यानी अग्निवीरों की सेवा चार साल से बढ़ाकर अब छह साल कर दी गई है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ यानी CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि दो साल का कार्यकाल पाने वाले अग्निवीरों को प्रदर्शन के आकलन के आधार पर बाद में स्थायी पदों की भी पेशकश की जाएगी। CDS सुब्रमणि ने बताया कि सेवा विस्तार पाने वाले अग्निवीरों को बढ़ा हुआ वेतन और भत्ते मिलेंगे।
अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर
केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमण्यम ने कहा, “आज भारतीय रक्षा बलों और हमारे ‘अग्निवीरों’ के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। कैबिनेट ने सभी अग्निवीरों के लिए भारतीय रक्षा बलों में शामिल होने का रास्ता खोल दिया है। जैसा कि आप जानते हैं, ‘अग्निपथ’ योजना 14 जून 2022 को शुरू की गई थी। उस समय यह कहा गया था कि अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन किया जाएगा और समय-समय पर इस योजना की समीक्षा की जाएगी। अग्निवीरों का पहला बैच अब अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने के करीब है। इन चार वर्षों में किए गए प्रदर्शन मूल्यांकन के आधार पर, हमें उनके काम को लेकर बहुत सकारात्मक फीडबैक मिला है।”
अग्निवीरों की सेवा अब छह साल हुई
सुब्रमण्यम ने आगे कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, योग्यता के आधार पर 25% अग्निवीरों को नियमित सेना में शामिल किया जाना है। पहले, 75% अग्निवीरों के लिए यह प्रावधान था कि वे अनुशासित और प्रेरित युवाओं के रूप में वापस समाज में लौट जाएंगे लेकिन इसमें केंद्रीय कैबिनेट ने बदलाव को मंजूरी दी है। नई और अपडेट की गई योजना के तहत, बाकी बचे 75% अग्निवीरों को अब दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार दिया जाएगा। यह दो साल की अवधि पूरी होने पर, जो भी इच्छुक होंगे, उन्हें एक तय चयन प्रक्रिया के आधार पर सशस्त्र बलों में शामिल कर लिया जाएगा। इस योजना के ये चार मुख्य पहलू हैं।”
