रुद्रपुर के आवास विकास में कूड़े के ढेर पर गायें, एक सप्ताह बाद भी नहीं जागा प्रशासन; गौ संरक्षण के दावों पर उठे सवालहिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | रुद्रपुर


रुद्रपुर के आवास विकास में कूड़े के ढेर पर गायें, एक सप्ताह बाद भी नहीं जागा प्रशासन; गौ संरक्षण के दावों पर उठे सवाल
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रुद्रपुर। शहर के आवास विकास क्षेत्र में स्थित पार्क के भीतर कूड़े के ढेर में भोजन तलाशती गायों की तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। करीब एक सप्ताह पहले भी इसी स्थान पर गायों को पॉलिथीन और कूड़े के बीच भोजन तलाशते हुए देखा गया था। उस समय उम्मीद जताई गई थी कि खबर प्रकाशित होने के बाद नगर निगम और संबंधित विभाग इस समस्या का संज्ञान लेंगे, लेकिन दोबारा मौके पर पहुंचने पर हालात में कोई खास बदलाव दिखाई नहीं दिया।

अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर


पार्क के भीतर जमा कूड़े के ढेर में गायें अपना पेट भरने के लिए भोजन तलाश रही हैं। यह स्थिति न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि गौ संरक्षण के दावों की जमीनी हकीकत पर भी ध्यान आकर्षित करती है। कूड़े में फेंकी गई पॉलिथीन और सड़ा-गला भोजन पशुओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
उत्तराखंड में गौ माता की पूजा, गौ संरक्षण और हिंदुत्व को लेकर राजनीतिक एवं धार्मिक मंचों पर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने के बीच रुद्रपुर के आवास विकास क्षेत्र की यह तस्वीर संबंधित विभागों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाती है। गौ माता के सम्मान की बात करने वाले समाज और व्यवस्था के सामने यह विचारणीय विषय है कि आखिर शहर के बीचोंबीच गायों को कूड़े में भोजन क्यों तलाशना पड़ रहा है।
स्थानीय स्तर पर गौशाला निर्माण और आवारा पशुओं के संरक्षण को लेकर भी समय-समय पर बातें सामने आती रही हैं। ऐसे में सवाल है कि यदि गौ संरक्षण के लिए व्यवस्थाएं मौजूद हैं, तो इन गायों को सुरक्षित आश्रय क्यों नहीं मिल पा रहा? संबंधित विभागों को स्पष्ट करना चाहिए कि आवास विकास क्षेत्र में कूड़ा निस्तारण, पशु संरक्षण और बीमार या घायल गोवंश की देखभाल के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
यह मामला केवल कूड़े की सफाई तक सीमित नहीं है। पार्क जैसी सार्वजनिक जगह पर कूड़े का जमाव लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी परेशानी पैदा कर सकता है। नगर निगम को तत्काल सफाई कराकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में यहां दोबारा कूड़े का ढेर न लगे। साथ ही, गोवंश को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और उनके स्वास्थ्य की जांच कराने की व्यवस्था भी की जानी चाहिए।
अब सवाल यह है कि खबर सामने आने के बाद भी कार्रवाई का इंतजार क्यों है? गौ माता के सम्मान का वास्तविक अर्थ केवल धार्मिक आयोजनों और भाषणों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनकी सुरक्षा, भोजन और देखभाल के लिए धरातल पर प्रभावी व्यवस्था भी दिखाई देनी चाहिए।
आवास विकास के पार्क में कूड़े के बीच भोजन तलाशती गायों की तस्वीर प्रशासन और नगर निगम के लिए एक स्पष्ट संदेश है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मामले में कब संज्ञान लेते हैं और गौ संरक्षण के दावों को वास्तविक कार्रवाई में बदलते हैं।
हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स की मांग: नगर निगम तत्काल कूड़े के ढेर को हटाए, गोवंश की स्थिति का निरीक्षण कराए और आवारा पशुओं के संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करे।
अवतार सिंह बिष्ट | हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स, रुद्रपुर