भूकंप के झटकों से दहला उत्तराखंड, मौसम ने भी बढ़ाई चिंता: चमोली से दिल्ली-NCR तक महसूस हुए 4.9 तीव्रता के झटके, 8 जिलों में तेज हवाओं-बिजली का अलर्ट


उत्तराखंड रुद्रपुर। मंगलवार की रात उत्तराखंड समेत दिल्ली-NCR के कई इलाकों में उस समय हड़कंप मच गया, जब धरती अचानक कांप उठी। रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर चमोली को केंद्र मानकर आए भूकंप के झटकों ने लोगों को घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 मापी गई। भूकंप के झटके उत्तराखंड के कई हिस्सों के साथ दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी महसूस किए गए।
भूकंप आने के बाद कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। दिल्ली के दक्षिणी हिस्से सफदरजंग क्षेत्र में एक सोशल मीडिया यूजर ने सोफा हिलने का अनुभव साझा किया। इसके बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे से यह जानने की कोशिश शुरू कर दी कि उनके इलाके में भी भूकंप के झटके महसूस हुए या नहीं।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने रात करीब 10 बजकर 40 मिनट तक भूकंप की आधिकारिक जानकारी साझा कर दी। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड का चमोली क्षेत्र बताया गया। शुरुआती जानकारी में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। हालांकि पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड में भूकंप के झटकों को लेकर लोगों में स्वाभाविक रूप से चिंता बनी रही।
दिल्ली-NCR तक पहुंचा भूकंप का असर
चमोली में आए भूकंप का असर उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली-NCR के कई इलाकों में भी लोगों ने कंपन महसूस किए। रात के समय अचानक घरों में सामान या फर्नीचर के हिलने से कई लोग घबरा गए। कुछ लोगों ने एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकलना उचित समझा।
भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर डर के साथ-साथ हास्य का रंग भी देखने को मिला। X पर लोगों ने ‘पंचायत’ और फिल्मों से जुड़े GIF और मीम साझा करते हुए अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। हालांकि सोशल मीडिया पर लोगों का मजाकिया अंदाज दिखाई दिया, लेकिन भूकंप जैसी प्राकृतिक घटना पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के लिए हमेशा गंभीर चिंता का विषय रहती है।
एक ही दिन असम में भी कांपी धरती
मंगलवार को भूकंप के लिहाज से दिन असामान्य रहा। उत्तराखंड में रात को आए भूकंप से पहले असम के नागांव जिले में सुबह करीब 4 बजकर 23 मिनट पर 4.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। इसकी गहराई करीब 33 किलोमीटर बताई गई। राहत की बात यह रही कि उत्तराखंड और असम दोनों जगहों से किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई।
भूकंप के दो अलग-अलग घटनाक्रमों ने एक बार फिर देश के संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों में आपदा तैयारियों और सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भूकंप के बाद मौसम ने भी बढ़ाई चिंता
उत्तराखंड में जहां रात को भूकंप के झटकों ने लोगों को चौंकाया, वहीं बुधवार यानी 7 अक्टूबर को मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं, आकाशीय बिजली और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, नैनीताल, अल्मोड़ा, चम्पावत और उधम सिंह नगर में मौसम के करवट लेने की संभावना है।
इन जिलों में कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना भी जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार 4200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी के कारण तापमान में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। इसका असर मैदानी इलाकों में भी दिखाई दे सकता है और आने वाले दिनों में ठंड बढ़ सकती है।
देहरादून-हरिद्वार में गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का अलर्ट
राजधानी देहरादून और हरिद्वार में बुधवार को मौसम बिगड़ने की संभावना है। दोनों जिलों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में भी बादलों की आवाजाही के बीच बारिश होने की संभावना है। बारिश से जहां उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है, वहीं तापमान में अचानक गिरावट के चलते सुबह और शाम ठंड का असर बढ़ने की संभावना है।
नैनीताल, अल्मोड़ा और चम्पावत में भी बदलेगा मौसम
कुमाऊं के नैनीताल, अल्मोड़ा और चम्पावत जिलों में भी मौसम विभाग ने सतर्क रहने की चेतावनी दी है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। नैनीताल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों के साथ आसपास के पर्यटन स्थलों में भी मौसम का असर दिखाई देने की संभावना है।
बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान नीचे जाने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ठंड का सामना करना पड़ सकता है।
टिहरी और पौड़ी में भी मौसम के तेवर तल्ख
टिहरी और पौड़ी गढ़वाल में भी बुधवार को मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली चमक सकती है। टिहरी झील और आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बादल छाए रहने तथा हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार 9 अक्टूबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अस्थिर रह सकता है।
उधम सिंह नगर में भी तेज हवाओं का खतरा
तराई के उधम सिंह नगर जिले में भी बुधवार को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। रुद्रपुर समेत जिले के अन्य क्षेत्रों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। किसानों, वाहन चालकों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
दूसरी ओर उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। 4200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिर सकती है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 9 से 12 अक्टूबर के बीच करीब 3800 मीटर तक की ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी का दायरा नीचे आ सकता है।
एक तरफ धरती डोली, दूसरी तरफ मौसम का बदला मिजाज
उत्तराखंड में मंगलवार रात चमोली केंद्रित भूकंप और बुधवार के मौसम अलर्ट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक ओर धरती के कंपन ने पहाड़ से मैदान तक लोगों को झकझोर दिया, तो दूसरी ओर बारिश, तेज हवाओं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना ने मौसम को लेकर नई चुनौती खड़ी कर दी है।
हालांकि फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन भूकंप और खराब मौसम दोनों परिस्थितियों में प्रशासन तथा आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और तापमान में अचानक गिरावट जैसी परिस्थितियों पर नजर रखना जरूरी होगा।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | अवतार सिंह बिष्ट, उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी