परिजनों ने दो दिन तक मौत छिपाने का आरोप लगाया; अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही से इनकार किया
रुद्रपुर/नानकमत्ता। नानकमत्ता के ग्राम प्रतापपुर निवासी नीतू, पत्नी भोला चौधरी, की गौतम हॉस्पिटल में मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि नीतू की मौत दो दिन पहले हो गई थी, लेकिन अस्पताल ने उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी और इलाज के नाम पर भुगतान लिया जाता रहा।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी उत्तराखंड
परिजनों के अनुसार, सिर की नस में सूजन की समस्या के चलते नीतू को 29 सितंबर की शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार सुबह अस्पताल की ओर से मौत की सूचना मिलने पर परिजनों ने हंगामा किया। उनका आरोप है कि उपचार के दौरान मरीज की वास्तविक स्थिति से उन्हें अवगत नहीं कराया गया।
परिजनों ने सवाल उठाया कि नीतू की मौत का वास्तविक समय क्या था, मेडिकल रिकॉर्ड में क्या दर्ज है और उस दौरान मरीज की नब्ज, ऑक्सीजन स्तर व ब्लड प्रेशर की स्थिति कैसी थी। उन्होंने यह भी पूछा कि मरीज को अंतिम बार किस डॉक्टर ने देखा और परिवार को उसकी गंभीर स्थिति की जानकारी कब दी गई।
अस्पताल ने आरोपों से किया इनकार
गौतम हॉस्पिटल के डॉक्टर और एचआर ने सभी आरोपों को खारिज किया है। प्रबंधन का कहना है कि उपचार में कोई लापरवाही नहीं हुई और मरीज को नियमानुसार चिकित्सा सेवाएं दी गईं।
परिजनों के आरोपों और अस्पताल के दावे के बीच अब मामले की सच्चाई मेडिकल रिकॉर्ड, नर्सिंग चार्ट, बिलिंग दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों से ही स्पष्ट हो सकती है।
निष्पक्ष जांच की मांग
परिजनों ने मरीज की भर्ती से मृत्यु तक की पूरी मेडिकल हिस्ट्री, ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों का विवरण तथा अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि मरीज की हालत गंभीर थी तो परिवार को समय रहते इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई।
मामले में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से निष्पक्ष मेडिकल जांच कराने की अपेक्षा की जा रही है। जांच के दौरान मेडिकल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, बिलिंग विवरण और दवाओं से संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा की जानी चाहिए।
यदि अस्पताल की ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है तो जांच से उसका पक्ष स्पष्ट होगा। वहीं, आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई आवश्यक होगी।
अब मुख्य सवाल यही है कि नीतू की वास्तविक मृत्यु कब हुई और उसके बाद परिजनों को क्या जानकारी दी गई। इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा।
