उत्तराखंड/देहरादून/हरिद्वार/सहारनपुर/रुद्रपुर। उत्तराखंड में एक ओर दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर और हरिद्वार बाईपास जैसी बड़ी सड़क परियोजनाएं प्रदेश के यातायात ढांचे को नई दिशा देने की तैयारी में हैं, तो दूसरी ओर चारधाम यात्रा ने श्रद्धालुओं की संख्या का नया रिकॉर्ड बनाकर धार्मिक पर्यटन की बढ़ती ताकत का संकेत दिया है। विकास परियोजनाओं की रफ्तार, यात्रियों की सुविधाओं की कमी, सड़क हादसों और राजनीतिक गतिविधियों के बीच बुधवार को प्रदेश में भाजपा की ‘सेवा ज्योति यात्रा’ भी आयोजित की जाएगी। ऐसे में आज उत्तराखंड में सड़क, श्रद्धा, सरकार और सियासत—चारों मोर्चों पर हलचल दिखाई देगी।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड
छह महीने बाद भी रेस्ट एरिया का इंतजार
दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर के लोकार्पण और यातायात शुरू होने के करीब छह महीने बाद भी यात्रियों के लिए प्रस्तावित रेस्ट एरिया और बहुउद्देशीय हब का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। सहारनपुर जिले में एक प्रस्तावित रेस्ट एरिया की जमीन पर कॉरिडोर के उद्घाटन के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा भी हुई थी। इसके बावजूद यातायात शुरू होने के छह महीने बाद भी यहां यात्रियों को प्रस्तावित सुविधाओं का इंतजार है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के स्वामित्व वाली कंपनी नेशनल हाईवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) ने रेस्ट एरिया के लिए जमीन अधिग्रहित कर निजी कंपनी को लीज पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। योजना के तहत यात्रियों को टायलेट, पेयजल, स्नानगृह और आरामगृह जैसी बुनियादी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जानी हैं।
वहीं निजी कंपनी अपने खर्च की भरपाई के लिए पेट्रोल पंप, होटल-रेस्टोरेंट, शॉपिंग मॉल, जनसुविधा केंद्र, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन और मैकेनिक जैसी व्यावसायिक सुविधाएं विकसित करेगी। कॉरिडोर से परिसर में प्रवेश और निकास के लिए अलग व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
NHLML के एक अधिकारी के अनुसार रेस्ट एरिया का निर्माण नवंबर के पहले सप्ताह में शुरू कराया जाएगा और निर्माण शुरू होने के करीब दो महीने के भीतर जरूरी जनसुविधाएं यात्रियों को उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
सहारनपुर में करीब 80 किलोमीटर कॉरिडोर
करीब 211 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर का लगभग 80 किलोमीटर हिस्सा सहारनपुर जिले से गुजरता है। यह जड़ौदा पांडा से शुरू होकर डाटकाली मंदिर तक जाता है। इसमें लगभग 68 किलोमीटर राजमार्ग और 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड शामिल है। बड़गांव के निकट बडूली में दो रेस्ट एरिया शुरू हो चुके हैं, लेकिन अन्य प्रस्तावित सुविधाओं को लेकर यात्रियों की नजर अब निर्माण शुरू होने पर है।
हरिद्वार को जाम से राहत की उम्मीद
अर्धकुंभ-2027 से पहले हरिद्वार की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है। शहर को लंबे समय से परेशान कर रहे जाम से निपटने के लिए स्पर-टू हरिद्वार और हरिद्वार बाईपास परियोजनाएं अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। अधिकारियों के अनुसार हरिद्वार बाईपास का निर्माण तेजी से चल रहा है और दिसंबर में इसे यातायात के लिए खोलने की तैयारी है।
51 किलोमीटर लंबे छह लेन एक्सेस कंट्रोल्ड स्पर-टू हरिद्वार कॉरिडोर का करीब 92 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा किया गया है। लगभग 46 किलोमीटर सड़क तैयार हो चुकी है। यह कॉरिडोर दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे को हरिद्वार से जोड़ेगा। हलगोया मुस्तकम से शुरू होकर यह भड़ेड़ी राजपूताना के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-58 से जुड़ेगा।
परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली, मेरठ, सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले वाहनों को हरिद्वार शहर के अंदर प्रवेश करने की जरूरत काफी कम हो जाएगी। इससे हरकी पैड़ी, चंडी चौक और शंकराचार्य चौक जैसे व्यस्त क्षेत्रों पर यातायात का दबाव घटने की उम्मीद है।
15 किलोमीटर लंबे हरिद्वार बाईपास के पैकेज-1 का करीब 77 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और लगभग नौ किलोमीटर सड़क तैयार बताई जा रही है। यह बाईपास बहादराबाद से शुरू होकर एनएच-34 पर श्यामपुर कांगड़ी के निकट चंडी देवी मंदिर के पास तक जाएगा। लक्ष्य दिसंबर में इसे यातायात के लिए खोलने का है।
एक्सप्रेसवे पर हादसा, सात घायल
एक ओर सड़क नेटवर्क को आधुनिक बनाया जा रहा है, वहीं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के आशारोड़ी चेकपोस्ट क्षेत्र में हादसों ने चिंता बढ़ाई है। मंगलवार को तेज रफ्तार सीमेंट लदे ट्रक ने रुड़की से देहरादून आ रही पुलिस जवानों की बस को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बस क्षतिग्रस्त होकर पलट गई।
