इससे पहले भारत ने दावा किया था कि अमेरिका ने ओमान के शिनास बंदरगाह के पास भारतीय नाविकों को ले जा रहे तीसरे जहाज़ पर हमला किया. इसमें 20 भारतीयों के सवार होने की जानकारी दी गई.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
भारत के शिपिंग मंत्रालय ने ये जानकारी दी थी
पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने एक
दी थी.
उन्होंने कहा, 11 जून को गिनी-बसाऊ का झंडा लिए जहाज़ ‘एमटी जलवीर’ शिनास पोर्ट (ओमान) के पास एक सिक्योरिटी इन्सिडेंट की जद में आ गया. इस जहाज़ पर 20 भारतीय नाविक हैं और सभी सुरक्षित बताए गए हैं. किसी के घायल होने या मौत की ख़बर नहीं है.
एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने कहा, “क्रू को शिनास पोर्ट लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अभी 6 लोगों को बाहर निकालना बाकी है.”
मंत्रालय हालात पर नज़र रख रहा है और विदेश मंत्रालय, विदेशों में भारतीय मिशन, भारतीय नौसेना और दूसरे ज़रूरी विभागों से लगातार संपर्क में है.
मंत्रालय ने बताया कि इस समय 562 भारतीय नाविक भारत के झंडे वाले जहाज़ों पर मौजूद हैं. इनमें से 329 नाविक खाड़ी क्षेत्र (होर्मुज़ के पश्चिम) में हैं. 233 नाविक ओमान की खाड़ी (होर्मुज़ के पूर्व) में हैं.
मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने कहा कि पूरे खाड़ी क्षेत्र में कुल मिलाकर 18,000 से ज़्यादा भारतीय नाविक मौजूद हैं.
सेंटकॉम ने इस हफ़्ते ओमान की खाड़ी में तीसरा जहाज़ को निशान बनाया
सेंटकॉम के मुताबिक, इस हफ़्ते ओमान की खाड़ी में अमेरिकी बलों की ओर से निशाना बनाया गया यह तीसरा जहाज़ है. इससे पहले ‘मारिवेक्स’ और ‘सेटेबेलो’ जहाज़ों पर भी हमले किए गए थे.
दरअसल, 13 अप्रैल 2026 से अमेरिका ने होर्मुज़ स्ट्रेट में ईरानी बंदरगाहों की नाक़ेबंदी शुरू की थी. इस दौरान ईरान की ओर या ईरान से आने-जाने वाले जहाज़ों को रोका या वापस भेजा जा रहा है.
सेंटकॉम का दावा है कि अब तक 134 जहाज़ों को अमेरिकी बलों ने वापस लौटा दिया है. 8 जहाज़ों ने आदेश नहीं माना, जिन पर हमला हुआ, इनमें ‘सेटेबेलो’ भी शामिल है.
अमेरिकी बलों का कहना है कि उन्होंने नाक़ाबंदी के बावजूद ऐसे 42 जहाज़ों को जाने के लिए रास्ता दिया, जो राहत सामग्री या चिकित्सा सहायता ले जा रहे थे.
जबकि ईरान दावा करता रहा है कि शिपिंग चैनल “पूरी तरह बंद” है.
भारतीय क्रू मेंबर्स वाले इन जहाजों पर हमला
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एमटी मारिवेक्स: इस जहाज़ पर सोमवार यानी 8 जून को हमला हुआ था, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे. हालांकि, बाद में इन्हें सुरक्षित बचा लिया गया. ओमान स्थित भारत के दूतावास ने इसकी पुष्टि की थी.
एमटी सेटेबेलो: इस जहाज़ पर बुधवार यानी 10 जून को हमला हुआ, इसमें भी 24 भारतीय क्रू मेंबर्स सवार थे. इस हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए. बाकी 21 भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया.
एमटी जलवीर: इस जहाज़ पर आज यानी 11 जून को हमला होने की सूचना सामने आई है. इस पर 20 भारतीय क्रू मेंबर सवार हैं. अभी तक किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई है.
ईरान को अमेरिका ने दी नई धमकी
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इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा है कि अमेरिका ईरान पर “आज रात बहुत बड़ा हमला” करेगा.
राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा, “संयुक्त राज्य अमेरिका आज रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेगा. ईरान की नौसेना, वायुसेना, रडार, वायु रक्षा प्रणाली और उसकी अधिकांश आक्रामक क्षमता पहले ही खत्म हो चुकी है.”
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर दावा किया कि निकट भविष्य में अमेरिका, ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र ख़ार्ग और अन्य ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर नियंत्रण स्थापित करेगा. साथ ही, ईरान के तेल और गैस बाजारों पर “पूर्ण नियंत्रण” हासिल करेगा.
खार्ग द्वीप ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है. ईरान के अधिकांश कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप के टर्मिनल के माध्यम से होता है.अमेरिका का आरोप है कि यह जहाज़ ईरानी तेल की ढुलाई करने की कोशिश कर रहा था जहाज़ US Centcom
