खबरों के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली पुलिस के जवानों ने उनका मंच हटा दिया था।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
मंगलवार को संसद की ओर होने वाले मार्च के बारे में इंडिया टुडे से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हम फिर से मार्च करेंगे। हम यह प्रदर्शन स्थल नहीं छोड़ रहे हैं।” CJP के प्रदर्शनकारी 6 जून से जंतर-मंतर पर डेरा डाले हुए हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। शिक्षाविद और एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी वहां अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे; उन्हें हिरासत में लेकर सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।
CJP के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। आगामी मार्च को लेकर अभी बैठक चल रही है और पार्टी जल्द ही अपनी आगे की कार्रवाई के बारे में आधिकारिक बयान जारी करेगी। सोमवार को – संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन – केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हजारों लोगों ने ‘संसद मार्च’ में हिस्सा लिया।
**जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन थमा**
संसद मार्च के दौरान मची अफरातफरी के बीच पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। पत्थरबाजी की घटनाएं भी देखने को मिलीं। पुलिस की कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों के घायल होने के वीडियो सामने आए, जबकि दिल्ली पुलिस ने बताया कि उसके 118 से ज़्यादा जवान घायल हुए। बारिश के बावजूद जंतर-मंतर पर माहौल जोश से भरा रहा। मौके पर कम से कम 1,000 प्रदर्शनकारी और सैकड़ों पुलिसकर्मी मौजूद थे।
**दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई शुरू की**
जब उनसे पूछा गया कि अगर संसद की ओर दोबारा मार्च हुआ तो वे क्या करेंगे, तो सब-इंस्पेक्टर रैंक के एक अधिकारी ने जवाब दिया, “सुरक्षा व्यवस्था वैसी ही रहेगी और हम फिर से बैरिकेड लगाएंगे।” खबरों के मुताबिक, कानूनी कार्रवाई शुरू करने और CCTV फुटेज व मोबाइल फोन वीडियो की जांच करने के अलावा, दिल्ली पुलिस ने इस बात की भी जांच शुरू कर दी है कि क्या हिंसा किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थी।
पुलिस का कहना है कि शांति पूर्वक प्रदर्शन करने वालों को नहीं रोका जाएगा और ये भी साफ कर दिया है कि अगर किसी तरह का बवाल किया गया तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। एक तरफ प्रदर्शनकारियों ने फिर से मंच बना लिया है, तो वहीं पुलिस ने भी सुरक्षा को बढ़ा दिया है।
जंतर मंतर की ओर जाने वाले रास्ते खुले हैं, लेकिन संसद भवन की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सोमवार को सीजेपी के नेताओं ने केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। CJP के प्रवक्ता ने कहा है कि सरकार ने उन्हें विचार का भरोसा दिया है। हालांकि रात को प्रदर्शनकारियों के बीच अभिजीत दीपके ने कहा कि अब सरकार से कोई बात नहीं होगी, जिसे भी बात करनी होगी वो जंतर-मंतर पर आएगा। साथ ही आज विपक्ष के कई नेता जंतर-मंतर पर पहुंच सकते हैं। कुल मिलाकर आज पुलिस बेहद सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी कर रही है।
