11 अक्टूबर को सी-22, एलाइंस कॉलोनी में होगा श्रीराम-सीता विवाह समारोह, भक्तिमय गीत-संगीत के बीच निभाई जाएंगी विवाह की परंपराएं; श्रद्धालुओं के लिए भोजन और व्रत के प्रसाद की होगी अलग व्यवस्था
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर
रुद्रपुर। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी धार्मिक परंपराएं भारतीय संस्कृति, आस्था और आदर्शों की अमूल्य धरोहर हैं। प्रभु श्रीराम के विवाह प्रसंग का स्मरण होते ही जनकपुरी की भव्यता, माता सीता के स्वयंवर की दिव्यता और अयोध्या की आनंदमयी परंपराओं का चित्र मन में उभरने लगता है। इसी धार्मिक भावभूमि को साकार करने के लिए रुद्रपुर में 11 अक्टूबर को प्रभु श्रीराम की भव्य दिव्य बारात का स्वागत विशेष उत्साह और श्रद्धा के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक शिव अरोरा अपने निज आवास पर घराती बनकर भगवान श्रीराम की बारात का स्वागत करेंगे। उनके आवास को जनकपुरी की तर्ज पर सजाने की तैयारी की जा रही है, जहां श्रीराम-सीता विवाह की रस्में भक्तिमय वातावरण में संपन्न होंगी।
विधायक शिव अरोरा ने अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम की बारात का स्वागत करने का अवसर उनके लिए भावुकता, गौरव और आध्यात्मिक आनंद से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इसे प्रभु श्रीराम की कृपा से प्राप्त सौभाग्य बताते हुए कहा कि भगवान के प्रति श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करने के लिए ऐसे अवसर जीवन में विशेष महत्व रखते हैं।
रामलीला मैदान से निकलेगी प्रभु श्रीराम की भव्य बारात
रुद्रपुर में रामलीला की परंपरा लंबे समय से धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज को जोड़ने का कार्य करती रही है। इसी परंपरा के अंतर्गत 11 अक्टूबर को प्रभु श्रीराम की भव्य दिव्य बारात बस स्टैंड स्थित रामलीला मैदान से प्रारंभ होगी। बारात पांच मंदिर होते हुए सी-22, एलाइंस कॉलोनी स्थित विधायक शिव अरोरा के निज आवास तक पहुंचेगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम पांच बजे बारात विधायक आवास पर पहुंचेगी। यहां श्रद्धालुओं और अतिथियों की उपस्थिति में बारात का स्वागत किया जाएगा। आयोजन को भव्य और भक्तिमय स्वरूप देने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। धार्मिक परंपराओं के अनुरूप विवाह समारोह संपन्न कराने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए ऐसा वातावरण तैयार किया जाएगा, जिसमें लोग भगवान श्रीराम के प्रति अपनी आस्था व्यक्त कर सकें।
जनकपुरी की तर्ज पर सजेगा विधायक आवास
भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह भारतीय धार्मिक परंपरा में केवल एक मांगलिक प्रसंग नहीं, बल्कि आदर्श दांपत्य, कर्तव्य, मर्यादा और पारिवारिक संस्कारों का प्रतीक माना जाता है। रामायण में वर्णित जनकपुरी का विवाहोत्सव आज भी रामलीलाओं और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से जनमानस में जीवंत बना हुआ है।
इसी भावना को ध्यान में रखते हुए विधायक शिव अरोरा का आवास जनकपुरी की तर्ज पर भव्य रूप से सजाया जाएगा। यहां प्रभु श्रीराम की बारात के आगमन पर स्वागत-सत्कार होगा और विवाह की पारंपरिक रस्में निभाई जाएंगी। भक्तिमय गीत-संगीत के बीच श्रीराम-सीता विवाह का आयोजन होगा। इसके पश्चात माता सीता की विदाई की रस्म भी संपन्न की जाएगी।
विधायक के अनुसार, इस आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे। धार्मिक आयोजन का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि भगवान श्रीराम के आदर्शों से जुड़ना और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी है।
घराती बनकर स्वागत करना मेरे लिए सौभाग्य : शिव अरोरा
विधायक शिव अरोरा ने कहा कि प्रभु श्रीराम की बारात के स्वागत का अवसर मिलना उनके लिए अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में भी उन्हें भगवान श्रीराम की बारात के स्वागत का अवसर प्राप्त हुआ था। अब एक बार फिर इस पावन आयोजन में सहभागी बनने का सौभाग्य मिलने पर वह स्वयं को धन्य मानते हैं।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं है। उनके जीवन के आदर्शों को अपनाना, सत्य के मार्ग पर चलना, बड़ों का सम्मान करना, अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना और समाज में सद्भाव बनाए रखना भी वास्तविक आध्यात्मिकता का हिस्सा है।
