खासतौर पर व्यक्ति के ज्ञान, भाग्य, संतान, शादी, उच्च शिक्षा, धर्म, धन और समृद्धि आदि पहलुओं में परिवर्तन देखने को मिलता है। वहीं, 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को आठवां स्थान प्राप्त है, जिसके स्वामी शनि महाराज हैं। आज यहां पर आप जानेंगे कि देवगुरु बृहस्पति का ये गोचर किस समय हुआ है और इसके साथ ही किन 3 राशियों का सकारात्मक समय शुरू हो गया है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
देवगुरु बृहस्पति के नक्षत्र गोचर का समय
द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, एक दिन पहले 19 जुलाई 2026 को देवगुरु बृहस्पति ग्रह का पुष्य नक्षत्र के तृतीय पद में गोचर हुआ है। ये गोचर देर रात 9 बजकर 43 मिनट पर हुआ है। अब पुष्य नक्षत्र के तृतीय पद में देवगुरु बृहस्पति 3 अगस्त 2026 तक रहेंगे। बता दें कि इससे पहले देवगुरु बृहस्पति पुष्य नक्षत्र के द्वितीय पद में संचार कर रहे थे।
किन 3 राशियों के लिए शुभ रहा देवगुरु बृहस्पति का गोचर करना?
- मेष राशि
- कन्या राशि
- मीन राशि
टाइम्स नाउ नवभारत पर
देवगुरु बृहस्पति के गोचर से प्रभावित राशियों का राशिफल
- मेष राशि
देवगुरु बृहस्पति के इस गोचर का मेष राशि वालों के चतुर्थ भाव पर प्रभाव पड़ा है, जिसका संबंध सुख, संपत्ति, माता, घर, मानसिक संतुलन और वाहन से है। उम्मीद है कि इस गोचर के दौरान आप अपनी खुद की संपत्ति खरीद लेंगे या भूमि से संबंधित अटके कार्य पूर्ण करेंगे। इसके अलावा किसी जरूरी काम में परिवार वालों का सहयोग मिलेगा।
- कन्या राशि
मेष के साथ-साथ कन्या राशि वालों के लिए भी देवगुरु बृहस्पति का ये गोचर शुभ रहेगा। देवगुरु बृहस्पति के इस गोचर से कन्या राशि वालों का एकादश भाव मजबूत होगा, जो कि लाभ, आय, इच्छाओं की पूर्ति और बड़े आर्थिक अवसरों का भाव है। संभावना है कि इस गोचर के दौरान आय के नए स्रोत खुलेंगे। साथ ही अटके कार्यों में गति आएगी। इसके अलावा बड़े संपर्कों से कामकाजी लोगों को आर्थिक लाभ होने के भी योग हैं।
- मीन राशि
देवगुरु बृहस्पति का गोचर मेष और कन्या के साथ-साथ मीन राशि वालों के भाग्य को भी मजबूत करेगा। इस गोचर का प्रभाव आपके पंचम भाव पर पड़ा है, जिसका संबंध लव रिलेशनशिप, संतान, निवेश, शिक्षा, रचनात्मकता और बुद्धि आदि से है। उम्मीद है कि देवगुरु बृहस्पति के गोचर के दौरान विद्यार्थियों को लाभ होगा और किसी जरूरी एग्जाम में सफलता मिलेगी। इसके अलावा विवाहित और लव रिलेशनशिप में मौजूद लोगों के प्रेम संबंधों में पहले से अधिक स्थिरता आएगी।
