आदि कैलाश यात्रियों का त्रिशूल चौक पर भव्य स्वागत, रूद्रपुर को आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने का संकल्प

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रूद्रपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर संघ चालक सुशील सिंघला के नेतृत्व में आदि कैलाश यात्रा पर रवाना हुए तीर्थ यात्रियों के दल का शुक्रवार को रूद्रपुर के त्रिशूल चौक पर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर महापौर विकास शर्मा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण का अद्भुत संगम देखने को मिला। तीर्थ यात्रियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया तथा सभी श्रद्धालुओं ने त्रिशूल चौक पर स्थापित विशाल त्रिशूल के दर्शन कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी, संघ पदाधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड


कार्यक्रम के दौरान त्रिशूल चौक पूरी तरह धार्मिक रंग में रंगा नजर आया। श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयकारों के साथ यात्रियों को शुभकामनाएं दीं। आदि कैलाश यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं ने भी त्रिशूल चौक की भव्यता की सराहना करते हुए कहा कि यह स्थल रूद्रपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई प्रदान कर रहा है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर संघ चालक सुशील सिंघला ने अपने संबोधन में कहा कि रूद्रपुर का यह आध्यात्मिक स्वरूप देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने वर्ष 2006 की स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि उस समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शिविर रूद्रपुर में आयोजित किया गया था, जिसमें उन्होंने प्रशिक्षक के रूप में जिम्मेदारी निभाई थी। उसी शिविर में वर्तमान महापौर विकास शर्मा ने भी एक सप्ताह का प्रशिक्षण प्राप्त किया था।
सुशील सिंघला ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान ही विकास शर्मा की नेतृत्व क्षमता, संगठन कौशल और समाज के प्रति समर्पण स्पष्ट रूप से दिखाई देता था। उन्होंने कहा कि संगठन ने उनकी योग्यता और कार्यक्षमता को पहचानते हुए उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां दीं और आज वह रूद्रपुर के महापौर के रूप में शहर के विकास को नई दिशा देने का कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि त्रिशूल चौक का निर्माण केवल एक सौंदर्यीकरण परियोजना नहीं है, बल्कि यह रूद्रपुर की आध्यात्मिक पहचान को मजबूत करने वाला एक ऐतिहासिक प्रयास है। कुमाऊं, गढ़वाल और पर्वतीय क्षेत्रों के विभिन्न मंदिरों तथा देवस्थलों की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान आस्था का केंद्र बनता जा रहा है। यहां स्थापित विशाल त्रिशूल भगवान शिव की शक्ति और संरक्षण का प्रतीक है, जिसके दर्शन कर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है।
महापौर विकास शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि उनके लिए यह अवसर विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि एक ओर श्रद्धालुओं का दल आदि कैलाश जैसी पवित्र यात्रा के लिए रवाना हो रहा है और दूसरी ओर रूद्रपुर के पूर्व मेयर रामपाल सिंह राज्य मंत्री का दायित्व ग्रहण करने के लिए देहरादून जा रहे हैं। इसलिए यह दिन रूद्रपुर के लिए दोहरी खुशी लेकर आया है।
महापौर ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा रामपाल सिंह को राज्य मंत्री का दर्जा प्रदान किया जाना उनके लंबे सार्वजनिक जीवन, जनसेवा और विकास कार्यों की स्वीकृति है। उन्होंने कहा कि रामपाल सिंह ने अपने कार्यकाल में रूद्रपुर के विकास के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और अब राज्य स्तर पर उनकी सेवाओं का लाभ पूरे उत्तराखंड को मिलेगा।
विकास शर्मा ने कहा कि रूद्रपुर को केवल औद्योगिक नगर के रूप में नहीं, बल्कि एक धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन नगरी के रूप में भी विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि त्रिशूल चौक के निर्माण के बाद अब शहर में डमरू चौक और शिव कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य भगवान शिव की सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाना और शहर को एक विशिष्ट पहचान प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि नगर निगम की ओर से शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर आकर्षक स्वागत द्वार विकसित करने की योजना भी तैयार की गई है। इसके अलावा दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त अतिथि गृहों का निर्माण भी प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि रूद्रपुर कुमाऊं का प्रवेश द्वार है और भविष्य में यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।
महापौर ने कहा कि नगर निगम का प्रयास है कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु रूद्रपुर से सकारात्मक अनुभव लेकर जाएं। इसके लिए शहर में साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण, धार्मिक स्थलों का विकास और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने आदि कैलाश यात्रा पर जा रहे सुशील सिंघला, उनके परिवार और सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान शिव की कृपा से उनकी यात्रा सुरक्षित, सफल और मंगलमय हो। उन्होंने कहा कि आदि कैलाश केवल एक तीर्थ यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण और आत्मिक शांति का माध्यम है।
इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री रामपाल सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि महापौर विकास शर्मा ने दूरदर्शी सोच के साथ त्रिशूल चौक को जिस स्वरूप में विकसित किया है, वह वास्तव में सराहनीय है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के त्रिशूल की स्थापना ने इस स्थल को विशेष पहचान प्रदान की है और आज यह चौक शहर की नई पहचान बन चुका है।
रामपाल सिंह ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक किसी भी नगर की आत्मा होते हैं। जब किसी शहर में उसकी संस्कृति, परंपरा और आस्था को सम्मान दिया जाता है तो वह स्थान लोगों के दिलों में विशेष स्थान बना लेता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में त्रिशूल चौक पूरे प्रदेश के प्रमुख धार्मिक आकर्षण केंद्रों में शामिल होगा।
उन्होंने कहा कि रूद्रपुर का विकास केवल भौतिक संसाधनों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए। त्रिशूल चौक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं और नागरिकों ने भी अपने विचार साझा किए। लोगों ने कहा कि त्रिशूल चौक ने रूद्रपुर को नई पहचान दी है और यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति इसकी भव्यता से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता। श्रद्धालुओं ने नगर निगम और महापौर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक स्थलों का विकास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने आदि कैलाश यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को पुष्पमालाएं पहनाकर सम्मानित किया और उनके लिए सफल यात्रा की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक भजनों और भगवान शिव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इस अवसर पर राहुल बंसल, सरोज सिंघला, नरेश, पवन, कौशल अग्रवाल, देवभूमि व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष गुरमीत सिंह, भाजपा मंडल महामंत्री पारस वुघ, गौरव जुयाल, पार्षद विष्णु सिंह, घनश्याम श्यामपुरिया, रोहित मित्तल, पार्षद चिराग कालरा, संदीप वाल्मीकि, एडवोकेट गुरदीप सिंह, प्रहलाद अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यापारी प्रतिनिधि, संघ कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन सभी श्रद्धालुओं के उज्ज्वल, सुरक्षित और सफल आदि कैलाश यात्रा की मंगलकामना के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि रूद्रपुर में धार्मिक और सांस्कृतिक विकास की जो नई शुरुआत हुई है, वह आने वाले समय में शहर को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। त्रिशूल चौक पर आयोजित यह स्वागत समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह रूद्रपुर की बढ़ती आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक जागरण और सामूहिक सामाजिक सहभागिता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।


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