देश-दुनिया में आज सियासी हलचल तेज: राहुल गांधी की राष्ट्रपति से मुलाकात, एलन मस्क का ‘थैंक्यू राहुल’, अमेरिकी PERM रोक से भारतीय IT पेशेवरों की चिंता, चुनावी नतीजों और कांशीराम की पुण्यतिथि पर देश की नजर


उत्तराखंड नई दिल्ली। देश और दुनिया में आज, 9 अक्टूबर को राजनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक घटनाक्रमों को लेकर हलचल तेज है। एक ओर विदेश मंत्री एस. जयशंकर इथियोपिया पहुंचे हैं, जहां उनका स्वागत इथियोपिया के राज्य मंत्री बरहानु त्सेगये ने किया। दूसरी ओर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन के अन्य प्रमुख नेताओं के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने वाले हैं। इसी बीच भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक की एंट्री को लेकर एलन मस्क की टिप्पणी ने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया है।
अमेरिका की ओर से आठ बड़ी तकनीकी कंपनियों से जुड़े PERM आवेदनों पर रोक लगाए जाने की खबर ने भारतीय आईटी पेशेवरों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, पांच विधानसभा सीटों और असम की नौगांव लोकसभा सीट के उपचुनाव परिणामों पर भी राजनीतिक दलों की नजर है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का बलिया और सिकंदरपुर दौरा तथा बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम भी आज के प्रमुख घटनाक्रमों में शामिल हैं।
स्टारलिंक विवाद: एलन मस्क ने राहुल गांधी को कहा ‘थैंक्यू’
भारत में स्टारलिंक की संभावित शुरुआत और सैटेलाइट इंटरनेट बाजार को लेकर उद्योग जगत के साथ-साथ राजनीति में भी बहस तेज हो गई है। दुनिया के चर्चित कारोबारी एलन मस्क ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भारत में स्टारलिंक को लाइसेंस मिलने में हो रही देरी पर सवाल उठाया। उन्होंने रिलायंस समूह के प्रमुख मुकेश अंबानी का संदर्भ देते हुए पूछा कि क्या अंबानी भारत के असली ‘बॉस’ हैं?
मस्क की यह टिप्पणी भारत में कारोबार, प्रतिस्पर्धा और नियामकीय व्यवस्था को लेकर नई चर्चा का कारण बनी। उनके अनुसार, स्टारलिंक दुनिया के कई देशों में अपनी सेवाओं के लिए अनुमति प्राप्त कर चुका है और भारत में लाइसेंस संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में भी कंपनी ने लंबा समय लगाया है। इसके बावजूद अनुमति मिलने में देरी क्यों हो रही है, यह उनका प्रमुख सवाल है।
इस विवाद में राहुल गांधी की प्रतिक्रिया ने राजनीतिक रंग और गहरा कर दिया। राहुल गांधी ने मस्क की पोस्ट पर भारत में उनका स्वागत करते हुए दूसरे व्यक्ति के बारे में जानने के लिए थोड़ा इंतजार करने की बात कही। इसके जवाब में मस्क ने राहुल गांधी को धन्यवाद दिया और स्थिति को चिंताजनक बताया।
हालांकि, मस्क की टिप्पणी को अपने आप में किसी कारोबारी समूह के विरुद्ध आरोपों का प्रमाण नहीं माना जा सकता। भारत सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि सैटेलाइट संचार क्षेत्र में लाइसेंस और सुरक्षा मंजूरी निर्धारित नियमों के अनुसार दी जाती है। सरकार ने स्टारलिंक के साथ भेदभाव किए जाने के आरोपों को खारिज किया है।
संचार राज्यमंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी के हवाले से आई जानकारी के अनुसार, स्टारलिंक से जुड़ी सुरक्षा मंजूरी की प्रक्रिया गृह मंत्रालय के स्तर पर लंबित रही है। सरकार का पक्ष है कि सुरक्षा संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही अगली प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
इस मामले का महत्व केवल स्टारलिंक तक सीमित नहीं है। भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं का विस्तार दूरदराज के क्षेत्रों, पहाड़ी इलाकों और उन स्थानों के लिए उपयोगी हो सकता है जहां पारंपरिक इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर है। दूसरी ओर, इस बाजार में पहले से मौजूद कंपनियों के हित, कीमतों का निर्धारण, स्पेक्ट्रम संबंधी नियम और राष्ट्रीय सुरक्षा भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं।
अब सवाल यह है कि स्टारलिंक को भारत में अनुमति कब मिलती है और क्या आने वाले समय में सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में नई प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। साथ ही, सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि नियमों का पालन सभी कंपनियों के लिए समान रूप से हो।
अमेरिका में आठ टेक कंपनियों के PERM आवेदनों पर रोक, भारतीय कर्मचारियों की चिंता बढ़ी
अमेरिका में विदेशी कर्मचारियों से संबंधित रोजगार आधारित स्थायी निवास प्रक्रिया को लेकर सामने आई कार्रवाई ने भारतीय आईटी क्षेत्र का ध्यान खींचा है। रिपोर्टों के अनुसार, कॉग्निजेंट, इन्फोसिस, टाटा, विप्रो, एचसीएल, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोब जैसी कंपनियों से जुड़े नए या लंबित PERM आवेदनों पर रोक लगाए जाने की बात कही गई है।
इस कार्रवाई का वास्तविक दायरा और प्रत्येक कंपनी पर लागू शर्तों की पुष्टि आधिकारिक आदेशों से करना जरूरी है। यदि संबंधित आवेदनों पर रोक प्रभावी है, तो अमेरिका में काम कर रहे उन कर्मचारियों को परेशानी हो सकती है जो रोजगार के आधार पर स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड पाने की प्रक्रिया में हैं।
PERM का पूरा नाम Program Electronic Review Management है। यह अमेरिकी श्रम विभाग की रोजगार प्रमाणन प्रक्रिया है। इसके तहत नियोक्ता को निर्धारित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से यह प्रदर्शित करना होता है कि संबंधित स्थायी पद के लिए पर्याप्त योग्य और उपलब्ध अमेरिकी कर्मचारी नहीं मिले तथा विदेशी कर्मचारी को नियुक्त करने से अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन और कामकाजी परिस्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
PERM स्वीकृत होने के बाद रोजगार आधारित आव्रजन प्रक्रिया के अगले चरण में नियोक्ता संबंधित इमिग्रेंट पिटीशन दाखिल कर सकता है। इसलिए इस प्रक्रिया में रुकावट आने पर कुछ कर्मचारियों के ग्रीन कार्ड आवेदन में देरी हो सकती है।
हालांकि, यह समझना आवश्यक है कि PERM प्रक्रिया पर किसी प्रकार की रोक का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित कंपनी में काम करने वाले प्रत्येक विदेशी कर्मचारी का वीजा या ग्रीन कार्ड आवेदन स्वतः रद्द हो गया है। प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कर्मचारी किस वीजा श्रेणी में है, उसका आवेदन किस चरण में है और संबंधित आदेश किन आवेदनों पर लागू होता है।
अमेरिकी प्रशासन की ओर से विदेशी श्रम व्यवस्था में संभावित अनियमितताओं और अमेरिकी नागरिकों के रोजगार हितों की रक्षा को लेकर सख्ती बढ़ाए जाने की चर्चा है। ऐसे में भारतीय आईटी कंपनियों और उनके कर्मचारियों के लिए आधिकारिक जानकारी के आधार पर अपनी आव्रजन स्थिति का आकलन करना महत्वपूर्ण होगा।
राहुल गांधी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से करेंगे मुलाकात
भारतीय राजनीति में आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ‘इंडिया’ गठबंधन के अन्य प्रमुख नेताओं के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने वाले हैं।
विपक्ष की ओर से इस मुलाकात का उद्देश्य मुख्य चुनाव आयुक्त से संबंधित शिकायतों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रपति के समक्ष रखना बताया गया है। इस घटनाक्रम का महत्व इसलिए भी है क्योंकि देश में मतदाता सूची, चुनावी पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक दलों के बीच लगातार बहस होती रही है।
हालांकि, मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी और राष्ट्रपति की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आएगी, इसका आकलन बैठक के बाद उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही किया जा सकेगा।
छह सीटों के उपचुनाव परिणामों पर नजर
आज पांच विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के उपचुनाव परिणाम घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी की पांच विधानसभा सीटें तथा असम की नौगांव लोकसभा सीट शामिल बताई गई हैं।
इन परिणामों को संबंधित क्षेत्रों में राजनीतिक दलों के प्रदर्शन और स्थानीय मुद्दों के संदर्भ में देखा जाएगा। उपचुनावों के नतीजे सामान्यतः राष्ट्रीय राजनीति का पूरा जनादेश नहीं होते, लेकिन वे सत्तारूढ़ दलों और विपक्ष के लिए राजनीतिक संदेश जरूर दे सकते हैं।
विशेष रूप से उन राज्यों में, जहां क्षेत्रीय दलों और राष्ट्रीय दलों के बीच प्रतिस्पर्धा है, उपचुनाव परिणामों से संगठनात्मक ताकत, स्थानीय नेतृत्व और मतदाताओं के रुझान का संकेत मिल सकता है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष निकालने के लिए मतों के अंतर, मतदान प्रतिशत और क्षेत्रवार परिणामों का विश्लेषण जरूरी होगा।
