दिल्ली पुलिस सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और वीडियो के जरिए जंतर-मंतर पर हुए उपद्रवियों की पहचान कर रही है, हालांकि अभी तक बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
दिल्ली पुलिस ने इस हिंसक प्रदर्शन को लेकर अब तक जो कदम उठाए हैं:
- उपद्रवियों की पहचान: पुलिस को घटना से जुड़े 80 से अधिक वीडियो फुटेज मिले हैं। सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया वीडियो की मदद से पत्थरबाजी, पुलिस बूथों पर कब्जा करने और तोड़फोड़ करने वाले चेहरों को चिन्हित किया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर पर हुए उपद्रव के मामले में बेहद हाई-टेक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है, जिससे ‘एक-एक उपद्रवी’ पूरी तरह कैमरे की नजर में आ चुका है। दिल्ली पुलिस ने आंदोलन स्थल और आसपास के पूरे इलाके को अत्याधुनिक निगरानी जाल में बदल दिया है।
उपद्रवियों को चिन्हित करने के लिए निम्नलिखित तकनीकों और कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है:
1. एआई-पावर्ड फेशियल रिकग्निशन वैन (AI-Powered Facial Recognition)
- ‘इक्षणा’ (Ikshana) सर्विलांस वैन: दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के पास ‘इक्षणा’ नाम की एक विशेष हाई-टेक सर्विलांस वैन तैनात की है।
- चेहरों का लाइव मिलान: इस वैन में लगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सॉफ्टवेयर लाइव सीसीटीवी फीड में दिख रहे हर व्यक्ति के चेहरे पर एक ग्रीन बॉक्स बनाता है और उसका मिलान पुलिस के आपराधिक डेटाबेस से करता है।
2. 360-डिग्री कैमरे और मोबाइल कमांड व्हीकल
- हर कोण पर नजर: जंतर-मंतर और संसद मार्ग इलाके में 360-डिग्री घूमने वाले कैमरे लगाए गए हैं, जो भीड़ की हर गतिविधि को रिकॉर्ड कर रहे हैं। [1, 2, 3]
- लाइव निगरानी: मुख्य सड़कों पर खड़े ‘मोबाइल कमांड एंड कंट्रोल व्हीकल’ के जरिए पुलिस अधिकारी लाइव फीड की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
3. ड्रोन कैमरों से रात में निगरानी
- रात का हुड़दंग: चूंकि उपद्रव की कई घटनाएं रात के वक्त (20 और 22 जुलाई की रात) हुईं, इसलिए पुलिस ड्रोन कैमरों की मदद से आसमान से नजर रख रही है।
- अंधेरे में भी पत्थरबाजी करने और बैरिकेड्स तोड़ने वालों के चेहरों को ड्रोन कैमरों के जरिए साफ पकड़ा गया है।
4. सीसीटीवी (CCTV) के पुख्ता सबूत
- तोड़फोड़ के सबूत: दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर हिंसा का सीसीटीवी फुटेज जारी किया है। इसमें उपद्रवी साफ तौर पर पेट्रोल पंपों पर कांच तोड़ते, दुकानों को नुकसान पहुंचाते और पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) पर पथराव करते दिख रहे हैं।
- मास्क हटाने की कोशिश: पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कई उपद्रवियों ने मास्क लगाकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस अलग-अलग एंगल्स के कैमरों की मदद से उनकी पुरानी फुटेज खंगालकर उनके असली चेहरे चिन्हित कर रही है।
पुलिस सूत्रों का साफ कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों को डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन कैमरों की मदद से जिन भी लोगों की पहचान हिंसक गतिविधियों या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में होगी, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
