भाजपा ने कहा है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिवाली जैसे पावन त्यौहार को ‘ईद’ कहकर भारत के लोगों का अपमान किया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस पार्टी की ‘दिवालिया’ मानसिकता को दर्शाता है।

भारत के हिंदुओं के इतने बड़े त्योहार को ‘ईद’ बताकर, कांग्रेस पार्टी ने अपनी असल मानसिकता सबके सामने ला दी है। यहां तक कि अब उनके वरिष्ठ नेता भी दिवाली को ‘ईद’ के रूप में फिर से परिभाषित करने की कोशिश कर रहे हैं।

अवतार सिंह बिष्ट,हिंदुस्तान ग्लोबल टाइम्स | उत्तराखंड, देश-दुनिया और जन सरोकारों की खबरों पर नजर

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी का बयान सुनिए! “दिवाली खुशियों की ईद है, कई दिनों तक चलने वाली ईद है।” खड़गे जी, दीपावली करोड़ों हिंदुओं की आस्था, संस्कृति और परंपरा का महापर्व है। इसे अपनी जगह सम्मान मिलना चाहिए और ईद को अपनी जगह। सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए, ।

भाजपा के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिवाली को ‘ईद’ कहकर देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष के कथित बयान की आलोचना की है। भाजपा का आरोप है कि इस तरह की टिप्पणी कांग्रेस पार्टी की धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को लेकर सोच को उजागर करती है। भाजपा नेताओं ने कहा कि दिवाली हिंदू समाज के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। यह पर्व देशभर में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाता है। ऐसे में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे वरिष्ठ राजनीतिक नेता द्वारा दिवाली को ‘ईद’ कहे जाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। भाजपा ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के बयान से त्योहार की धार्मिक पहचान को लेकर अनावश्यक विवाद पैदा होता है।

भाजपा ने कांग्रेस की मानसिकता पर उठाए सवाल

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने खरगे के कथित बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे कांग्रेस पार्टी की ‘दिवालिया मानसिकता’ का परिचायक बताया है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से इस तरह की टिप्पणी सामने आना गंभीर विषय है। पार्टी ने आरोप लगाया कि दिवाली जैसे बड़े हिंदू त्योहार को ‘ईद’ बताकर कांग्रेस ने अपनी वास्तविक सोच सामने रख दी है। भाजपा नेताओं के मुताबिक, यह मामला केवल एक शब्द के इस्तेमाल तक सीमित नहीं है, बल्कि धार्मिक त्योहारों के प्रति राजनीतिक दलों के दृष्टिकोण से भी जुड़ा हुआ है। पार्टी ने सवाल उठाया कि आखिर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिवाली जैसे त्योहार को दूसरे धार्मिक पर्व के रूप में क्यों संबोधित कर रहे हैं।

दिवाली की पहचान बदलने की कोशिश का आरोप

भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अब दिवाली को ‘ईद’ के रूप में फिर से परिभाषित करने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि हिंदुओं के इतने बड़े पर्व को लेकर इस तरह की टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है। भाजपा ने अपने बयान में कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा कि धार्मिक त्योहारों के प्रति सम्मान बनाए रखना सभी राजनीतिक नेताओं की जिम्मेदारी है। हालांकि, भाजपा की ओर से लगाए गए ये आरोप राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा हैं। खरगे के मूल बयान का पूरा संदर्भ उपलब्ध कराए गए विवरण में स्पष्ट नहीं है। इसलिए यह स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं होता कि उन्होंने दिवाली की धार्मिक पहचान बदलने के उद्देश्य से टिप्पणी की थी। फिलहाल इस मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व को निशाने पर लिया है और खरगे के कथित बयान को लेकर आपत्ति जताई है।

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