अखिलेश यादव का बलिया और सिकंदरपुर दौरा
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज उत्तर प्रदेश के बलिया और सिकंदरपुर क्षेत्र का दौरा करेंगे। इस दौरे को पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों और जनसंपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक मुकाबलों को देखते हुए समाजवादी पार्टी लगातार अपने संगठन और समर्थक आधार को मजबूत करने में जुटी है। बलिया और आसपास के क्षेत्रों में अखिलेश यादव की मौजूदगी से पार्टी कार्यकर्ताओं में सक्रियता बढ़ने की संभावना है।
दौरे के दौरान किन कार्यक्रमों में भागीदारी होगी और स्थानीय राजनीतिक मुद्दों पर उनका क्या रुख रहेगा, इस पर भी नजर रहेगी।
कांशीराम की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम
बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धांजलि सभाओं और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। बसपा सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी।
कांशीराम ने बहुजन समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक भागीदारी को केंद्र में रखकर अपना आंदोलन खड़ा किया था। उनका राजनीतिक अभियान दलितों, पिछड़े वर्गों और वंचित समुदायों को संगठित करने तथा उन्हें सत्ता और प्रशासन में भागीदारी दिलाने के विचार से जुड़ा रहा।
उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम बसपा के लिए केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक एकजुटता से जुड़े मुद्दों को दोबारा सामने रखने का अवसर भी हैं।
लखनऊ सहित विभिन्न स्थानों पर आयोजित सभाओं में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक उनके योगदान को याद करेंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से बसपा अपने पारंपरिक समर्थक आधार के बीच राजनीतिक संदेश देने का प्रयास भी कर सकती है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर इथियोपिया पहुंचे
भारत की विदेश नीति के लिहाज से विदेश मंत्री एस. जयशंकर का इथियोपिया पहुंचना भी आज के प्रमुख घटनाक्रमों में शामिल है। इथियोपिया के राज्य मंत्री बरहानु त्सेगये ने उनका स्वागत किया।
भारत और इथियोपिया के बीच राजनयिक संबंधों के साथ व्यापार, विकास सहयोग, शिक्षा, क्षमता निर्माण और बहुपक्षीय मंचों पर साझेदारी जैसे विषय महत्वपूर्ण रहे हैं। जयशंकर की यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों और आपसी सहयोग से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की संभावना है।
अफ्रीकी देशों के साथ भारत के संबंध आर्थिक सहयोग, विकास साझेदारी और वैश्विक मंचों पर संवाद के लिहाज से अहम हैं। हालांकि, इस यात्रा के दौरान होने वाली बैठकों और समझौतों के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए आधिकारिक घोषणाओं की प्रतीक्षा करनी होगी।
आज की घटनाओं का व्यापक राजनीतिक अर्थ
9 अक्टूबर का दिन कई अलग-अलग मोर्चों पर महत्वपूर्ण दिखाई दे रहा है। भारत में चुनावी संस्थाओं और राजनीतिक दलों के बीच संवाद, स्टारलिंक को लेकर कारोबारी प्रतिस्पर्धा और सरकारी नियमों पर बहस, अमेरिका में भारतीय आईटी कर्मचारियों की स्थायी निवास प्रक्रिया से जुड़ी चिंता तथा विभिन्न राज्यों के उपचुनाव परिणाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विमर्श को प्रभावित कर सकते हैं।
एक ओर विपक्ष चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रपति के सामने उठाने जा रहा है, तो दूसरी ओर एलन मस्क की टिप्पणी ने भारत में कारोबार और नियामकीय निष्पक्षता पर चर्चा छेड़ दी है। अमेरिकी PERM प्रक्रिया से संबंधित खबर भारतीय पेशेवरों के लिए रोजगार और भविष्य की योजनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
राजनीतिक स्तर पर अखिलेश यादव का दौरा, कांशीराम की पुण्यतिथि और उपचुनावों के परिणाम विभिन्न दलों की गतिविधियों को दिशा देंगे। वहीं, विदेश मंत्री जयशंकर की इथियोपिया यात्रा भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है।
फिलहाल देश-दुनिया की नजर इन घटनाक्रमों के अगले चरण पर है। राष्ट्रपति से विपक्ष की मुलाकात के बाद सामने आने वाले बयान, उपचुनावों के आधिकारिक परिणाम, स्टारलिंक की लाइसेंस प्रक्रिया और अमेरिका में PERM आवेदनों पर कार्रवाई की वास्तविक स्थिति आने वाले समय में तस्वीर को और स्पष्ट करेंगे।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट| देश-विदेश, राजनीति, कारोबार और जनसरोकारों की खबरें