शिव अरोरा ने कहा कि वह इस बार घराती बनकर प्रभु श्रीराम की बारात का स्वागत करेंगे। उनके लिए यह आयोजन व्यक्तिगत आस्था के साथ-साथ रुद्रपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का भी अवसर है।
श्रद्धालुओं के लिए भोजन और व्रत के भोजन की अलग व्यवस्था
धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सेवा को भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान दिया गया है। इसी भावना के अनुरूप विधायक आवास पर आने वाले श्रद्धालुओं और अतिथियों के लिए भोजन की उचित व्यवस्था की जाएगी। विधायक शिव अरोरा ने बताया कि जो श्रद्धालु व्रत रखकर कार्यक्रम में शामिल होंगे, उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्रत के अनुकूल भोजन का अलग से प्रबंध किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विभिन्न धार्मिक नियमों और परंपराओं का पालन करने वाले श्रद्धालु भी सहजता से समारोह में भाग ले सकें। आयोजकों की ओर से कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और भक्तिमय बनाने की तैयारी की जा रही है।
भगवान श्रीराम के आदर्शों से जुड़ने का संदेश
भगवान श्रीराम भारतीय जनमानस में मर्यादा, सत्य, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और न्याय के प्रतीक हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, व्यक्ति को अपने सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों का पालन करना चाहिए। वहीं माता सीता का जीवन धैर्य, आत्मसम्मान, साहस और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा देता है।
श्रीराम-सीता विवाह का आयोजन इन्हीं आदर्शों को स्मरण करने का अवसर प्रदान करता है। रामलीला के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी पहुंचने वाली धार्मिक कथाएं समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ती हैं। ऐसे आयोजनों में परिवारों, युवाओं, बुजुर्गों और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सामाजिक मेलजोल और आपसी सद्भाव को भी बढ़ावा देती है।
विधायक शिव अरोरा ने रुद्रपुर के नागरिकों, धर्मप्रेमियों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे 11 अक्टूबर को प्रभु श्रीराम की भव्य दिव्य बारात के स्वागत समारोह में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें और श्रीराम-सीता विवाह के पावन क्षणों के साक्षी बनें। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्श भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं और इन परंपराओं को जीवंत बनाए रखना सभी का सामूहिक दायित्व है।
प्रेस वार्ता में ये लोग रहे मौजूद
प्रेस वार्ता के दौरान दर्जामंत्री सुरेश कोली, पूर्व पालिका अध्यक्ष मीना शर्मा, पंजाबी महासभा कुमाऊं अध्यक्ष हरीश जल्होत्रा, पूर्व मंडी चेयरमैन केके दास, बंगाली महासभा अध्यक्ष केके दास, व्यापार मंडल महामंत्री मनोज छाबड़ा, कोषाध्यक्ष संदीप राव, भाजपा मंडल अध्यक्ष धीरेश गुप्ता, राजेश कामरा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
रुद्रपुर में होने वाला यह आयोजन धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक सहभागिता का संगम बनेगा। 11 अक्टूबर की शाम जब प्रभु श्रीराम की बारात विधायक आवास पहुंचेगी, तब स्वागत, विवाह की रस्मों और भक्ति संगीत के बीच श्रद्धालुओं को रामायण के एक महत्वपूर्ण प्रसंग से जुड़ने का अवसर मिलेगा। भगवान श्रीराम के प्रति आस्था और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश ही इस आयोजन की सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक भावना रहेगी।
जनकपुरी की तर्ज पर सजेगा विधायक शिव अरोरा का आवास, घराती बनकर करेंगे प्रभु श्रीराम की दिव्य बारात का स्वागत11 अक्टूबर को सी-22, एलाइंस कॉलोनी में होगा श्रीराम-सीता विवाह समारोह, भक्तिमय गीत-संगीत के बीच निभाई जाएंगी विवाह की परंपराएं; श्रद्धालुओं के लिए भोजन और व्रत के प्रसाद की होगी अलग व्यवस्थाअवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर
