पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के नेतृत्व में कांग्रेस का लोकतंत्र बचाओ विरोध मार्च, ज्ञानेश कुमार व केंद्र सरकार का पुतला फूंका



रुद्रपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर चलाए जा रहे लोकतंत्र बचाओ सप्ताह के तहत बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी ऊधम सिंह नगर की ओर से जिला मुख्यालय पर विशाल विरोध मार्च निकाला गया। मार्च में कांग्रेस के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न फ्रंटल संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ समाजवादी पार्टी सहित अन्य सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, उनके खिलाफ कार्रवाई करने तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई।

अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर, उत्तराखंड


विरोध मार्च में पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज और उसके मताधिकार का सम्मान सर्वोच्च होना चाहिए। कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा से जुड़े मुद्दों को लगातार जनता के बीच उठाती रहेगी।

पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन की मौजूदगी ने बढ़ाया कार्यकर्ताओं का उत्साह

लोकतंत्र बचाओ विरोध मार्च में पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन की भी महत्वपूर्ण उपस्थिति रही। उन्होंने रैली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जनता के मताधिकार और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर विश्वास कायम रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान पारदर्शी और संवैधानिक तरीके से होना चाहिए। महाजन ने कार्यकर्ताओं से लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एकजुट होकर जनता की आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। उनके संबोधन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर समर्थन जताया और विरोध प्रदर्शन को मजबूती प्रदान की।


कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह गल्ला मंडी में एकत्र हुए। यहां से विरोध मार्च गल्ला मंडी रोड, भगत सिंह चौक और मुख्य बाजार से होते हुए अंबेडकर चौक पहुंचा। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मुख्य मार्ग पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार का पुतला दहन किया गया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
मार्च के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां जिला प्रशासन के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई सहित चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न विषयों को उठाया गया।
उपनेता प्रतिपक्ष एवं खटीमा विधायक भुवन कापड़ी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और संविधान की रक्षा को लेकर कांग्रेस जनता के बीच अपनी बात रख रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के मत और अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष हिमांशु गावा ने कहा कि चुनाव व्यवस्था पर जनता का विश्वास लोकतंत्र की बुनियाद है। चुनाव से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया को लेकर यदि सवाल उठते हैं तो उनका स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से समाधान होना चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
किसान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह लाडी ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। चुनावी व्यवस्था से जुड़े सवालों का समाधान संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत होना चाहिए।
विरोध मार्च में महानगर अध्यक्ष ममता रानी, काशीपुर महानगर अध्यक्ष अलका पाल, ब्लॉक अध्यक्ष पवन बिष्ट, अशोक राय और नासिर, यूथ कांग्रेस सचिव परिमल राय, नव तेजपाल सिंह, सुमित्र भुल्लर, डॉ. अजय सिंह, देवेंद्र शाही, योगेश चौहान, संदीप चीमा, सुभाष बेहड़, पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, ममता हालदार, गणेश उपाध्याय, नारायण हालदार, आशुतोष राय, एनएसयूआई महानगर अध्यक्ष अनंत बिश्नोई, उमा सरकार, ज्योति टम्टा, गुड़िया अधिकारी, कुंदन टम्टा, सुमन गंगवार, नजमा बेगम, महेंद्र बेदी, सुभाष चंद्र, सुंदरलाल पाल, जीवन चंद भगत, भीम ठुकराल, विजय हरि, भूपेंद्र कुमार, सतीश कुमार, बाबू विश्वकर्मा, उत्तम आचार्य, मोहन खेड़ा, विष्णु तरफदार, सुकुमार चक्रवर्ती, सोमल सिंह, सज्जन नेताजी, मोहन भारद्वाज, डॉ. शहीद राजा, सुमेंद्र यादव, पवन दुआ, सद्दाम पाशा, अरबाज पाशा, अमन, इरफान अली, लकी, संजीव नदी, भूपेश कुमार, परमजीत सिंह, देवेंद्र बिष्ट, पदम राणा, उमर अली, अशफाक अंसारी, इंद्रजीत सिंह, राजू गुप्ता, संजय ठुकराल, श्यामल मंडल, गुल मोहम्मद, अक्षय कुमार, हरपाल सिंह विर्क, अजीत सिंह विर्क, कुलबीर सिंह विर्क, सुकुमार मिर्धा, चौधरी ओमपाल सिंह, हरभजन सिंह, सुखवंत सिंह विर्क सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी प्रदेश अध्यक्ष हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी के साथ अरविंद यादव, ओसियान यादव, राम सिंह सागर, मजहर रिजवी, इकराम मिकरनी, अरसद्द अयूब, उमैर, अनस सिद्दीकी, मुनीर अंसारी, सरताज अंसारी, आकिब, जाबेद, नारायण सिंह बिष्ट, हरभजन सिंह विर्क, मोनिका ढाली, जोरावर सिंह भुल्लर, अमन सिंह अरोड़ा, गुरविंदर विर्क, राजवीर सिंह विर्क, सुकुमार चक्रवर्ती, फरीद अहमद मंसूरी, आबिद हुसैन, कमल सैनी, रूप किशोर, नारायण व्यापारी, हरिपद, अतुल शील, भक्तों दास, रामसेवक कोली, दिनेश कोली, अंकित श्रीवास्तव, करण सिंह, कैलाश चंद, फूल सिंह, कमल वीर, जसपाल, राजेश तनेजा, राकेश कोली, सुनील जड़वानी, चन्देश्वर, हरजीत देयोल, केरू मंडल, सुनील चुग, गब्बर कोली, अमित अरोड़ा, दानवीर कोली, सियाराम, हरीश अरोड़ा, लवकुश, अहमद, वीरेंद्र सिंह, ललित बिष्ट, नवीन खेतवाल, किशोर हालदार, खगोपति विश्वास, बलजीत सिंह, हरभजन सिंह, ज्ञानी सुरेंद्र सिंह, एडवोकेट अमनदीप कौर, अनीता अन्ना, पवित्र शील, सुजीत मजूमदार, विकास विश्वास, रमन विश्वास, असित वाला, रणजीत तिवारी, विकास मलिक, रामपद मंडल, जय तरफदार, जगदीश, असीम देवरी, हरिदास मंडल, तरुण गाइन, प्रदीप यादव, शुभम रस्तोगी, आशु विश्वास, जगदीश दास, समीर, विधान, हरि मोहन, जीत, शिवा, सुमित, शुभम, उमाशंकर, दीपांकर, विकास, तरुण, जयदेव, सत्यम राय, मिक्की भगत, अजय गाबा, मोहित चौहान, सजल रावत, अभिमन्यु, अंशदीप सिंह, अमृत विर्क, रवि सिंह, अनूप देवनाथ, के.पी. गंगवार, साहब सिंह, चेतन मांगट, सोनू कंग, सत्ता कोली, रामकुमार गुप्ता, मनीष ठुकराल, परवेज कुरैशी, बाबू खान, गौतम ग्रामीण, एडवोकेट इंद्रजीत सिंह बिट्टा और अंकित चंद्रा सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती, मताधिकार की सुरक्षा तथा चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर पार्टी अपना संघर्ष जारी रखेगी। विरोध मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के संकल्प के साथ अपनी मांगों को जनता के बीच प्रमुखता से उठाया।