रुद्रपुर के भाजपा समर्थित पार्षद प्रकाश धामी हत्याकांड में नामजद राजकुमार किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार, दिल्ली में तीन महीने तक बंधक बनाने का आरोपमुरादाबाद में दोस्ती के बहाने परिवार तक पहुंचा आरोपी, नाबालिग को डराकर ले जाने और अश्लील तस्वीरों से ब्लैकमेल करने का भी आरोप


उत्तराखंड के रुद्रपुर में भाजपा समर्थित पार्षद प्रकाश सिंह धामी की हत्या के मामले में नामजद रहे राजकुमार उर्फ बिट्टू उर्फ अभिषेक को मुरादाबाद पुलिस ने एक नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने किशोरी को भी बरामद कर लिया है। आरोप है कि राजकुमार ने पहले मुरादाबाद निवासी एक व्यक्ति से दोस्ती की और फिर उसके परिवार के साथ मेलजोल बढ़ाकर घर तक पहुंच बना ली। इसके बाद वह कथित तौर पर किशोरी को डरा-धमकाकर अपने साथ ले गया और दिल्ली में करीब तीन महीने तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उसके साथ कई बार दुष्कर्म किए जाने और अश्लील तस्वीरों के माध्यम से परिवार को ब्लैकमेल करने के आरोप भी सामने आए हैं।
इस मामले ने एक बार फिर महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा, अपराधियों की गतिविधियों तथा जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपितों की निगरानी जैसे गंभीर सवालों को चर्चा में ला दिया है।

हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स अवतार सिंह बिष्ट उत्तराखंड | देश-दुनिया की खबरों पर नजर


दोस्ती के बाद परिवार तक बनाई पहुंच
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ जिले के पिसावा क्षेत्र के गांव बसेरा निवासी राजकुमार उर्फ बिट्टू उर्फ अभिषेक का मुरादाबाद के सिविल लाइंस क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति से संपर्क हुआ था। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हो गई। बताया जाता है कि राजकुमार कई बार उसके घर आने-जाने लगा, जिससे परिवार के अन्य सदस्यों से भी उसका परिचय हो गया।
आरोप है कि इसी परिचय का फायदा उठाकर उसने किशोरी से भी नजदीकी बढ़ाई। करीब तीन महीने पहले उसने कथित तौर पर किशोरी को बहाने से घर के बाहर मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद अपने आपराधिक इतिहास का भय दिखाकर उसे डरा-धमकाया और अपने साथ ले गया।
परिजनों के लिए यह घटना बेहद चिंताजनक हो गई, क्योंकि किशोरी के अचानक लापता होने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच और तलाश की कार्रवाई की।
दिल्ली में बंधक बनाकर दुष्कर्म का आरोप
पुलिस के अनुसार, किशोरी को कथित तौर पर दिल्ली ले जाया गया, जहां उसे करीब तीन महीने तक बंधक बनाकर रखा गया। आरोप है कि इस अवधि में राजकुमार ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि किशोरी की अश्लील तस्वीरें उसके परिवार को भेजी गईं और इनके जरिए परिजनों को ब्लैकमेल किया गया।
इस तरह के आरोप केवल एक नाबालिग के साथ कथित यौन अपराध तक सीमित नहीं हैं, बल्कि परिवार को भयभीत करने और मानसिक दबाव में रखने की गंभीर आशंका भी सामने लाते हैं। हालांकि, मामले से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होनी है।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया और किशोरी को बरामद कर लिया। अब मामले में पुलिस की जांच, किशोरी के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों के आधार पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
नाबालिग से जुड़े ऐसे मामलों में पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन प्रतिबंधित है। इसलिए उसकी पहचान से संबंधित कोई भी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए।
कौन है राजकुमार, जिसका नाम रुद्रपुर के चर्चित हत्याकांड में आया था?
राजकुमार उर्फ बिट्टू उर्फ अभिषेक का नाम वर्ष 2020 में उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में हुए भाजपा समर्थित पार्षद प्रकाश सिंह धामी हत्याकांड में सामने आया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर 2020 को भदईपुरा क्षेत्र में पार्षद प्रकाश सिंह धामी की उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात ने उस समय रुद्रपुर सहित पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी थी।
पुलिस जांच के दौरान राजकुमार का नाम इस हत्याकांड में सामने आया था। उसे उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के जट्टारी क्षेत्र से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। पुलिस ने उस समय आरोपित को जेल भेजा था। बाद में जमानत पर बाहर आने के बाद उसके मुरादाबाद पहुंचने और वहां एक परिवार से संपर्क स्थापित होने की बात वर्तमान मामले के संदर्भ में सामने आई है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी व्यक्ति का किसी पुराने आपराधिक मामले में नामजद होना और उस मामले में न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध किया जाना अलग-अलग बातें हैं। हत्याकांड में उसकी कानूनी स्थिति का निर्धारण संबंधित न्यायिक अभिलेखों और फैसले के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
चार लाख रुपये की सुपारी की बात भी आई थी सामने
पार्षद प्रकाश सिंह धामी की हत्या की जांच के दौरान करीब चार लाख रुपये की सुपारी दिए जाने की बात भी सामने आई थी। पुलिस ने इस मामले में पूर्व सभासद राजेश गंगवार सहित अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच की थी। जांच में राजेश गंगवार, उसके भाई अन्नू गंगवार और अन्य लोगों के नाम भी सामने आने की जानकारी दी गई थी।
इस हत्याकांड ने उस समय राजनीतिक और आपराधिक हलकों में काफी चर्चा पैदा की थी। अब इसी मामले में नामजद रहे राजकुमार का मुरादाबाद में नाबालिग से कथित दुष्कर्म और उसे बंधक बनाने के मामले में गिरफ्तार होना एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
नाबालिगों की सुरक्षा और अपराधियों की निगरानी पर सवाल
मुरादाबाद का यह मामला कई स्तरों पर गंभीर है। एक ओर नाबालिग किशोरी की सुरक्षा और उसके साथ कथित यौन अपराध का सवाल है, तो दूसरी ओर परिवार से परिचय बढ़ाकर विश्वास हासिल करने और फिर उसका दुरुपयोग करने के आरोप हैं। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला नाबालिगों की सुरक्षा के प्रति सतर्कता और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करेगा।
पुलिस के सामने अब किशोरी को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उसके बयान और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाने तथा आरोपित के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।