विकासनगर। लगातार बारिश के बीच यमुना, टोंस व अन्य सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से यमुना घाटी के जल विद्युत केंद्रों में बिजली उत्पादन ठप होना शुरू हो गया है।

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पछवादून में छह जल विद्युत केंद्रों से बिजली का उत्पादन होता है।

संबंधित अधिकारियों ने बताया कि उत्पादन ठप होने से जल विद्युत निगम को नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड

मूसलधार वर्षा के चलते यमुना का जलस्तर बढ़ने पर गुरुवार रात 11 बजे ढकरानी व ढालीपुर जल विद्युत उत्पादन केंद्रों को बंद करना पड़ा। जबकि टोंस नदी में जलस्तर बढ़ने पर शुक्रवार सुबह लगभग 4.15 बजे छिबरो व खोदरी जल विद्युत उत्पादन केंद्रों में भी उत्पादन रोकना पड़ा।

हालांकि दोपहर 12 बजे तक छिबरो व खोदरी तथा एक बजे तक ढकरानी व ढालीपुर से पुनः उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया। इस बीच व्यासी जल विद्युत केंद्र से बिजली उत्पादन लगातार सुचारू रूप से होता रहा। कुल्हाल जल विद्युत उत्पादन केंद्र में भी उत्पादन होता रहा, किंतु यह सामान्य से कुछ कम रहा।

जल विद्युत निगम के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल के अनुसार शुक्रवार शाम तक यमुना घाटी के सभी विद्युत गृह सुचारू रूप से उत्पादन कर रहे थे। छिबरो 156 मेगावाट, खोदरी 73 मेगावाट, ढकरानी 32 मेगावाट, ढालीपुर 50 मेगावाट, कुल्हाल 29 मेगावाट व व्यासी केंद्र में 120 मेगावाट क्षमता पर बिजली उत्पादन हो रहा था।


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