प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हुई हालिया मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार और भी ज्यादा गर्म हो गया है। सूत्रों से मिल रही ताजा जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिपरिषद में जल्द ही एक व्यापक और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल सकता है। इस बड़े फेरबदल में कई मौजूदा मंत्रियों के विभाग बदले जाने के साथ-साथ कुछ बड़े नेताओं की मंत्रिमंडल से हमेशा के लिए विदाई भी शामिल हो सकती है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, एक दर्जन से अधिक मंत्रियों के कामकाज की बारीकी से समीक्षा की गई है और उनके रिपोर्ट कार्ड के आधार पर कई को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बड़ा कदम भाजपा की आगामी चुनावी रणनीति और सांगठनिक मजबूती को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है।
कई दिग्गज मंत्रियों की हो सकती है मंत्रिपरिषद से छुट्टी
सूत्रों का दावा है कि कम से कम दो कैबिनेट मंत्री और तीन राज्य मंत्रियों (MoS) को इस बार मंत्रिपरिषद से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। हाल ही में जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे को आधिकारिक मंजूरी मिल चुकी है, जबकि केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के भी बहुत जल्द अपने पद से इस्तीफा देने की संभावना जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व उन्हें आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर पंजाब की स्थानीय राजनीति में एक बड़ी और सक्रिय भूमिका सौंपने की योजना पर काम कर रहा है। इसके अलावा, एक बेहद वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री को दक्षिण भारत के एक महत्वपूर्ण राज्य में पार्टी संगठन की कमान सौंपी जा सकती है। यही बड़ी वजह है कि इस समय कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों के नेतृत्व में बड़े बदलाव की संभावनाएं काफी ज्यादा बढ़ गई हैं।
NDA के सहयोगी दलों को मिल सकता है बड़ा और मजबूत प्रतिनिधित्व
इस संभावित कैबिनेट विस्तार में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों को पहले के मुकाबले अधिक महत्व और वजन दिए जाने की जोरदार चर्चा है। जनता दल यूनाइटेड (JDU), तेलुगु देशम पार्टी (TDP), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को केंद्रीय मंत्रिमंडल में अच्छी जगह मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार की जेडीयू और चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी को इस बार कैबिनेट में अपेक्षाकृत अधिक प्रतिनिधित्व मिल सकता है। अधिकांश नए नेताओं को राज्य मंत्री स्तर पर टीम मोदी में शामिल किया जाएगा, जबकि कुछ बेहद वरिष्ठ और अनुभवी चेहरों को सीधे कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है।
संगठन और सरकार में सटीक संतुलन बनाने की कवायद
भारतीय जनता पार्टी ने हाल के दिनों में अपने संगठन के भीतर कई बेहद अहम और दूरगामी बदलाव किए हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को उत्तर प्रदेश भाजपा की कमान सौंपी गई है, जबकि हर्ष मल्होत्रा को दिल्ली भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया गया है। इन दोनों बड़े नेताओं को संगठन में नई जिम्मेदारियां मिलने के बाद अब उनके संबंधित मंत्रालयों में नए और ऊर्जावान चेहरों को अवसर मिलने की संभावना काफी बढ़ गई है।
इसके साथ ही कर्नाटक और मणिपुर भाजपा संगठन में भी बड़े बदलाव की तैयारी पिछले कई दिनों से चल रही है। मणिपुर के मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए राज्य को राज्यसभा के माध्यम से केंद्रीय मंत्रिमंडल में एक मजबूत प्रतिनिधित्व देने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
युवाओं को मिलेगा बड़ा मौका, वरिष्ठ नेताओं पर टिकी नजरें
भाजपा आलाकमान इस बार के विस्तार में युवा नेतृत्व को तेजी से आगे बढ़ाने की एक विशेष रणनीति पर काम कर रहा है। पार्टी के आंतरिक नियमों और भविष्य की राजनीति के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु वाले कुछ बुजुर्ग मंत्रियों और निकट भविष्य में राज्यसभा का कार्यकाल पूरा करने वाले वरिष्ठ नेताओं को सरकार से मुक्त कर संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। उनकी जगह बिल्कुल नए और युवा चेहरों को मंत्रिमंडल का हिस्सा बनाने की प्रबल संभावना है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रेल, वित्त, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, कृषि, कपड़ा, सहकारिता, जल शक्ति और पर्यावरण मंत्रालयों में राज्य मंत्री स्तर पर बड़े पैमाने पर फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। वहीं, वर्तमान में एक से अधिक मंत्रालयों का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे मंत्रियों से कुछ विभाग वापस लेकर नए पूर्णकालिक मंत्रियों की नियुक्ति भी की जा सकती है।
