अंकित शर्मा की बुरी तरह से हत्या की गई. उनकी बॉडी जानवर की तरह छोड़ दी गयी थी. कोर्ट ने कहा यह घटना समाज को झकझोर देने वाली थी. जिस तरह से यह पूरी घटना हुई उसने समाज को सोचने पर मजबूर किया. अदालत ने कहा कि अपराध को अंजाम देने का तरीका अत्यंत क्रूर था.
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
दिल्ली पुलिस ने मौत की सजा की मांग की थी
कोर्ट ने कहा कि हमला इतना भीषण और निर्मम था कि पीड़ित की मौत के बाद भी उसका शव घसीटकर दोषी चांद बाग ले गए और उसे नाले में फेंक दिया. दिल्ली पुलिस और पीड़ित परिवार ने सभी दोषियों के लिए मौत की सजा की मांग की थी .
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- सजा के ऐलान से पहले आज कड़कड़डूमा कोर्ट रूम की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी
- 13 जुलाई 2026 को कोर्ट ने ताहिर हुसैन, नजीम , कासिम, अनस और जावेद को दोषी करार दिया था
- पुलिस ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ मामला बताता था
- दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि अंकित शर्मा पर बेहद बर्बर हमला किया गया
- पुलिस के मुताबिक, अंकित शर्मा के शरीर पर 51 घाव थे, जिनमें से सात घाव घातक थे
- 16 घाव धारदार हथियारों से किए गए थे
- अंकित के मरने के बाद भी उनके शव को नुकसान पहुंचाया गया था
- दोषी ताहिर हुसैन के वकील ने दिल्ली पुलिस की मौत की सजा वाली मांग का विरोध किया था
- वकील ने कहा था कि ताहिर हुसैन ने खुद पुलिस को कॉल किया था
- ताहिर हुसैन के वकील ने कहा था कि सिर्फ जख्मों के हिसाब से यह नहीं तय किया जा सकता कि दोषी को मौत की सजा दी जाए