हादसे में पांच पुलिसकर्मी घायल हुए। ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार दो लोग भी घायल हो गए। कुल सात घायलों को पुलिस ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
घायलों में हेड कांस्टेबल ओमप्रकाश, चालक हेड कांस्टेबल हेमपाल सिंह, कांस्टेबल अदीप कुमार, कांस्टेबल प्रदीप राठौर और कांस्टेबल सुनील कुमार शामिल हैं। सभी आईआरबी फर्स्ट, बेलपड़ाव, रामनगर से जुड़े बताए गए हैं। बाइक सवार शाहिद निवासी भगवानपुर और इमरान निवासी बिहारीगढ़ भी हादसे में घायल हुए।
क्लेमेनटाउन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
चारधाम यात्रा ने तोड़ा 2023 का रिकॉर्ड
सड़क और बुनियादी ढांचे के साथ उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन ने भी नया रिकॉर्ड बनाया है। इस वर्ष चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 56,18,497 के आंकड़े को पार कर गई है। इसके साथ ही 2023 में दर्ज सर्वाधिक श्रद्धालुओं के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यात्रा ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। बढ़ती संख्या उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन के विस्तार का संकेत मानी जा रही है।
सरकार के अनुसार यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग, आवास और आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है। प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और एसडीआरएफ के बीच समन्वय पर भी जोर दिया गया है।
धामी ने एससी-एसटी समुदायों से किया सीधा संवाद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के लोगों से सीधे संवाद किया। टिहरी, उत्तरकाशी, चकराता, कालसी और देहरादून सहित दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने सड़क, शिक्षा, रोजगार, पेयजल, आजीविका और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं।
धामी ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के प्राथमिकता के आधार पर समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
मुख्यमंत्री ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के सामाजिक न्याय और समानता के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि एससी-एसटी सहित सभी वंचित और कमजोर वर्गों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक सशक्तीकरण के लिए सरकार काम कर रही है।
उन्होंने केंद्र की एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, छात्रवृत्ति, पीएम-जनमन और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण हो और योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहे।
आज भाजपा की ‘सेवा ज्योति यात्रा’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भाजपा बुधवार, सात अक्टूबर को उत्तराखंड में ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकालेगी। प्रदेश के जिला मुख्यालयों और विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित होंगे।
प्रदेश प्रभारी राम माधव, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रमों की कमान संभालेंगे। देहरादून के कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश प्रभारी राम माधव का वर्चुअल संबोधन होगा।
परेड ग्राउंड स्थित बहुउद्देशीय भवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और कुंदन परिहार सहित अन्य नेता मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष के संबोधन के बाद विकसित भारत का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा और ‘सेवा ज्योति’ प्रज्ज्वलित की जाएगी। इसके बाद सेवा ज्योति यात्रा का दीप लैंसडाउन चौक पर स्थापित किया जाएगा।
भाजपा के अनुसार उत्तरकाशी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और टिहरी सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, टिहरी में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, ऊधम सिंह नगर में प्रदेश सह प्रभारी अरविंद मेनन और कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा तथा हरिद्वार में सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत वरिष्ठ नेता कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
कुल मिलाकर उत्तराखंड में इस समय तस्वीर कई रंगों वाली है—एक तरफ एक्सप्रेसवे, कॉरिडोर और बाईपास से विकास की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी है, दूसरी तरफ यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं और सड़क सुरक्षा पर सवाल भी कायम हैं। वहीं चारधाम यात्रा का रिकॉर्ड धार्मिक पर्यटन की ताकत दिखा रहा है और राजनीतिक मोर्चे पर भाजपा ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के जरिए चुनावी माहौल को धार देने की तैयारी में है।
