भारतीय नाविकों ने मदद की गुहार लगाते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया है। क्रू मेंबर्स का आरोप है कि भारतीय नाविकों वाले जहाजों को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड।
भारतीय नाविकों ने लगाई मदद की गुहार
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में परेशान भारतीय नाविक यह कहते हुए दिख रहे हैं कि वे इस इलाके में फंसे हुए हैं और लगातार हो रहे हमलों के बीच असुरक्षित हालात का सामना कर रहे हैं।
वीडियो में क्रू मेंबर्स का कहना है कि ‘हालात बहुत खराब हैं और सिर्फ भारतीय नाविकों वाले जहाजों को ही निशाना बनाया जा रहा है।’
वीडियो में एक नाविक कहता है, ‘हम ईरान में हैं और यहां हालात बहुत खराब हैं। सिर्फ भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हमले हो रहे हैं। हमें किसी और की लड़ाई में क्यों घसीटा जा रहा है?’
नाविक ने आगे कह, ‘हम मिलिट्री के लोग नहीं हैं। हम कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले नाविक हैं। हम इकॉनमी में मदद कर रहे हैं, तेल ला रहे हैं और दुनिया भर में कारोबार बढ़ा रहे हैं।’
नाविक ने पहले हुए हमलों के बारे में बताते हुए कहा, ‘जिस जहाज पर कल हमला हुआ, उस पर मैंने काम किया था। मैंने कैप्टन से बात की और उन्होंने बताया कि ओमान में एक मिसाइल दागी गई है।’
एक और नाविक ने बताया, ‘यहां 13 लाख से ज्यादा भारतीय नाविक हैं, लेकिन उनकी आवाज सुनी नहीं जा रही है।’
भारतीय जहाजों पर हमला?
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते ‘मैरिवेक्स’ (Marivex) नाम के एक ऑयल टैंकर पर सवार भारतीय क्रू ने मदद के लिए मैसेज भेजा था। उन्होंने बताया कि ओमान के तट के पास हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी और वह डूब रहा था। उन्होंने अधिकारियों से कहा था- ‘प्लीज मदद करें’।
अमेरिकी सेना ने ओमान के तट के पास पलाऊ (Palau) के झंडे वाले कई ऑयल टैंकरों पर हमले किए, जिन पर भारतीय नाविक सवार थे। इनमें से एक हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए, जबकि 24 भारतीय क्रू मेंबर्स वाले एक और जहाज को भी निशाना बनाया गया। हालांकि बाद में उसके क्रू को बचा लिया गया।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, एक क्रू मेंबर ने मैसेज में कहा, ‘US नेवी ने हमला किया है, हमारे इंजन रूम पर मिसाइल गिरी है। नीचे की तरफ छेद हो गया है, हम 24 क्रू मेंबर हैं। सभी भारतीय हैं। कृपया जल्दी मदद करें।’
US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन से एक US F-18 फाइटर जेट ने जहाज के इंजन और स्टीयरिंग सिस्टम पर एक सटीक निशाना साधने वाली मिसाइल (प्रिसिजन मिसाइल) दागी।
US के मुताबिक, इसका मकसद जहाज को बेकार करना था क्योंकि उस पर प्रतिबंध लगे हुए थे और वह कथित तौर पर ईरानी बंदरगाहों से जुड़े नियमों का उल्लंघन कर रहा था।
ईरान के विदेश मंत्री ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा था, ‘अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को अमेरिका को उसके गैर-कानूनी व्यवहार के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए। यह व्यवहार वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है और साथ ही नेविगेशन की आजादी को भी खतरे में डाल रहा है।’
