यह काररवाई फंड के कथित दुरुपयोग के मामले में तलाशी के बाद की गई है। हालांकि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुआई वाली राजनीतिक पार्टी की ओर से इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
केंद्रीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि ये आदेश प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 17 (1A) के तहत जारी किए गए थे। यह धारा ईडी अधिकारी को किसी संपत्ति (जैसे बैंक जमा) को फ्रीज करने का अधिकार देती है, जब ऐसी संपत्ति को जब्त करना व्यावहारिक न हो और यह जरूरी हो कि संपत्ति को ट्रांसफर न किया जाए या उसका कोई अन्य इस्तेमाल न हो।
ऐसे आदेश की पुष्टि पीएमएलए के एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी (निर्णायक प्राधिकरण) द्वारा एक निश्चित समय सीमा के भीतर की जानी होती है। ईडी ने कहा कि टीएमसी के तीन एचडीएफसी बैंक खातों में 440.42 करोड़ रुपये जमा हैं।
इसी घटनाक्रम के तहत, जिस प्राइवेट बैंक में टीएमसी के ये खाते हैं, उसने कलकत्ता हाई कोर्ट के निर्देश पर इन खातों में जमा राशि का खुलासा करने के लिए एक रिपोर्ट दाखिल की। हालांकि कोर्ट ने रिपोर्ट नहीं खोली और सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी गई।

कोलकाता पुलिस की FIR के आधार पर ईडी ने 5 जगहों पर की छापेमारी
ईडी ने मंगलवार को कोलकाता में पांच जगहों पर छापेमारी की, जिनमें ‘केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की एक प्राइवेट जेट और चार्टर हायरिंग कम्पनी के ठिकाने भी शामिल थे। एजेंसी ने यह काररवाई कोलकाता पुलिस (बिधाननगर साइबर विंग) की ओर से दर्ज एफआईआर का संज्ञान लेने के बाद की। यह एफआईआर बेईमानी से किए गए वित्तीय लेन-देन, गैर-कानूनी तरीके से पैसे इकट्ठा करने और पार्टी के कुछ बैंक खातों के जरिए संदिग्ध फंड को इधर-उधर करने के आरोपों से जुड़ी थी। गौरतलब है कि बीते विधानसभा चुनाव में टीएमसी को भाजपा ने सत्ता से बाहर कर दिया था।
केयरवेल एविएशन और उससे जुड़ी कम्पनी को लगभग 160 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती जांच में पता चला है कि अप्रैल, 2023 और जून, 2026 के बीच टीएमसी के बैंक खातों से केयरवेल एविएशन और उससे जुड़ी कम्पनी को लगभग 160 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
एयरक्रॉफ्ट व हेलीकॉफ्टर खरीदने के लिए 112 करोड़ रुपये का इस्तेमाल
ईडी ने जो जानकारी दी है, उसके अनुसार केयरवेल एविएशन ने 2023-2026 के दौरान एक नई बनी संबंधित कम्पनी को 82.96 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए, ताकि एक एयरक्रॉफ्ट ‘एम्ब्रेयर लिगेसी 600’ और एक हेलिकॉप्टर ‘अगस्ता 109 ग्रैंडन्यू’ खरीदा जा सके और इन खरीद के लिए 112 करोड़ रुपये का इस्तेमाल किया गया।
एजेंसी ने बताया कि हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए 2023 में केमैन आइलैंड्स की एक कम्पनी से 1.7 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ‘बिना गारंटी वाला’ लोन लिया गया था। ईडी का आरोप है कि इन दोनों फ्लाइंग एसेट्स को टीएमसी को ‘किराए पर’ दिया गया था जबकि इन्हें पार्टी के फंड से ही खरीदा गया था।
ईडी ने कहा कि इसके बाद, एयरक्राफ्ट के इस्तेमाल के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर की गई। एजेंसी के अनुसार इन लेन-देन का असली मकसद पता लगाने के लिए ऊपर बताए गए ‘संदिग्ध’ इंतजाम की जांच की जा रही थी।
टीएमसी के बागी विधायकों ने फंड के स्रोत की जांच की मांग की थी
पिछले माह, कोलकाता पुलिस ने टीएमसी के बागी विधायकों की शिकायतों के आधार पर इन्हीं तीन बैंक खातों से डेबिट ऑपरेशन (पैसे निकालने की सुविधा) पर रोक लगा दी थी। इन विधायकों ने फंड के स्रोत की जांच की मांग की थी क्योंकि पार्टी के फंड पर नियंत्रण को लेकर अंदरूनी कलह चल रही थी।
