मौका था कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व द्वारा बुलाई गई एक बेहद महत्वपूर्ण और आपातकालीन बैठक का। इस महामंथन का मुख्य उद्देश्य नीट परीक्षा विवाद, सीबीएसई, कमरतोड़ महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी और लगातार हो रहे पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की एक अचूक रणनीति तैयार करना था। बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देश भर से कांग्रेस के सभी राष्ट्रीय महासचिव, राज्यों के प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन इस पूरी चर्चा के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के एक तीखे बयान ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर ली हैं।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड
राहुल ने इस्तेमाल किया देसी मुहावरा
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में शुरू हुई इस बैठक में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर जमकर प्रहार किया। अंदरूनी सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, राहुल गांधी ने बैठक में देश के युवाओं, छात्रों और किसानों की बदहाली का मुद्दा बेहद आक्रामक ढंग से उठाया। उन्होंने कहा कि नौकरियों के अभाव में युवा दर-दर भटक रहे हैं, सालों की मेहनत के बाद छात्र पेपर लीक का दंश झेल रहे हैं और गलत नीतियों के कारण आम जनता महंगाई के बोझ तले दब चुकी है। इसी दौरान देश के नागरिकों की इसी बदहाली और बेबसी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी के मुंह से अचानक निकला कि ‘मोदी ने मरवा दिया’। आम बोलचाल की भाषा में इस मुहावरे का प्रयोग तब किया जाता है जब किसी गलत फैसले या भरोसे के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
