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। ईश्वर उन्हें उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और जनसेवा के लिए निरंतर ऊर्जा प्रदान करे।
डॉ. कपरवाण उन विरले व्यक्तित्वों में हैं जिन्होंने उत्तराखंड राज्य की अवधारणा को केवल भाषणों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि गांव-गांव, घर-घर जाकर जनजागरण का अभियान चलाया। स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी के साथ और उससे भी पहले उन्होंने अलग उत्तराखंड राज्य की अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आंदोलन के कठिन दौर में जेल यात्राएं कीं, संघर्ष झेले और व्यक्तिगत हितों को त्यागकर जनहित को सर्वोपरि रखा।
1986-87 से उत्तराखंड क्रांति दल में केंद्रीय महामंत्री, केंद्रीय उपाध्यक्ष, केंद्रीय संरक्षक और अब कार्यकारी अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हुए उन्होंने संगठन को दिशा देने का कार्य किया है। उनकी स्पष्टवादिता और जमीनी समझ उन्हें सामान्य राजनीतिक नेताओं से अलग पहचान देती है। कई बार पार्टी की नीतियों और उनके विचारों में मतभेद भी हुए, लेकिन उनका उद्देश्य सदैव उत्तराखंड और उत्तराखंडियत की रक्षा रहा।
आज जब राजनीति में अवसरवाद और स्वार्थ हावी दिखाई देता है, तब डॉ. कपरवाण जैसे लोग हमें याद दिलाते हैं कि राज्य केवल भौगोलिक सीमा नहीं, बल्कि संघर्ष, बलिदान और स्वाभिमान की पहचान होता है। दुर्भाग्य यह है कि उत्तराखंड निर्माण के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले अनेक आंदोलनकारियों को समाज धीरे-धीरे भूलता जा रहा है, जबकि राज्य आंदोलन के विरोध में खड़े रहे लोग सत्ता और प्रतिष्ठा के शिखर पर दिखाई देते हैं।
यह स्थिति केवल व्यक्तियों की उपेक्षा नहीं, बल्कि उत्तराखंड के इतिहास और उसके मूल उद्देश्यों की भी उपेक्षा है। यदि आने वाली पीढ़ियों को अपने राज्य के वास्तविक नायकों का परिचय नहीं मिलेगा, तो उत्तराखंड राज्य आंदोलन की आत्मा कमजोर पड़ती जाएगी। स्थायी राजधानी, भू-कानून, पलायन, रोजगार और जल-जंगल-जमीन जैसे मूल मुद्दों पर आज भी डॉ. शक्तिशैल कपरवाण का संघर्ष जारी है। जीवन के इस पड़ाव में भी उनका समर्पण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स परिवार की ओर से हम डॉ. शक्तिशैल कपरवाण को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हैं और उनके दीर्घ, स्वस्थ एवं सक्रिय जीवन की कामना करते हैं। उत्तराखंड के वास्तविक संघर्षशील नायकों को सम्मान देना केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य को सुरक्षित रखने की आवश्यकता भी है।
— अवतार सिंह बिष्ट
संपादक, हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर
अध्यक्ष, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद


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