पाकिस्तानी हमलों में कई निर्दोष अफगान बच्चों की मौत के बाद, अफगानिस्तान की वायु सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के भीतर घुसकर भीषण ड्रोन हमले किए हैं. अफगानिस्तान के इस औचक हवाई हमले ने बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में सक्रिय आतंकी संगठन आईएसआईएस के ठिकानों पर भारी तबाही मचाई है, जिससे पूरे इलाके में कोहराम मच गया है.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर ( अध्यक्ष:उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी परिषद उत्तराखंड।
बलूचिस्तान का गुलिस्तान इलाका बना मुख्य निशाना
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, अफगान वायु सेना के लड़ाकू ड्रोन्स ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के अंतर्गत आने वाले ‘किला अब्दुल्ला’ जिले के ‘गुलिस्तान’ इलाके को अपना मुख्य निशाना बनाया. अफगान सेना का दावा है कि इस सटीक और रणनीतिक हवाई हमले में आईएसआईएस के कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनल बेस और आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया गया है.
विदेशी खुफिया एजेंसियों के गठजोड़ का भंडाफोड़
अफगानिस्तान सरकार ने इस हमले को जायज ठहराते हुए एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है. अफगान रक्षा मंत्रालय का कहना है कि जिन ठिकानों को नष्ट किया गया है, उनका इस्तेमाल कुछ ‘दुश्मन इंटेलिजेंस ग्रुप्स’ की मदद से अफगानिस्तान के खिलाफ साजिश रचने के लिए किया जा रहा था. तालिबान प्रशासन के मुताबिक, ये ठिकाने केवल वर्तमान हमलों की प्लानिंग के लिए ही नहीं, बल्कि पूर्व में अफगानिस्तान की धरती पर हुए कई बड़े और जानलेवा आत्मघाती हमलों को लॉन्च करने के मुख्य केंद्र के रूप में इस्तेमाल हो रहे थे.
बच्चों की मौत का बदला लेने का था संकल्प
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तानी विमानों और आर्टिलरी द्वारा अफगान क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा था, जिसमें कई आम नागरिकों और बच्चों की जान चली गई थी. इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए काबुल ने पहले ही पाकिस्तान को अंजाम भुगतने और बदला लेने की सीधी चेतावनी दी थी. अब इस ताबड़तोड़ ड्रोन स्ट्राइक के जरिए अफगानिस्तान ने साफ कर दिया है कि वह अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है. इस ताजा सैन्य टकराव ने दक्षिण एशिया के इन दोनों पड़ोसियों के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए हैं.
